
कुछ परीक्षित आयुर्वेदिक नुस्खें, आजमाएं और लाभ प्राप्त करें Publish Date : 02/04/2026
कुछ परीक्षित आयुर्वेदिक नुस्खें, आजमाएं और लाभ प्राप्त करें
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
मोटापा नाशक नुस्खें
1. सौंफ, सोंठ, चव्य, विडंग और काला नमक। इस मिश्रण का दो गाम चूर्ण गाय के दूध के मटठे से नियमित सेवन करने से मोटापे से राहत प्राप्त होती है।
2. पिप्पली और हरड के चूर्ण को नियमित रूप से सेवन करने से मोटापे से छुटकार मिलता है।
3. काला जीरा, विडंग-नमक, को बारबर मात्रा में लेकर रात को पानी में भिगोना चाहिए और इसका चूर्ण बनाएं और इस चुर्ण का सेवन प्रतिदिन प्रातः काल खाली पेट करने से मोटापे की समस्या कम होती है। इसके साथ जिस पानी में यह भिगोया गया है उस पानी का भी सेवन करना चाहिए।
फैटी लिवर और हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल के लिए नुस्खाः

बयबिडंग, सोंठ, जवाखार, यवक्षार और आंवला चूर्ण सब सामग्रियों को बराबर मात्रा में लेकर इसका चूर्ण बना लें। इसके बाद इस चूर्ण को दिन में बार एक-एक चम्मच को छाछ के साथ सेवन करने से फैटी लीवर की समस्या कम होती है और कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी संतुलित बना रहता है।
मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा प्रदान करने वाला नुस्खाः
टमाटर, गाजर, मूली, आँवला, ब्रोकली और चुकन्दर आदि सभी सब्जियों को अपनी सुविधा के अनुसार इनके छोटे-छोटे पीस काट लें। इसके बाद इन सब्जियों को कुकर में एक सीटी आने तक उबालने के बाद अच्छी तरह से मैश कर लें और इनके ऊपर से थोड़ा सा पानी भी मिला लेना चाहिए।
इस प्रकार से तैयार इस मिश्रण में विडंग चूर्ण, कला नमक, पिप्पली चूर्ण, सैंधा नमक, भुना हुआ जीरा, पिसी हुई काली मिर्च और एक नींबू का रस मिलाकर प्रतिदिन गरम-गरम सेवन करने से आपकी पाचनशक्ति में सुधार होता है, पेट की गैस, अपच और अजीर्ण आदि के जैसी समस्याएं नहीं होती है। इसके अतिरिक्त इससे खून का शुद्विकरण होने के साथ ही शरीर में रक्त की कमी की पूर्ति भी होती है। इस प्रकार से तैयार किया गया सूप मोटापे को कम करने में भी सहायक होता है।
मधुमेह/डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए उपयोगीः

मधुमेह/डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए गिलोय, डोडा पनीर, कडुवा चिरायता, देशी बबूल की छाल, गूलर की पत्तियाँ, गोरखमुण्ड़ी और अर्जुन के पत्ते आदि समस्त सामग्री को बराबर मात्रा में लेकर इसे अधकुटा करने के बाद इसे आठ गुना पानी में भिगों दें। इसके बाद अगले दिन इसका काढ़ा बनाएं, जब पानी की मात्रा एक चौथाई रह जाए तो छान लेने के बाद इसे पुनः पकाना चाहिए। पकने पर जब यह गाढ़ा हो जाए तो इसमें घर की पिसी हुई हल्दी चूर्ण को मिलाकर इसकी एक-एक ग्राम की गोलियाँ बना लेनी चाहिए। इस प्रकार से बनाई गई यह गोलियाँ दो-दो गालियों की संख्या में सुबह और शाम को मेथी के पानी के साथ सेवन करने से मधुमेह का स्तर नियंत्रित रहता है और शुगर कंट्रोल करने के लिए यह एक रामबाण नुस्खा है।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
