हर्निया का आयुर्वेदिक उपाचार      Publish Date : 23/02/2026

           हर्निया का आयुर्वेदिक उपाचार

                                                                                                डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

हर्निया का आयुर्वेदिक उपचार मुख्य रूप से जड़ी-बूटियों, विशेष आहार और योग आदि के माध्यम से पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने और उन पर पड़ने वाले  दबाव को कम करने पर केंद्रित होता है। इसमें त्रिफला, अश्वगंधा, गुग्गुल और अरंडी के तेल का उपयोग सूजन कम करने और कब्ज को ठीक करने के लिए किया जाता है। हालांकि, यह उपचार केवल शुरुआती लक्षणों के लिए प्रभावी है; गंभीर हर्निया के लिए डॉक्टर की सलाह और सर्जरी भी आवश्यक हो सकती है।

हर्निया के लिए आयुर्वेदिक उपायः

                           

प्रभावी जड़ी-बूटियाँ: हरितकी, अश्वगंधा, और गुग्गुल आदि जड़ी बूटियाँ पेट के ऊतकों को मजबूती प्रदान करती हैं। त्रिफला का सेवन करने से पाचन सुधारने और कब्ज (जो पेट पर अतिरिक्त दबाव डालता है) से राहत पाने में मदद करता है।

अरंडी का तेलः अरंडी के तेल का उपयोग सूजन कम करने के लिए पेट पर पैक लगाने के रूप में किया जा सकता है।

हींग और करंजः इन जड़ी-बूटियों का उपयोग हर्निया की दर्दनाक सूजन के लिए किया जाता है।

एलोवेरा का रसः सूजन कम करने और पेट को आराम देने के लिए इसका नियमित रूप से सेवन करना भी लाभकारी हो सकता है।

आहार में उचित बदलावः समस्या से ग्रस्त लोगों को हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन ही ग्रहण करना चाहिए। फाइबर युक्त भोजन अधिक मात्रा में सेवन करें ताकि कब्ज न हो, जो आपके हर्निया के लक्षणों को बढ़ा सकता है।

हर्निया के लिए योग और प्राणायाम (पेट के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए):

आसनः हार्निया की समस्या से मुक्ति प्राप्त करने हेतु पवनमुक्तासन, नौकासन, अर्ध तितली आसन, हलासन, और पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास समस्या से राहत प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।

अपेक्षित सावधानीः इन आसनों को किसी विशेषज्ञ की सलाह और देखरेख में ही करें।

विशेष निर्देशः

यदि हर्निया के कारण असहनीय दर्द, उल्टी या गांठ का रंग बदलने जैसी समस्या हो, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें, वह आपको इसका सही उपचार बताएंगे।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।