बदलते मौसम के कुप्रभावों से बचाने में सहायक आयुर्वेदिक उपचार      Publish Date : 22/02/2026

बदलते मौसम के कुप्रभावों से बचाने में सहायक आयुर्वेदिक उपचार

                                                                                             डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

बदलते मौसम में सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण से बचने के लिए तुलसी-अदरक का काढ़ा, हल्दी वाला दूध, और शहद-सोंठ का सेवन करना सर्वाेत्तम रहता है। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए रोज सुबह गर्म पानी पिएं, अदरक-नींबू की चाय लें और गाय के घी का उपयोग करें। भाप लेना और हल्का भोजन करना भी शरीर को मौसमी बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है।

बदलते मौसम के लिए मुख्य आयुर्वेदिक उपायः

                               

तुलसी-अदरक काढ़ाः तुलसी, अदरक, काली मिर्च और शहद के मिश्रण उपयोग करना सर्दी-जुकाम के लिए एक रामबाण उपाय है, यह योग कफ को भी कम करता है।

हल्दी वाला दूधः हल्दी में मौजूद करक्यूमिन हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करता है और शरीर को अंदर से गर्म बनाए रखता है।

शहद और सोंठः कफ और गले की खराश के लिए सोंठ (सूखा अदरक) के साथ शहद को मिश्रित कर सेवन करना बहुत असरकारक प्रभाव देता है।

गुनगुना पानीः पूरे मौसम में गुनगुने पानी का सेवन करें, यह पाचन अग्नि को संतुलित रखता और मौसम के कुप्रभावों से भी बचाता है।

आयुर्वेदिक चायः बदलते मौसम के दौरान अदरक, तुलसी, दालचीनी या मुलेठी से बनी हर्बल चाय का सेवन करने से मौसमी बीमरियों से प्रभावी बचाव होता है।

भाप का लेनाः पानी में अजवाइन या नीलगिरी का तेल डालकर भाप लेने से बंद नाक और गले की खराश आदि समस्याओं में अविलम्ब राहत प्राप्त होती है।

कफ नाशक उपायः पीपली, गिलोय और अश्वगंधा का नियमित सेवन करना आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाता है।

आहार और जीवनशैलीः हल्का और ताजा गर्म भोजन का सेवन करना चाहिए। तले-भुने और ठंडे भोजन से परहेज करें। सुबह-शाम हल्के व्यायाम और योग को दिनचर्या में शामिल करने से अप्रत्याशित लाभ प्राप्त होता है।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।