कई गुणों से भरपूर गोरखमुंडी जड़ी-बूटी      Publish Date : 30/01/2026

              कई गुणों से भरपूर गोरखमुंडी जड़ी-बूटी

                                                                                                                                                    डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

गोरखमुंडी (Sphaeranthus indicus) एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो मुख्य रूप से चर्म रोगों, रक्त शोधन, मधुमेह प्रबंधन, यौन शक्ति बढ़ाने और गठिया के दर्द से राहत दिलाने में अत्यंत लाभकारी है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइग्रेन गुण सिरदर्द, पेट की समस्याओं, बवासीर और यकृत (लिवर) रोगों में भी राहत प्रदान करते हैं।

गोरखमुंडी औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है। यह सेहत से जुड़ी कई समस्याओं में लाभदायक है। प्राचीन काल से ही गोरखगुंडी का उपयोग कई स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए होता आ रहा है। इसकी जड़, छाल, पत्ते और फूल आदि सभी उपयोगी है। गोरखमुंडी के पत्ते में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण बीमारियों को दूर करने में मदद करते हैं। इसकी जड़ से बने चूर्ण का नियमित सेवन करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।

                                                      

इसका सेवन करने से वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। दूध के साथ इसका नियमित सेवन करने से भूख नियंत्रित रहती है, जिससे मोटापा धीरे-धीरे कम होने लगता है। गोरखगुंडी का सबसे बड़ा फायदा यह हैं कि इसके सेवन से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है, यान साफ करती है और रक्त शर्करा नियंत्रित करने में मदद करती है। यह रक्त की गुणवत्ता में सुधार करती है और एनीमिया (खून की कमी) में उपयोगी है। संक्रमणों के प्रति शरीर की प्रतिरक्षा को बढ़ाती है। गोरखमुंडी का तना और जड़ के पाउडर का नियमित रूप से मट्ठे के साथ सेवन करने से पाइल्स को दूर करने में मदद मिलती है। पित्ताशय की पथरी को खत्म करने में गोरखमुंडी काफी फायदेमंद है।

गोरखमुंडी के प्रमुख औषधीय लाभ:

त्वचा रोगों में रामबाण: गोरखमुंडी के पत्तों का लेप या रस दाद, खाज, खुजली और पुराने घावों को ठीक करता है।

रक्त शोधक (Blood Purifier): यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर खून साफ करती है, जिससे मुंहासे और चर्म रोग दूर होते हैं।

मधुमेह (Diabetes) प्रबंधन: शोधों के अनुसार, यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करती है और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करती है।

गठिया और सूजन: गठिया (Gout/Sandhirog) और जोड़ों के दर्द में इसके पेस्ट का लेप फायदेमंद है, क्योंकि यह सूजन कम करती है।

पाचन और बवासीर: यह पाचन तंत्र को मजबूत करती है, अपच, पेट के कीड़े और बवासीर (Piles) के इलाज में मदद करती है।

मस्तिष्क के लिए टॉनिक: यह दिमाग को ठंडा रखती है और माइग्रेन (सिरदर्द) में राहत दिलाती है।

यौन स्वास्थ्य: यह यौन शक्ति को बढ़ाने और प्रजनन प्रणाली के स्वास्थ्य को सुधारने में सहायक मानी जाती है।

अन्य फायदे: पीलिया, खांसी, अस्थमा, और मूत्र संबंधी विकारों में भी यह लाभदायक है।

सावधानी: गोरखमुंडी का उपयोग करने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।