
स्वास्थ्य के लिए नागबला के लाभ एवं इसके उपयोग Publish Date : 17/01/2026
स्वास्थ्य के लिए नागबला के लाभ एवं इसके उपयोग
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
नागबला का पौधा अपने औषधीय गुणों के कारण जाना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार कई बीमारियों के इलाज में इसका उपयोग किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल से जुड़े रोगों और पेट की बीमारियों के इलाज में नागबला बहुत ही कारगर सिद्व होती है। इस लेख में हम आपको नागबला के फायदे, उपयोग और औषधीय गुणों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
नागबला क्या है?

नागबला के गुणों के बारे में तो आगे हम आपको बता रहे हैं पहले जानते हैं कि नागबला है क्या और आप इसकी पहचान कैसे कर सकते हैं। बरसात के दिनों में यह पौधा खेतों के किनारे मेड़ों पर अपने आप उग जाता है। झाडीनुमा यह पौधा जमीन पर सांप की तरह फैला हुआ होता है, इसी वजह से इसे नागबला कहा जाता है। इस पौधे की जड़ें और तना काफी मजबूत होता है और ये आसानी से टूटते नहीं हैं।
अन्य भाषाओं में नागबला के नाम
नागबला का वानस्पतिक नाम Sida acuta Burm.f. (सिडा एक्युटा) है, यह Tiliaceae कुल का पौधा है। अन्य भाषाओं में नागबला के नाम इस प्रकार है-
Hindi : गुर-शुक्री, कुकुरबीचा, श्री-गुर-सुक्री, कुकुरांड;
Sanskrit : नागबला, झषा, अरिष्टा, ह्स्वगवेधुका, महाशाखा, गौरक्षतण्डुला, खरगन्धा, चतुपला, महोदया, महापत्रा, महाफला, महागन्धा, खण्डा, खर्वा, विश्वदेवी;
Odia : कुलो (Kulo), सोनारंगा (Sonaranga);
Urdu : ककेरून्देहरूमी (Kakerundehrumi);
Asami : हुकटापाटा (Huktapata)
Kannad : चीक्कुडीपे (Chikkudipe), उडीप्पे (Udippe)
Tamil : तवीडा (Tavida);
Telugu : बिदरचीपुरा (Bidarchipura), बुद्दा (Buddha);
Bengali : गोवाली (Govali), गोवली (Govli);
Marathi : गोवली (Govali)
Arabi : कमेफेतुसा (Kamefetusa);
Persian : कराफासरूमी (Karafasrumi)
नागबला के औषधीय गुण
- यह मधुर, अम्ल, कषाय, उष्ण, गुरु, रुक्ष, तीक्ष्ण, वातपित्तशामक,वृष्य, बल्य, रसायन, बृंहण तथा पुंसत्त्ववर्धनी है।
- नागबला व्रण, मूर्च्छा, मोह, रक्तपित्त, क्षय, क्षतक्षीण, कुष्ठ, दाह तथा ज्वरनाशक होती है।
नागबला के फायदे और उपयोग
आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का कहना है कि नागबला बुखार, घाव या त्वचा रोगों के इलाज में सहायक है। आइये जानते हैं कि ऐसी कौन सी बीमारियाँ है, जिनके घरेलू इलाज के रूप में नागबला का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सर्दी-जुकाम में उपयोगी है नागबला
मौसम में बदलाव होने पर या ठंडी चीजों का सेवन कर लेने पर अक्सर लोग जुकाम से पीड़ित हो जाते हैं। आयुर्वेद में बताए गए कुछ घरेलू उपचारों की मदद से आप जुकाम से आराम पा सकते हैं। नागबला की मदद से भी आप सर्दी जुकाम से आराम पा सकते हैं। इसके लिए नागबला की पत्तियों का रस नाक में डालने से और इसकी पत्तियों का सेवन करें।
स्तनों के दर्द से राहत दिलाता है नागबला
नागबला की पत्तियों को हल्का गर्म करने स्तनों पर रखने या वहां बाँधने से स्तनों में होने वाले दर्द से आराम मिलता है। अगर स्तनों में दर्द बहुत ज्यादा हो तो नजदीकी डॉक्टर के पास जाकर अपनी जांच करवाएं।
दिल की बीमारियों के इलाज में सहायक है नागबला
दिल की बीमारियों के मरीजों के लिए नागबला काफी उपयोगी है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर आप रोजाना 3-5 ग्राम नागबला की जड़ के चूर्ण का सेवन ढूढ़ के साथ करें तो इससे दिल के रोगों के लक्षणों में कमी आती है। एक महीने तक इसका सेवन करने से शरीर की कमजोरी दूर होती है।
दस्त रोकने में मदद करता है नागबला
अगर आप दस्त से परेशान हैं तो नागबला का उपयोग करें, यह दस्त को रोकने में कारगर है। विशेषज्ञों के अनुसार दस्त होने पर नागबला के फल और जड़ के चूर्ण का सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से पेचिश में भी आराम मिलता है।
बवासीर के इलाज में नागबला के फायदे :
कब्ज की समस्या से परेशान मरीजों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। इसे अनदेखा करने पर और समय रहते इलाज ना करवाने से आगे चलकर बवासीर की समस्या हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि आप खानपान में बदलाव लाएं और घरेलू उपचारों की मदद से इसे ठीक करें। विशेषज्ञों का मानना है कि नागबला की जड़ और पत्तियों के चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ सेवन करें या इसका काढ़ा बनाकर पिएं। इससे बवासीर में फायदा मिलता है।
प्लीहा को बढ़ने से रोकता है नागबला :
नागबला में ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो प्लीहा को बढ़ने से रोकते हैं। नागबला की पत्तियों का पेस्ट बनाकर सेवन करें या इन पत्तों को हल्का गर्म करने प्लीहा वाले हिस्से पर रखें। ऐसा करने से प्लीहा वृद्धि की समस्या में लाभ मिलता है।
गठिया के इलाज में लाभ पहुंचाता है नागबला :
उम्र बढ़ने के साथ ही जोड़ों में दर्द होना एक सामान्य समस्या है। ऐसे कई आयुर्वेदिक घरेलू इलाज हैं जिनकी मदद से आप गठिया या आर्थराइटिस की समस्या में आराम पा सकते हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का कहना है कि नागबला गठिया के इलाज में काफी कारगर है। इसके लिए नागबला की पत्तियों का पेस्ट बना लें और जहाँ दर्द हो रहा हो उन जोड़ों पर लगाएं। इससे जल्दी आराम मिलता है। इसी तरह इन पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीने से भी गठिया में फायदा मिलता है।
टीबी के इलाज में लाभदायक है नागबला :
आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार नागबला में ऐसे औषधीय गुण हैं जो टीबी के इलाज में बहुत मदद करते हैं। अगर आप टीबी के मरीज हैं तो नीचे बताए गए तरीकों से नागबला का उपयोग करें। खुराक संबंधी अधिक जानकारी के लिए नजदीकी आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।
- रोजाना सुबह नागबला की जड़ के चूर्ण को शहद और घी के साथ मिलाकर खाएं।
- जौ, नागबलामूल, अश्वगंधामूल, तिल, गुड़ और उड़द चूर्ण की बराबर मात्रा लें और दूध के साथ रोजाना सुबह इसका सेवन करें। इससे टीबी में फायदा मिलता है और शरीर की ताकत बढ़ती है।
- अर्जुन त्वक्, नागबला मूल और केवाँच बीज के चूर्ण का क्षीरपाक करके शहद, घी एवं मिश्री के साथ मिलाकर सेवन करें। यह टीबी और खांसी दोनों के इलाज में असरकारक है।
- कर्कट शृंगी, अर्जुन त्वक्, अश्वगंधा, नागबला, पुष्करमूल, हरीतकी और गुडूची से निर्मित चूर्ण का चिकित्सक द्वारा बताई गई मात्रा में सेवन करें।
नाक-कान से खून बहने की समस्या में फायदेमंद है नागबला :
गर्मियों के मौसम में कई लोगों को नाक-कान से खून बहने की समस्या होने लगती है। इस समस्या को आयुर्वेद में रक्तपित्त कहा गया है। इसके इलाज के लिए आप नागबला का उपयोग कर सकते हैं। नागबला चूर्ण का सेवन शहद के साथ मिलाकर करने से यह समस्या ठीक होती है।
वीर्य की गुणवत्ता में सुधार लाता है नागबला :
आयुर्वेद के अनुसार अगर आप नियमित रूप से नागबला की जड़ी के चूर्ण का सेवन दूध के साथ करें तो इससे वीर्य को पोषण मिलता है और उसकी गुणवत्ता में सुधार आता है।
नागबला के उपयोगी भाग :
आयुर्वेद के अनुसार नागबला की जड़ें, पत्तियां और पञ्चांग सेहत के लिए उपयोगी हैं।
नागबला का इस्तेमाल कैसे करें :
अगर आप किसी बीमारी के घरेलू इलाज के रूप में नागबला का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लेने के बाद ही उपयोग करें।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
