
नाभि में अरंडी के तेल लगाने के लाभ Publish Date : 09/11/2025
नाभि में अरंडी के तेल लगाने के लाभ
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
आजकल की व्यस्त जीवनशैली में हमारी महिलाएं कई बार अपनी छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन आयुर्वेद में ऐसे कई आसान और असरदार उपाय बताए गए हैं, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के आपके शरीर को लाभ पहुंचा सकते हैं। ऐसा ही एक उपाय नाभि में अरंडी के तेल में भीगी रूई रखना है। यह उपाय दिखने में भले ही छोटा और साधारण सा लगे, लेकिन इसके लाभ जानकर आप भी कहेंगे, काश यह हमने इसे पहले ही आजमाया होता। जी हां, अरंडी का तेल, जिसे आमतौर पर कैस्टर ऑयल के नाम से भी जानते हैं। इसमें कई तरह के औषधीय गुण होते हैं। इसे नाभि पर लगाने से शरीर को कई तरह के लाभ प्राप्त हो सकते हैं।
तेल एक, लाभ अनेक
हामरे आयुर्वेद कंसल्टेंट डॉ0 सुशील शर्मा के अनुसार, ‘‘नाभि, हमारे शरीर का जरूरी मर्म स्थान है और यहां से पूरे शरीर में ऊर्जा और पोषण का संचार होता है। यह आसान उपाय आपको कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है।
इसके लिए आपको केवल एक छोटा-सा रूई का टुकड़ा लेना है और इसे अरंडी के तेल में भिगोना है। इसे तेल से भीगी हुई रूई क अपनी नाभि में रखें। इसे रात-भर इसे लगा रहने दें ताकि तेल पूरी तरह से अवशोषित हो सके। सुबह इस रूई को हटा दें।’’
नाभि का महत्व

आयुर्वेद में नाभि को “प्राण आयतन” कहा गया है। यहां शरीर की कई ब्लरड वेसल्स और नर्वस सिस्टम आपस में जुड़ते हैं। जब आप अरंडी के तेल में डूबी रूई को इस स्थान पर लगाते हैं, तब इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। अरंडी के तेल की अवशोषण क्षमता बहुत अच्छी होती है, जिससे शरीर को प्राकृतिक पोषण और संतुलन मिलता है।
पेट से जुड़ी समस्याओं में राहत
अगर आपको अक्सर गैस, ब्लोटिंग या कब्ज की समस्या रहती है, तो यह अरंडी के तेल में डूबी रूई नाभि में रखना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यह पेट में जमा गैस को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे पेट हल्का महसूस होता है।
यह शरीर से वात और कफ को शांत करता है, जिससे पेट की समस्याएं कम होती हैं। नाभि में अरंडी का तेल लगाने से आंतों की नमी बनी रहती है, जिससे मलत्याग आसान होता है।
पीसीओडी में फायदेमंद
कई आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का मानना है कि नाभि में अरंडी का तेल लगाने से पीसीओडी (POCD) जैसी हॉर्मोनल समस्याओं में भी कुछ हद तक राहत मिल सकती है, क्योंकि यह शरीर के अंदरूनी संतुलन को बेहतर बना सकता है।
त्वचा और बालों की देखभाल
अरंडी का तेल त्वचा के लिए प्राकृतिक मॉइश्चराइजर की तरह काम करता है। यह ढीली पड़ रही त्वचा में कसाव ला सकता है। नाभि में इसे लगाने से यह पूरे शरीर में पोषण पहुंचाता है, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है और वह मुलायम व चमकदार दिखती है।नाभि में तेल लगाने से शरीर को अंदर से ठंडक मिलती है, जिससे बाल हेल्दी और मजबूत होते हैं।
सावधानियां
यह उपाय करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। प्रेग्नेंट और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं को इस उपाय को आजमाने से बचना चाहिए।
यह उपाय बहुत ही असरदार है, क्योंकि अरंडी के तेल में अवशोषण की क्षमता बहुत अच्छी होती है। इस उपाय को एक महीने तक रेगुलर करने से आपको फर्क महसूस होने लगेगा।
अगर आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप हमें अपनी समस्या लिखकर भेज सकते हैं और हम अपने आर्टिकल्स के माध्यम से आपकी समस्या को हल करने का प्रयास करेंगे।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
