
फिट और तनावमुक्त रखता है: गरुड़ासन Publish Date : 08/08/2025
फिट और तनावमुक्त रखता है: गरुड़ासन
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने के लिए योग बहुत ही आसान और लाभकारी तरीका हो सकता है। योग क्रिया के अन्तर्गत शरीर के प्रत्येक हिस्से के लिए अलग-अलग योगासन होते हैं। अतः प्रतिदिन थोड़ा समय योग के लिए निकालने से न सिर्फ शरीर मजबूत होता है बल्कि दर्द, थकान, तनाव और बीमारी में भी आपको आराम मिलता है। यह दवाइयों से बचने का एक अच्छा तरीका हो सकता है। बच्चे, बड़े और बुजुर्ग आदि सभी आयु वर्ग के लोग योग कर सकते हैं। ऐसा ही एक आसन है गरुड़ासन।
इस आसन का नाम पौराणिक कथाओं में पक्षियों के राजा नाम से विख्यात ‘गरुड़’ के नाम पर रखा गया है। इस आसन को करते समय गरुड़ के जैसी मुद्रा बनानी होती है, इसलिए ही इस आसन को गरुड़ासन कहते हैं। अंग्रेजी में इसे ‘ईगल’ पोज कहा जाता है।

कई बालीवुड सितारों की योग प्रशिक्षक अंशुका परवानी के अनुसार, गरुड़ासन आसन को करने के लिए पहले आप ताड़ासन मुद्रा में आराम से खड़े हो जाएं। इस दौरान आप सामान्य रूप से सांस लेते रहें। अब अपने घुटनों को थोड़ा मोड़ें और दोनों हाथों को अपने सामने की ओर लाएं। अब पूरे शरीर का संतुलन दाएं पैर पर लें और बाएं पैर को ऊपर की ओर उठाएं। इसके बाद बाएं पैर को दाई ओर के आगे से घुमाते हुए पीछे की ओर ले जाएं। इस स्थिति में बांह जैसा, दाई बांह के ऊपर की ओर रहेगी। इसके बाद आपको दोनों बाजुओं को कोहनी से मोड़ते हुए बैंस करना है। इस दौरान बाई बाजू को दाई बाजू के ऊपर रखना है। फिर आपको दोनों हथेलियों को नमस्कार मुद्रा में लाने की कोशिश करनी है।
जब तक संभव हो इस मुद्रा में रहें और धीरे-धीरे अपनी प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं। इस तरह गरुड़सन के तीन से पांच चक्र किए जा सकते हैं। लेकिन यह बात ध्यान रहे कि अगर आप लो ब्लड प्रेशर के मरीज है या फिर किसी को घुटनों में चोट है या भयंकर दर्द है, उस स्थिति में इस आसन को न करें। गरुड़ासन बाजुओं की मांसपेशियों को मजबूत करता है और लचीलेपन को बढ़ता है। इसके अभ्यास से शरीर के ऊपरी हिस्से, जैसे गर्दन, कंधों और पीठ के दर्द से राहत मिलती है और तनाव भी दूर होता है। इससे संतुलन और स्थिरता में मदद मिलती है और ध्यान और मानसिक एकाग्रता में सुधार होता है। यही नहीं, इस आसन से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। यूरीन संबंधी समस्याओं से निजात दिलाने में यह आसन मददगार है। पुरुषों के लिए यह आसन लाभकारी है, साथ ही यह आसन मानव प्रजनन अंगों के लिए भी लाभकारी रहता हैं।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
