तकनीक की सहायता से घुटनों और कूल्हों के दर्द से पाएं छुटकारा      Publish Date : 14/09/2026

तकनीक की सहायता से घुटनों और कूल्हों के दर्द से पाएं छुटकारा

                                                                                                 डॉ0 युवराज चौधरी एवं मुकेश शर्मा

अब घुटने और कूल्हे में दर्द के शुरू होने के बाद आपको बाकी की जिंदगी दर्द में ही गुजारने की जरूरत नहीं है। अब आधुनिक मेडिकल तकनीक की सहायता से अब घुटनों एवं कूल्हों के दर्द के इलाज में बहुत सटीक और बेहतरीन विकल्प उपलब्ध हैं। इसी के सम्बन्ध में हमारे हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ0 युवराज चौधरी आपको बता रहे हैं, घुटनों एवं कूल्हों के इलाज के एडवांस्ड उपचार के बारे में विस्तार से।

1) अब केवल घुटनों की सर्जरी ही नहीं, बल्कि थेरेपी और टेक्नोलॉजी के साथ भी किया जा सकता है इसका समाधानः

हंस हॉस्पिटल, मेरठ में मौजूद आधुनिक तकनीकों और समर्पित विशेषज्ञों की टीम घुटनों की हर समस्या के मरीज की स्थिति, उसकी उम्र और जीवनशैली के अनुसार उनका उपचार करती है। यहां नैचुरल नी प्रिजर्वेशन यानी ऑस्टियोटॉमी, प्लाज्मा थेरेपी और फिजियोथेरेपी जैसे अन्य विकल्पों की मदद से कई मरीज बिना सर्जरी भी राहत पा रहे हैं।

2) घुटने का आंशिक रिप्लेसमेंट यानी सिर्फ घुटने के खराब हिस्से को बदलनाः

वर्तमान समय में मरीज घुटने के केवल खराब हिस्से को ही बदल कर मरीज को आराम दिया जा सकता है तो फिर पूरा घुटना बदलने की जरूरत ही क्यों? यह सूक्ष्म सर्जरी मरीज को छोटी सर्जरी के लाभ जैसे कम हॉस्पिटल में रुकने की जरूरत और जल्द रिकवरी में मदद करती है और मरीज जल्दी ही अपने पैरों पर दर्द मुक्त चल पाने में सक्षम हो जाता है।

3) घुटने की रोबोटिक सर्जरी है घुटने के दर्द का सम्पूर्ण समाधानः

अनुभवी सर्जन जब मरीज की रोबोटिक तकनीक से घुटने की सर्जरी करते हैं तो मरीज को बेहद शानदार नतीजे भी मिलते हैं और सिर्फ सर्जरी के लिए एक बार हॉस्पिटल आने की जरूरत के साथ बिना दर्द एवं टॉक के चलने-फिरने की पूरी आजादी जैसे लाभ प्राप्त होते हैं।

4) डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच (DAA) एव हिप नेविगेशन मशीन का साथ यानि छोटे चीरे की सहायता से कूल्हे की सटीक सर्जरी सम्भव

कोविड के दौरान अधिक दिनो तक स्टेरोयड लेने की वजह से बहुत से लोगो को कूल्हे में दर्द एव जकड़न की समस्या होती है। जिसको (A.V.N.) कहा जाता है। ऐसे में डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच से छोटे धीरे से सर्जरी करके इसका समाधान किया जा सकता है।

अगर आपको घुटनों या कूल्हों (हिप) में चलने, बैठने या सीढ़ियां चढ़ते समय समस्या हो रही है, तो इसे अनदेखा बिलकुल भी ना करें। इसका शुरुआत मे ही इलाज कराने से बड़ी सर्जरी से बचा जा सकता है। इसलिए अब अपने मरीज के बेहतर इलाज के लिए जल्द से जल्द हमसे संपर्क करें।

हंस हॉस्पिटल में उपलब्ध हैः

हंस हॉस्पिटल में एडवांस्ड रोबोटिक एवं मिनी-इन्वेसिव जॉइंट रिप्लेसमेंट सेंटर आदि की सुविधाएं उपलब्ध हैं। 300 ठडज्, 500 से अधिक सफल ट्रांसप्लांट सर्जरी और 1,000$ सर्जरी के अनुभव के साथ यह कैंसर की अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करता है। PET-CT स्कैन जैसी आधुनिक तकनीकें मरीजों को सही समय पर सटीक इलाज देने का काम करती हैं।

लेखकः डॉ0 युवराज चौधरी, निदेशक, हंस मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल, कंकर खेड़ा मेरठ।