
हृदय रोगों के लिए प्रमुख रूप से उपयोग की जाने वाली दवाएँ Publish Date : 30/08/2026
हृदय रोगों के लिए प्रमुख रूप से उपयोग की जाने वाली दवाएँ
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
हृदय रोग से पीड़ित अधिकांश लोग इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इनमें से कम से कम एक दवा का सेवन आवश्य ही करते रहे होंगे। हृदय रोग के उपचार में कई अलग-अलग दवाओं का उपयोग किया जाता है, जिनमें एल्डोस्टेरोन एंटागोनिस्ट, अल्फा ब्लॉकर्स, अल्फा-बीटा ब्लॉकर्स, एंटीकोएगुलेंट्स, एंटीप्लेटलेट्स, एंजियोटेंसिन-कन्वर्टिंग एंजाइम इनहिबिटर्स (ACEIs), एंजियोटेंसिन 2 रिसेप्टर ब्लॉकर्स (ARBs), बीटा ब्लॉकर्स, कैल्शियम चौनल ब्लॉकर्स, मूत्रवर्धक और डिगॉक्सिन शामिल हैं। उदाहरण के लिएः
एल्डोस्टेरोन विरोधी दवाएं:
- एप्लेरेनोन (इंस्प्रा)।
अल्फा ब्लॉकर्सः
- डॉक्साज़ोसिन (कार्डुरा)।
- प्राज़ोसिन (मिनीप्रेस)।
अल्फा-बीटा ब्लॉकर्सः
- कार्वाडिलोल (कोरेग)।
- लेबेटालोल (ट्रैंडेट)।
एंटीकोएगुलेंटः
- एपिक्सैबन (एलिक्विस)।
- द बिगाट्रान (प्रदाक्सा)।
- एडोक्साबान (सवेसा)।
- एनोक्सापारिन (लोवेनॉक्स)।
- हेपरिन।
- रिवरोक्साबान (ज़ारेल्टो)।
- वारफारिन (कौमडिन, जांटोवेन)।
एंटीप्लेटलेट एजेंटः
- एस्पिरिन।
- क्लोपिडोग्रेल (प्लाविक्स)।
- डिपिरिडामोल (पर्सेंटाइन)।
- प्रसुग्रेल (एफ़िएंट)।
- टिकैग्रेलोर (ब्रिलिंटा)।
एंजियोटेंसिन-कनवर्टिंग एंजाइम (ACE) अवरोधकः
- बेनाज़ेप्रिल (लोटेन्सिन)।
- कैप्टोप्रिल (कैपोटेन)।
- एनालाप्रिल (वासोटेक)।
- फ़ोसिनोप्रिल (मोनोप्रिल)।
- लिसिनोप्रिल (प्रिनिविल)।
- मोएक्सीप्रिल (यूनिवास्क)।
- पेरिनडोप्रिल (एसीऑन)।
- क्विनाप्रिल (एक्यूप्रिल)।
- रैमिप्रिल (अल्टेस)।
- ट्रैंडोलाप्रिल (माविक)।
एंजियोटेंसिन 2 रिसेप्टर ब्लॉकर्स (एआरबी):
- एज़िलसार्टन (एडरबी)।
- कैंडेसार्टन (अटाकैंड)।
- एप्रोसार्टन (टेवेटेन)।
- इरबेसारटन (एवाप्रो)।
- लोसार्टन (कोजार)।
- ओल्मेसार्टन (बेनिकार)।
- वाल्सार्टन (डायोवन)।
- एंजियोटेंसिन रिसेप्टर-नेप्रिल्सिन अवरोधक (एआरएनआई)।
- सैक्यूबिट्रिल/वलसार्टन (एंट्रेस्टो)।
बीटा ब्लॉकर्सः
- एसेबुटोलोल (सेक्ट्रल)।
- एटेनोलोल (टेनोर्मिन)।
- बीटाक्सोलोल (केरलोन)।
- बिसोप्रोलोल (जेबेटा)।
- बिसोप्रोलोल/हाइड्रोक्लोरोथियाजाइड (जियाक)।
- मेटोप्रोलोल (टोप्रोल-एक्सएल)।
- नाडोलॉल (कॉर्गार्ड)।
- प्रोप्रानोलोल (इंडेरल एलए)।
- सोटालोल (बीटापेस)।
कैल्शियम चैनल अवरोधकः
- एमलोडिपाइन (नोरवास्क)।
- डिल्टियाज़ेम (कार्डिज़ेम)।
- फेलोडिपाइन (प्लेन्डिल)।
- निफेडिपाइन (प्रोकार्डिया)।
- निमोडिपाइन (निमालाइज)।
- निसोलडिपाइन (सुलर)।
- वेरापामिल (वेरेलन)।
केंद्रीय रूप से कार्य करने वाले कारकः
- क्लोनिडीन (कैटप्रेस)।
- मेथिल्डोपा।
कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाएं:
स्टेटिन दवाएं, जैसे कि एटोरवास्टेटिन (एटोरवालिक, लिपिटर), फ्लूवास्टेटिन (लेसकोल), लोवास्टेटिन (एल्टोप्रेव), पिटावास्टेटिन (लिवलो), प्रवास्टेटिन (प्रवाचोल), रोसुवास्टेटिन (क्रेस्टर) और सिमवास्टेटिन (जोकोर)।
निकोटिनिक अम्ल, जैसे कि नियासिन, कोलेस्ट्रॉल अवशोषण अवरोधक, जैसे कि एज़ेटिमिब (ज़ेटिया), संयोजन एजेंट, जैसे कि एज़ेटिमिब/सिमवास्टैटिन (वाइटोरिन) और एज़ेटिमिब/रोसुवास्टैटिन (रोज़ेट) आदि।
डिगॉक्सिन (डिजिटेक):
मूत्रवर्धक दवाएं (पानी की गोलियां):
थियाज़ाइड मूत्रवर्धक (हाइड्रोक्लोरोथियाज़ाइड, एचसीटीजेड), लूप मूत्रवर्धक (फ्यूरोसेमाइड, लैसिक्स) आदि।
पोटेशियम-बचाने वाले मूत्रवर्धक (स्पाइरोनोलेक्टोन, एल्डैक्टोन) आदि।
रेनिन अवरोधक दवाएं:
- सपेापतमद (Tekturna),
वाहिका विभाजक दवाएं:
- हाइड्रालाज़ीन (एप्रसोलिन)।
- आइसोसोर्बाइड डाइनाइट्रेट (आइसोक्रोन)।
- आइसोसोर्बाइड मोनोनिट्रेट (इमडुर)।
- नाइट्रोग्लिसरीन सबलिंगुअल (नाइट्रोस्टैट)।
- मिनोक्सिडिल आदि।
हालांकि आपके लिए इनमें से कौन सी दवाएं सबसे अच्छी रहेंगी, इस बारे में हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही दवाओं का सेवन करें।
लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
