
कैल्शियम, कैल्सिट्रिओल, विटामिन K2-7 का उपयोग Publish Date : 24/08/2026
कैल्शियम, कैल्सिट्रिओल, विटामिन K2-7 का उपयोग
डॉ0 युवराज चौधरी एवं अन्य
कैल्शियम, कैल्सिट्रिओल, विटामिन K2-7 को चिकित्सकीय रूप से पोषण संबंधी कमियों, ऑस्टियोपोरोसिस (कमजोर और भंगुर हड्डियां), ऑस्टियोमलेशिया (रिकेट्स), कैल्शियम की कमी, हाइपोपैराथाइरॉइडिज्म (पैराथाइरॉइड हॉर्मोन का निम्न स्तर) के इलाज के लिए अनुमोदित किया गया है।
कैल्शियम, कैल्सिट्रिओल और विटामिन K2-7 के लाभ
यह पोषण संबंधी कमियों, ऑस्टियोपोरोसिस (कमजोर और भंगुर हड्डियां), ऑस्टियोमलेशिया (रिकेट्स), कैल्शियम की कमी, हाइपोपैराथाइरॉइडिज्म (पैराथाइरॉइड हॉर्मोन का निम्न स्तर) के इलाज में मदद करता है।
कैल्शियम, कैल्सिट्रिओल और विटामिन K2-7 किस प्रकार दिए जाते हैं?
कैल्शियम, कैल्सिट्रिओल और विटामिन K2-7 का सेवन चिकित्सक के निर्देशानुसार करना चाहिए। इसे भोजन के साथ या बिना भोजन के लिया जा सकता है। गोली को एक गिलास पानी के साथ पूरा निगल लें। गोली को चबाने, तोड़ने या कुचलने से बचें।
कैल्शियम, कैल्सिट्रिओल और विटामिन K2-7 के दुष्प्रभाव
कैल्शियम कैल्सिट्रिओल, विटामिन K2-7 के साथ उपचार के दौरान अनुभव किए जाने वाले सामान्य दुष्प्रभाव कब्ज, पेट खराब होना, सिरदर्द, मतली, उल्टी, भूख न लगना, मूड में बदलाव, तेज दिल की धड़कन, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी या थकान आदि की शिकायत हो सकती है।
चेतावनी
यदि इनमें से कोई भी लक्षण आपको परेशान करे या बना रहे तो अपने डॉक्टर को सूचित करें। यदि आपको कैल्शियम, कैल्सिट्रिओल, विटामिन K2-7 या इसके किसी भी घटक से अतिसंवेदनशीलता हो तो अपने डॉक्टर को सूचित करें।
सावधानियां
इस दवा से उपचार शुरू करने से पहले, अपने चिकित्सक को बताएं कि क्या आपको गुर्दे की पथरी, हाइपरविटामिनोसिस डी (विटामिन डी का उच्च स्तर), हाइपरकैल्सीमिया (कैल्शियम का उच्च स्तर), कुअवशोषण सिंड्रोम, हृदय, यकृत या गुर्दे की बीमारी है। यदि आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं, तो अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श लें। यह दवा बच्चों को केवल डॉक्टर के निर्देश पर ही दी जानी चाहिए।
विशेष सलाह
कैल्शियम, कैल्सिट्रिओल और विटामिन K2-7 का सेवन करते समय शराब का सेवन न करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह कैल्शियम के अवशोषण में बाधा डाल सकता है। हृदय की कार्यप्रणाली और सीरम इलेक्ट्रोलाइट स्तर की नियमित जांच कराने की सलाह दी जाती है। डायलिसिस रोगियों को अपने सीरम फास्फोरस स्तर को नियंत्रित करने के लिए कम फास्फेट वाला आहार लेने की सलाह दी जाती है। कैल्शियम, कैल्सिट्रिओल और विटामिन K2-7 लेते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, क्योंकि शरीर में कैल्शियम के बेहतर अवशोषण और उपयोग के लिए उचित जलयोजन महत्वपूर्ण है।
लेखकः डॉ0 युवराज चौधरी, निदेशक, हंस मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल, कंकर खेड़ा मेरठ।
