फिफ्थ डिजीज क्या है और क्या हैं इसके लक्षण      Publish Date : 20/04/2026

फिफ्थ डिजीज क्या है और क्या हैं इसके लक्षण

                                                                                                  डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

क्या आपके बच्चों के गाल पर दिखाई दे रहे हैं थप्पड़ जैसे निशान? यदि हाँ तो यह फिफ्थ डिजीज के लक्षण भी हो सकते हैं-

क्या है फिफ्थ डिजीज?

                                   

अगर बच्चों के गाल लाल-लाल से दिख रहे हैं या फिर उनके चेहरे पर थप्पड़ खाने के जैसे निशान नजर आ रहे हों, तो यह फिफ्थ डिजीज के लक्षण भी हो सकते हैं। आज की अपनी इस पोस्ट में हम अपने डॉक्टर दिव्यांशु सेंगर से इस समस्या के बारे में विस्तार से समझने का प्रयास करते हैं:-

Main Symptoms of Fifth Disease: छोटे बच्चों में इसका संक्रमण फैलने का खतरा काफी अधिक रहता है। जन्म के 5 साल तक बच्चे अक्सर किसी न किसी संक्रमण से प्रभावित होते ही रहते हैं, जिसमें फिफ्थ डिजीज (Fifth disease) भी शामिल होती है। ऐसा भी हो सकता है कि हममें से कई लोग इस इंफेक्शन के बारे में शायद जानते भी न हों। यह एक ऐसा संक्रमण है, जो बच्चों को अपनी चपेट में लेता है। इस संक्रमण की अधिक जानकारी के लिए हमने जिला अस्पताल मेरठ के मेडिकल ऑफिसर डॉ0 दिव्यांशु सेंगर से बातचीत की, तो आइए डॉक्टर से जानते हैं कि आखिर यह फिफ्थ डिजीज क्या है, इसके लक्षण और कारण क्या हैं?

फिफ्थ डिजीज क्या है?

फिफ्थ डिजीज, जिसे आम बोलचाल की भाषा में स्लैप्ड चीक सिंड्रोम (Slapped Cheek Syndrome) भी कहा जाता है, बच्चों में होने वाला एक सामान्य वायरल संक्रमण है। यह बीमारी पार्वोवायरस ठ19 इंफेक्शन के कारण होता है। यह वायरस मुख्य रूप से सांस की बूंदों के माध्यम से फैलता है यानी जब कोई संक्रमित बच्चा खांसता या छींकता है, तो उसके संपर्क में आने वाले बच्चों को भी यह संक्रमण हो सकता है।

5 से 15 वर्ष के बच्चों में होती है यह समस्या

डॉक्टर सेंगर कहते हैं कि यह बीमारी मुख्य रूप से 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों में अधिकता से देखने को मिलती है, क्योंकि इस उम्र में बच्चे स्कूल जाते हैं और एक-दूसरे के करीब रहते हैं, जिससे संक्रमण फैलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। हालांकि, यह बीमारी आमतौर पर हल्की होती है और ज्यादातर मामलों में बिना किसी गंभीर समस्या के अपने आप ही ठीक भी हो जाती है।

फिफ्थ डिजीज के लक्षणः

फिफ्थ डिजीज का सबसे प्रमुख लक्षण चेहरे पर दिखाई देने वाला लाल चकत्ता (Rash) होता है। इसके अलावा भी इसके कुछ अन्य लक्षण हो सकते हैं, जैसे- बच्चों के गाल अचानक बहुत लाल हो जाना, जैसे किसी ने थप्पड़ मारा हो। इसके बाद शरीर के अन्य हिस्सों, जैसे हाथ, पैर और धड़ पर जालीदार पैटर्न वाला रैश भी दिखाई दे सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं, जैसे-

  • हल्का बुखार।
  • नाक का बहना।
  • सिरदर्द और थकान, इत्यादि।

शुरूआत में यह लक्षण आम सर्दी-जुकाम जैसे लग सकते हैं, इसलिए शुरुआत में इसे पहचानना थोड़ा मुश्किल भी हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि जब तक रैश दिखाई देता है, तब तक इससे प्रभावित बच्चा आमतौर पर दूसरे बच्चों के लिए कम संक्रामक हो जाता है।

इस बीमारी की एक खास बात यह भी है कि रैश कभी-कभी दोबारा भी उभर सकता है। खासकर जब बच्चा धूप में जाए, गर्मी लगे या ज्यादा शारीरिक गतिविधि करे, तो रैश फिर से दिख सकता है। हालांकि. यह कोई गंभीर बात नहीं होती और धीरे-धीरे अपने आप ही ठीक भी हो जाती है।

फिफ्थ डिजीज का उपचार

डॉक्टर सेंगर कहते हैं कि फिफ्थ डिजीज का कोई विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है, क्योंकि यह एक वायरल संक्रमण है। इसलिए इसका उपचार मुख्य रूप से लक्षणों को कम करने पर ही आधारित होता है। बस आपको कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है, जैसे- बच्चों को आराम देना। पर्याप्त पानी पिलाना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से हल्की दवाएं देना काफी होता है।

किन बच्चों को फिफ्थ डिजीज का अधिक खतरा रहता है?

अधिकांश बच्चों में यह बीमारी बिना किसी जटिलता के ही ठीक हो जाती है। हालांकि, जिन बच्चों की इम्युनिटी कमजोर होती है या जिन्हें पहले से कोई गंभीर बीमारी है, उनमें डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है। कुल मिलाकर डॉक्टर का कहना है कि फिफ्थ डिजीज एक सामान्य और हल्की बीमारी है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं होती। सही देखभाल और साफ-सफाई का ध्यान रखकर इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।