
कैंसर ट्यूमर को सिकोड़ने वाली दवा Publish Date : 13/03/2026
कैंसर ट्यूमर को सिकोड़ने वाली दवा
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
ब्रिटेन के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के द्वारा हाल ही में कैंसर की एक नई दवा परीक्षण किया गया है, जिसके द्वारा एडवांस्ड प्रोटेस्ट कैंसर की समस्या से जूझ रहें पुरूषों के उपचार में काफी प्रभावी पाया गया है।
लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के विशेषज्ञों के द्वारा किए गए विश्लेषण में दावा किया गया है कि ‘‘वीआईआर-5500’’ दवाई न केवल कैंसर के संकेतकों (पीएसए लेवल) को कम करती है, बल्कि ट्यूमर को सिकोड़ भी रही है और कुछ मामलों में तो यह ट्यूमर को खत्म भी कर रही है।

चुनौति और नई आशाएं: प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, केवल ब्रिटेन में ही प्रतिवर्ष औसतन 12 हजार पुरूष इस रोग के चलते अपनी जान गवां देते हैं। अभी तक प्रोटेस्ट कैंसर को ‘इम्यून-कोल्ड’ माना जाता था, जिसका अर्थ यह है कि इस रोग पर इम्यूनोथेरेपी का भी कोई प्रभाव नहीं होता था, परन्तु इस नई दवाई ने इस धारणा को काफी हद तक बदल दिया है।
इस दवाई को ‘टी-सेल एंगेजर’ कहा जाता है। दरअसल मानव के शरीर में ‘टी-सेल’ होते है, जो कि बीमारियों से लड़ते हैं। नई ऐसी सेल्स को पकड़कर सीधे कैंसर सेल (ट्यमर) के पास लेकर जाती है।
क्यों विशेष है नई दवाः यह दवा केवल ट्यमर के अन्दर ही सक्रिय होती है। चूँकि अपनी इस क्रिया के चलते यह दवा शरीर के अन्य हिस्सों को हानि नहीं पहुँचाती है, इसलिए मरीजों को जलन या सूजन के जैसी समस्याओं समाना भी नहीं करना पड़ता है। इस नई दवा का परीक्षण एक हजार से अधिक पुरूष मरीजों पर किया गया है, यह सभी वे मरीज थे, जिनके ऊपर लगभग समस्त उपचार अप्रभावी सिद्व हो जुके थे।
पीएसए लेवल में गिरावटः
प्रोटेस्ट कैंसर की जांच के दौरान पीएसए लेवल देखा जाता है। हाई डोज लेने वाले 82 प्रतिशत पुरूषों का पीएसए लेवल आधा पाया गया। वहीं, 29 प्रतिशत मरीजों के पीएसए लेवल में 99 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई जो कि लगभग कैंसर सं मुक्त होने के जैसा ही है। इस दौरान सबसे अधिक चौंकाने वाला मामला तो एक 63 वर्षीय मरीज का रहा, जिसका कैंसर उसके लिवर तक फेल चुका था
नई दवाई के 6 चक्रों के बाद, उस मरीज के लिवर में मौजूद कैंसर समस्त घाव पूरी तरह से ठीक हो गए थे। इस दौरान लगभग 88 प्रतिशत मरीजों में इस दवा बहुत ही हल्के साइड इफेक्ट्स देखे गए, जिसके चलते यह दवा भविष्य में कैंसर के उपचार के लिए एक सुरक्षित विकल्प का दर्जा प्रदान करती है।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक हजार से अधिक मरीजों पर नई दवा परीक्षण किया है।
- यह दवा ट्यूमर के अन्दर ही सक्रिय होती है, इसलिए इसके साइड इफेक्ट्स भी कम होते हैं।
चिकित्सा की दुनिया की नई उम्मीद

स्वाथ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस दवा के यह नतीजे केवल शुरूआती स्तर के हैं, लेकिन इस दवा ने चिकित्सा की दुनिया में नई आशाओं का संचार किया है। अब विशेषज्ञ इस दवा का परीक्षण बड़े स्तर पर तथा अलग-अलग बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर भी करने की योजना बना रहे हैं।
ऐसे में यदि बड़े परीक्षण के दौरान भी इस दवा के नतीजे ऐसे ही रहे तो प्रोटेस्ट कैंसर के रोगियों के लिए जाने जाने का डर गुजरे जमाने की बात हो सकता है। इसके साथ ही अब यह एक ऐसी बीमारी होगी जिसे मानव का शरीर अपनी अंदरूनी शक्ति के द्वारा ही हरा सकेगा। इस नई दवाई ने मरीजों के अंदर भी उम्मीद की एक किरण का संचार किया है। भविष्य में यह नई दवा लाखों पुरूषों के जीवन को बदल सकती है। इसके साथ ही यह दवा चिकित्सा की दुनिया में एक क्रॉन्तिकारी कदम साबित हो सकती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञः
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के द्वारा प्राप्त परिणामों को बेहतर बताया गया है और कहा है कि यह दवा लम्बे समय तक सेवन करने से कैंसर के पूर्ण उपचार की दिशा में एक बड़ा कदम सबित हो सकती है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
