
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के लिए पारम्परिक उपचार Publish Date : 01/03/2026
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के लिए पारम्परिक उपचार
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन) के लिए मुख्य रूप से एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग किया जाता है, जैसे कि नाइट्रोफ्यूरेंटोइन (Macrobid) सिप्रोफ्लोक्सासिन, लेवोफ्लोक्सासिन और को-ट्राइमोक्साज़ोल आदि। ये दवाएं बैक्टीरिया को मारकर संक्रमण को ठीक करती हैं। हालांकि यह आवश्यक है कि हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही इन दवाओं का सेवन करें क्योंकि एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स करना जरूरी होता है।
यूटीआई के लिए आमतौर पर सुझाई जाने वाली अंग्रेजी दवाएं:
प्रथम-पंक्ति (First-line) एंटीबायोटिक्सः
नाइट्रोफ्यूरेंटोइन (Nitrofurantoin/Macrobid): यह सबसे आम और असरदार एंटीबायोटिक है, विशेष रूप से निचले मूत्र पथ के संक्रमण के लिए।
ट्राइमेथोप्रिम/सल्फामेथोक्साज़ोल (Trimethoprim/Sulfamethoxazole & Bactrim): इन्हें सामान्य यूटीआई के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
फॉस्फोमाइसिन (Fosfomycin – Monurol): अक्सर एक खुराक के रूप में दी जाती है।
जटिल या गंभीर संक्रमण के लिएः

सिप्रोफ्लोक्सासिन (Ciprofloxacin) या लेवोफ्लोक्सासिन (Levofloxacin): ये फ्लोरोक्विनोलोन वर्ग की दवाएं हैं जिनका उपयोग डॉक्टर गंभीर मामलों में करते हैं।
एमोक्सिसिलिन-क्लैवुलनेट (Augmentin): जब अन्य दवाएं काम नहीं करत पाती हैं।
दर्द और लक्षणों में राहत के लिएः
दर्द निवारकः पैरासिटामोल या इबुप्रोफेन का उपयोग दर्द से राहत प्राप्व्त करने के लिए किया जा सकता है।
यूरिस्पास (Urispas): ब्लैडर की मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द को कम करने के लिए दी जा सकती है।
सहायक उपचार (Supplements):
क्रैनबेरी और डी-मैनोज (Cranberry/D-Mannose): ये बैक्टीरिया को मूत्राशय की दीवार से चिपकने से रोकने में मदद कर सकते हैं विशेष रूप से बार-बार होने वाले यूटीआई की समस्या में।
सावधानियाँ: बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के एंटीबायोटिक न लें। यदि बुखार, उल्टी या कमर में तेज दर्द हो रहा है तो तुरंत ही अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
