
एंटीफंगल दवाएँ क्या है और यह किस प्रकार काम करती हैं? Publish Date : 02/02/2026
एंटीफंगल दवाएँ क्या है और यह किस प्रकार काम करती हैं?
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
एंटीफंगल दवाओं (Antifungal medicines) का इस्तेमाल फंगल संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है। फंगल संक्रमण आमतौर पर त्वचा, बाल और नाखूनों को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं।
आप फार्मेसी से कुछ एंटीफंगल दवाएँ प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन आपको अन्य प्रकार की दवा के लिए डॉक्टर के लिखे पर्चे की आवश्यकता हो सकती है।
एंटीफंगल किस प्रकार के संक्रमण का इलाज करते हैं
फंगल संक्रमण का इलाज आमतौर पर एंटीफंगल (Antifungal) से किया जाता है, इनमें शामिल है:
- दाद (ringworm)
- एथलीट फुट (athlete's foot)
- नाखून में फंगल संक्रमण (fungal nail infection)
- वजाइनल थ्रश (vaginal thrush)
- कुछ प्रकार के गंभीर रूसी (डैंड्रफ)
दुर्लभ मामलों में कुछ गंभीर फंगल संक्रमण (fungal infection) होते हैं जो शरीर के ऊतकों (tissues) के अंदर गहराई से विकसित होते हैं। इनके इलाज के लिए अस्पताल जाने की आवश्यकता हो सकती है।
जैसे कि:
- एस्परजिलोसिस (aspergillosis), जो फेफड़ों को प्रभावित करता है
- फंगल मेनिन्जाइटिस (fungal meningitis), जो मस्तिष्क को प्रभावित करता है
यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है जैसे कि आप इम्युनिटी कम करने की दवाएं ले रहे हैं तो आपको गंभीर फंगल संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है।
एंटीफंगल दवाओं के प्रकार
एंटीफंगल दवाएँ (Antifungal medicines) कई रूपों में मौजूद हैं:
- टॉपिकल एंटीफंगल (topical antifungals) - आप सीधे अपनी त्वचा, बालों और नाखूनों पर क्रीम, जेल, मलहम या स्प्रे लगा सकते हैं
- ओरल एंटीफंगल (oral antifungals) - कैप्सूल, टैबलेट या तरल दवा को आप निगल सकते हैं।
- इंट्रावेनस एंटीफंगल (intravenous antifungals) - आपके हाथ के नस में एक इंजेक्शन दिया जाता है; जो आमतौर पर अस्पताल में दिया जाता है।
- इंट्रावजाइनल एंटीफंगल पेसरिज (intravaginal antifungal pessaries) - छोटी, मुलायम गोलियां जिसे आप योनि में डाल सकती हैं।
फंगल संक्रमण के इलाज के लिए कुछ अन्य सामान्य दवाएँ इस्तेमाल होती हैं, जिनमें शामिल हैं:
- क्लोट्रिमाजोल (clotrimazole)
- इकोनाजोल (econazole)
- माइकोनाजोल (miconazole)
- टर्बिनाफिन (terbinafine)
- फ्लुकोनाजोल (fluconazole)
- कीटोकोनाजोल (ketoconazole)
- एंफोटेरिसिन (amphotericin)
एंटीफंगल दवाएं कैसे काम करती हैं
एंटीफंगल दवाएँ (Antifungal medicines) इस तरह काम करती हैं:
- फंगल कोशिकाओं को नष्ट करती हैं - जैसे कि कोशिका की दीवारों में एक पदार्थ को प्रभावित करती हैं जिससे कि फंगल कोशिकाओं की सामग्री का रिसाव हो जाता है और कोशिकाएं खत्म हो जाती है
- फंगल कोशिकाओं को बढ़ने और दोबारा विकसित होने से रोकना
फार्मासिस्ट या डॉक्टर के पास कब जाएं
यदि आपको फंगल संक्रमण (fungal infection) का संदेह है, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट के पास जाएं। वे आपको बताएंगे कि आपको कौन सी एंटीफंगल दवा लेनी चाहिए और उसका इस्तेमाल कैसे करना चाहिए।
एंटीफंगल दवाओं के इस्तेमाल से पहले इन बातों का रखें ध्यान
एंटीफंगल दवाएं लेने से पहले फार्मासिस्ट या अपने डॉक्टर से ये बात करें:
- कोई भी मौजूदा समस्या या एलर्जी जो फंगल संक्रमण के लिए आपके इलाज को प्रभावित कर सकती है
- एंटीफंगल दवाओं के संभावित दुष्प्रभाव
- क्या एंटीफंगल दवा अन्य दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है जो आप पहले से ही ले रहे हैं (जिसे ड्रग इंटरेक्शन कहा जाता है)
- क्या आपको एंटीफंगल दवा (Antifungal medicine) गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान लेनी चाहिए या नहीं - क्योंकि बहुत सी दवाएं उपयुक्त नहीं होती हैं

अधिक जानकारी के लिए आप एंटीफंगल दवाओं के साथ आने वाला लीफलेट पढ़ सकते हैं।
एंटीफंगल दवाओं के दुष्प्रभाव
एंटीफंगल दवाओं के कारण आपको कई दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है। ये आमतौर पर हल्के होते हैं और थोड़े समय बाद ठीक हो जाते हैं।
इन दुष्प्रभावों में शामिल हैं:
- खुजली या जलन (itching or burning)
- लालिमा (redness)
- उबकाई आना (feeling sick)
- पेट में दर्द (tummy (abdominal) pain)
- दस्त (diarrhoea)
- चकत्ते (a rash)
कभी-कभी आपको एंटीफंगल दवा से अधिक गंभीर रिएक्शन हो सकता है, जैसे:
- एलर्जी रिएक्शन- आपका चेहरा, गर्दन और जीभ सूज सकती है और आपको सांस लेने में कठिनाई हो सकती है
- त्वचा पर गंभीर रिएक्शन- जैसे कि त्वचा का छिलना या फफोले पड़ जाना
- लिवर खराब होना- भूख में कमी, उल्टी, मतली, पीलिया, पेशाब का रंग गहरा होना या पीला मल, थकान या कमजोरी का अनुभव हो सकता है
यदि आपको ये गंभीर दुष्प्रभाव होते हैं, तो दवा का इस्तेमाल करना बंद कर दें और दूसरे विकल्प के लिए अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से बात करें।

यदि आपको सांस लेने में कठिनाई हो रही है, तो अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएँ या एम्बुलेंस के लिए कॉल करें।
किन एंटीफंगल दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है?
एंटीफंगल दवाएं (Antifungal medicines) अलग-अलग दवा निर्माता कंपनियों द्वारा बनायी जाती हैं, इसलिए इनके कई ब्रांड नेम हैं।
एंटीफंगल दवाओं (Antifungal medicines) के कई अलग-अलग प्रकार भी हैं, जिनमें शामिल हैं:
- क्लोट्रिमाजोल (clotrimazole)
- इकोनाजोल नाइट्रेट (econazole nitrate)
- माइकोनाजोल (miconazole)
- टर्बिनाफिन (terbinafine)
- फ्लुकोनाजोल (fluconazole)
- कीटोकोनाजोल (ketoconazole)
- एम्फोटेरिसिन (amphotericin)
पैकेजिंग पर इस बात का उल्लेख होना चाहिए कि किस दवा में कौन सा उत्पाद कितनी मात्रा में है। यह आमतौर पर प्रतिशत में दिखाया जाता है, जैसे क्रीम में 1% क्लोट्रिमाजोल या मिलीग्राम, उदाहरण स्वरूप कैप्सूल में 50 मिलीग्राम फ्लुकोनाजोल।
एंटीफंगल दवाओं के प्रकार (Types of antifungal medicines)
एंटीफंगल दवाएं (Antifungal medicines) कई रूपों में मौजूद हैं:
- टॉपिकल एंटीफंगल (topical antifungals) – जैसे क्रीम, जेल मलहम या स्प्रे, जिन्हें शरीर पर सीधे लगाया जा सकता है
- ओरल एंटीफंगल (oral antifungals) – कैप्सूल, टैबलेट या तरल दवा, जिसे निगला जा सकता है
- इंट्रावेनस एंटीफंगल (intravenous antifungals) – आमतौर पर अस्पताल में आपको इंट्रावेनस इनफ्यूजन (intravenous infusion) (संकरी ट्यूब वाली दवा की एक ड्रिप) के जरिए हाथ की नस में इंजेक्शन दिया जाता है
इसके अलावा इंट्रावेजाइनल पेसरी (intravaginal pessaries) भी उपलब्ध है। पेसरी एक छोटी सपोसिटरी (suppositories) होती है जिसे योनि में डाला जाता है। यह योनि से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
