
एंजाइना का पराम्परिक प्रभावी उपचार Publish Date : 01/02/2026
एंजाइना का पराम्परिक प्रभावी उपचार
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
एंजाइना (सीने में दर्द) का एलोपैथिक उपचार मुख्य रूप से हृदय में रक्त के प्रवाह को बढ़ाकर दर्द को कम करने वाली विभिन्न दवाओं (जैसे नाइट्रोग्लिसरीन, एस्पिरिन, बीटा-ब्लॉकर्स) आदि, जीवनशैली में उचित बदलाव, और गंभीर मामलों में स्टेंटिंग या सर्जरी (CABG) पर केंद्रित होता है। इसका उद्देश्य दर्द को कम करना और दिल का दौरा पड़ने की समस्या से बचाना है।
एंजाइना के लिए प्रमुख एलोपैथिक उपचार और दवाएं:

नाइट्रोग्लिसरीन (Nitroglycerin): एंजाइना के लिए यह सबसे आम उपचार है। यह रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाती है और उन्हें चौड़ा करती है, जिससे हृदय को अधिक ऑक्सीजन मिलती है। यह दवा गोली, स्प्रे, या जीभ के नीचे रखने वाली (सबलिंगुअल) रूप में बाजार में मिलती है।
बीटा-ब्लॉकर्स (Beta-blockers): इस वर्ग की दवाएं हृदय की धड़कन को धीमा और कम जोर से धड़कने में मदद करती हैं, जिससे हृदय का काम का बोझ कम हो जाता है।
एंटीप्लेटलेट दवाएं (जैसे एस्पिरिन): यह दवाएं खून के थक्के बनने से रोकती हैं और खून के बहाव को भी आसान बनाती हैं।
स्टैटिन (Statins): ये दवाएं कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और धमनियों में वसा (प्लाक) के जमाव को रोकते हैं।
कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स (Calcium Channel Blockers): ये दवाएं भी रक्त वाहिकाओं को शिथिल और चौड़ा करती हैं।
रानोलाज़िन (Ranolazine): यह दवा तब उपयोग की जाती है जब अन्य दवाओं से आराम न मिल पा रहा हो।
प्रक्रिया (Procedures):
एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंगः इससे अवरुद्ध धमनियों को खोलने और रक्त प्रवाह बहाल करने के लिए मदद मिलती है।
कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG): दिल की गंभीर रुकावटों के लिए ओपन-हार्ट सर्जरी का सहारा लिया जाता है।
जीवनशैली में बदलावः
- धूम्रपान छोड़ना, स्वस्थ आहार खाना, और नियमित रूप से हल्का व्यायाम करना आवश्यक है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
