पैंक्रियाज में सूजन - लक्षण, कारण और उपचार      Publish Date : 19/11/2025

             पैंक्रियाज में सूजन - लक्षण, कारण और उपचार

                                                                                                                                                                           डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

पैंक्रियाज हमारे शरीर का एक अति महत्वपूर्ण अंग है, जो पाचन रस और हॉर्मोन का उत्पादन करता है। पैंक्रियाज में सूजन को चिकित्सा भाषा में पैन्क्रियाटाइटिस कहा जाता है, जो कि एक गंभीर स्थिति होती है। यही कारण है कि जिन मरीजों को पैंक्रियाज की समस्या है, उन्हें इस रोग के बारे में सारी आवश्यक जानकारी होनी चाहिए।

आज की हमारी इस ब्लॉग पोस्ट में लिखी गई तमाम जानकारी एक सामान्य जानकारी है, जिससे आपको पैंक्रियाज में सूजन के लक्षण, कारण और इसके उपचार को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी।

पैन्क्रियाटाइटिस (पैंक्रियाज की सूजन) क्या है?

पैंक्रियाज में सूजन को समझने से पहले समझते हैं कि पैंक्रियाज क्या है और उसके क्या कार्य है? अग्न्याशय यानी पैंक्रियाज या पैंक्रियाज एक लंबा, चपटा अंग है जो पेट के ऊपरी भाग में स्थित होता है। पैंक्रियाज को आयुर्वेद में अग्न्याशय के नाम से जाना जाता है जो कि एक एंजाइम का उत्पादन करता है जिससे खाने को पचाने में मदद मिलती है।

जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया है कि पैन्क्रियाटाइटिस (पैन्क्रियाटाइटिस) पैंक्रियाज में आने वाली सूजन की स्थिति है। पैन्क्रियाटाइटिस एक ऐसी समस्या है, जो एक व्यक्ति को अचानक भी परेशान कर सकती है और कुछ दिनों तक लगातार भी बनी रह सकती है। कितने समय तक यह समस्या मरीज को परेशान कर रही है, इसी के आधार पर निर्णय लिया जाता है कि वह किस प्रकार के पैन्क्रियाटाइटिस से पीड़ित है।

पैन्क्रियाटाइटिस (पेनक्रियाज में सूजन) के प्रकार

                                                           

पैंक्रियाज में सूजन का इलाज उसके प्रकार पर निर्भर करता है। पैंक्रियाज की सूजन दो प्रकार के होते हैं-

एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस (Acute Pancreatitis): एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस वह स्थिति है, जिसमें आपके पैंक्रियाज में सूजन अचानक से आ जाती है। यह एक गंभीर स्थिति है, जिससे रोगी को जान का खतरा भी अधिक होता है। एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस से पीड़ित रोगियों का इलाज संभव है और वह पूरी तरह से स्वस्थ हो सकते हैं।

क्रोनिक पैन्क्रियाटाइटिस (Chronic Pancreatitis): क्रोनिक पैन्क्रियाटाइटिस वह स्थिति है, जो एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस के बाद उत्पन्न होती है। इस स्थिति में पैंक्रियाज में सूजन लंबे समय तक एक व्यक्ति को परेशान करती है। इस स्थिति के उत्पन्न होने का मुख्य कारण लंबे समय तक शराब पीना या धूम्रपान करना है। क्रोनिक पैन्क्रियाटाइटिस से पीड़ित मरीजों को गंभीर दर्द और पैंक्रियाज की विफलता का सामना करना पड़ सकता है।

यह सत्य है कि पैन्क्रियाटाइटिस दो ही प्रकार के होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस नेक्रोटाइज़िंग पैन्क्रियाटाइटिस में परिवर्तित हो जाती है। इस स्थिति में पैंक्रियाज की कोशिकाओं की मृत्यु हो जाती है। एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस के लगभग 10 प्रतिशत मामले नेक्रोटाइज़िंग पैन्क्रियाटाइटिस में परिवर्तित हो जाते हैं।

पैंक्रियाज की सूजन के लक्षण

पैंक्रियाज की सूजन के बहुत सारे लक्षण उत्पन्न होते हैं, जो दर्शाते हैं कि मरीज को त्वरित उपचार लेने की आवश्यकता है। दोनों प्रकार के पैन्क्रियाटाइटिस में अलग-अलग लक्षण उत्पन्न होते हैं।

एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस के लक्षणों में शामिल हैं-

  • पेट के ऊपरी भाग में दर्द जो खाने के बाद बढ़ जाता है।
  • ऐसा पेट दर्द जो पीठ तक जाए।
  • पेट को छूने पर दर्द महसूस होना।
  • बुखार के साथ ठंड लगना, मतली और उल्टी आदि समस्याएं।
  • कमजोरी और सुस्ती रहना।

क्रोनिक पैन्क्रियाटाइटिस के लक्षणों में शामिल हैं-

  • पेट के ऊपरी भाग में दर्द होना।
  • खाने के बाद पेट के दर्द का बढ़ना।
  • अचानक वजन का कम होना।
  • स्टीटोरिया या मरीज के मल से अधिक बदबू आना।

पैंक्रियाज में सूजन के कारण-

यदि पैन्क्रियाटाइटिस अनुपचारित रह जाए, तो इससे पैंक्रियाज को काफी नुकसान पहुँच सकता है। जब पैंक्रियाज को किसी भी प्रकार का नुकसान होता है, तो मरीज को पाचन समस्याओं और मधुमेह का सामना करना पड़ सकता है। पैन्क्रियाटाइटिस निम्नलिखित कारणों से एक मरीज को परेशान कर सकता है -

  • पित्त की थैली की पथरी।
  • शराब का अधिक सेवन।
  • कुछ दवाएं।
  • रक्त में उच्च ट्राइग्लिसराइड का स्तर।
  • रक्त में उच्च कैल्शियम का स्तर।
  • पैंक्रियाज का कैंसर।
  • पेट की सर्जरी या चोट।
  • सिस्टिक फाइब्रोसिस।
  • संक्रमण।
  • मोटापा।
  • एक्सीडेंट।

कभी-कभी पैन्क्रियाटाइटिस बिना कारण के रोगी को परेशान कर सकता है। जैसे ही आपको लगे कि आप इस स्थिति से परेशान है, तो आपको डॉक्टर से बात करने की सलाह दी जाती है।

पैंक्रियाज में सूजन से बचाव कैसे करें

                                                        

अधिकतर मामलों में देखा गया है कि पैन्क्रियाटाइटिस के लक्षण इसके मरीज को बहुत परेशान करते हैं, जिसके कारण उन्हें चिकित्सा सहायता लेनी पड़ती है। हालांकि लक्षणों का अनुभव होने पर कुछ बचाव के लिए दिए गए निर्देशों का पालन कर इस स्थिति के उत्पन्न होने से बचा जा सकता है -

शराब का सेवन सीमित करें और धूम्रपान छोड़ें: शराब का सेवन और धूम्रपान शरीर के लिए हानिकारक होता है। यदि शराब का सेवन बंद कर सकते हैं, तो बहुत बढ़िया होगा अन्यथा उसे सीमित करने का सुझाव दिया जाता है। वहीं धूम्रपान पूरी तरह छोड़ने के लिए डॉक्टर अपने हर मरीज को कहते हैं। इससे पैंक्रियाज से विषाक्त पदार्थ को निकालने में मदद मिलती है, और पैन्क्रियाटाइटिस के जोखिम को कम करने में भी सहायता प्राप्त होती है।

हृदय के लिए स्वस्थ आहार लें: कम वसा वाले आहार का सेवन करने से शरीर को खाना पचाने में मदद अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ेगी, जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल जमा भी नहीं होता है, जिससे पित्त की पथरी की संभावना भी प्रबल हो जाती है। पित्त की पथरी पैंक्रियाज में सूजन का मुख्य कारण भी है। इसकी वजह से एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

नियमित व्यायाम करें: नियमित व्यायाम करें और वजन कम करने का प्रयास करें।

  • वजन को कम करने के लिए पूरी प्रक्रिया का प्रयोग करें। सिर्फ खाना-पीना छोड़कर वजन कम नहीं किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है, तो इसके नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं।

पैंक्रियाटाइटिस का उपचार

पैन्क्रियाटाइटिस के उपचार के लिए अभी तक कोई विशेष दवा उपलब्ध नहीं है। अतः इसका उपचार लक्षणों और कारणों के आधार पर किया जाता है। निम्नलिखित तरीकों से इस स्थिति का उपचार संभव हो सकता है -

दर्द की दवाएं: पैन्क्रियाटाइटिस के कारण मरीज को गंभीर दर्द का सामना करना पड़ता है। डॉक्टरों का सबसे पहला प्रयास दर्द को नियंत्रित करना होता है, जिसके लिए वह दर्द निवारक दवाएं देते हैं।

आईवी फ़्लूइडः प्रयास करें कि आप स्वयं को प्राकृतिक रूप से हाइड्रेट रखें। इसके लिए डॉक्टर बांह की नस के माध्यम से आईवी फ़्लूइड लगा सकते हैं।

पोषणः दस्त और उल्टी के कारण शरीर कमजोर हो जाता है, जिससे बचने के लिए सही पोषण की आवश्यकता होती है।

पित्त की थैली निकालने की सर्जरीः पित्त की पथरी के इलाज के तौर पर पित्त थैली को ही निकालने का सुझाव डॉक्टर देते हैं, जिससे पैंक्रियाज में सूजन की समस्या हल हो सकती है।

इसके अतिरिक्त कुछ प्रक्रियाएं हैं, जिससे रोगी को राहत मिल सकती है-

  • एंडोस्कोपिक रेट्रोग्रेड चोलैंगियोपैरेग्रोफी।
  • ईआरसीपी प्रक्रिया।
  • दवाएं।

इन सबके साथ-साथ आपको अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता पड़ सकती है। यदि आपको संदेह है कि आपके पैंक्रियाज में सूजन हो सकती है या फिर आप इस रोग से पीड़ित हैं, तो हम आपको सलाह देते हैं कि आप इसके उपचार के लिए किसी अच्छे डॉक्टर से जल्द से जल्द बात करें, ताकि आप स्वस्थ बने रहें।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।