एनल फिस्टुला की लेजर सर्जरी      Publish Date : 03/11/2025

                                       एनल फिस्टुला की लेजर सर्जरी

                                                                                                                                                                        डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा  

क्या होता है एनल फिस्टुला (भगंदर)?

भगंदर, गुदा के अंदर बनने वाली एक लंबी सुरंग होती है जो दो ऐसी नसों या अंगों को आपस में जोड़ देती है, जो प्राकृतिक रूप से जुडे हुए नहीं होते हैं। जब किसी मरीज को भगंदर होता है तो गुदा मार्ग के पास एक फोड़ा हो जाता है जिससे खून और पस निकलने लगता है और साथ में तेज दर्द होता है। अगर भगंदर शुरुआती स्टेज में है तो डॉक्टर पस निकालकर मरीज को दवा देकर सही करने की कोशिश करते हैं। लेकिन अगर भगंदर के फोड़े ने अंदर लंबी सुरंग बना ली है तो फिर इसकी सर्जरी कराना ही एकमात्र विकल्प बचता है।

कैसे किया जाता है भगंदर के उपचार?

निदान

                                                                   

  • डॉक्टर फिस्टुला (भगंदर) की बाहरी स्थान को देखकर इसकी जांच करते हैं कि कहीं यह दुर्गंधयुक्त पस तो नहीं है।
  • फिस्टुला कितना गंभीर या गहरा है, यह जानने के लिए डॉक्टर एंडोस्कोपी या कोलोनोस्कोपी जैसे परीक्षण कराते हैं।
  • फिस्टुला का सही निदान करने के लिए एमआरआई (MRI) या अल्ट्रासाउंड आदि जांचें भी की जा सकती है।

एनल फिस्टुला का उपचार

  • एनल फिस्टुला (भगंदर) अपने आप से ठीक होने वाला रोग नही है, इसलिए इसके उपचार के लिए सर्जरी कराना आवश्यक है।
  • इसका सबसे प्रभावी और आधुनिक उपलब्ध उपचार है लेजर सर्जरी।
  • लेजर सर्जरी एक एडवांस और बिना कट वाली तकनीक है, जिसमें एनल क्षेत्र में कोई चीरा नहीं लगाया जाता।
  • लेजर सर्जरी की प्रक्रिया लगभग 30 मिनट में पूरी हो जाती है।
  • सर्जरी से पहले मरीज को लोकल या जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है।
  • मरीज जब बेहोश हो जाता है, तब सर्जन कंट्रोल्ड लेजर बीम से फिस्टुला टिश्यू को सिकोड़कर बंद कर दिया जाता है।
  • लेजर उपचार के दौरान मरीज को न तो दर्द होता है और न ही खून बहता है।
  • प्रक्रिया को पूर्ण कर लेने के बाद मरीज को 24 घंटे के अंदर ही हॉस्पिटल या क्लिनिक से छुट्टी दे दी जाती है।

क्या आप इनमें से किसी लक्षण से गुज़र रहे हैं?

  • मल में खून।
  • गुदा से खूनी और बदबूदार स्राव।
  • मल त्याग के दौरान तेज दर्द।
  • पस निकलने में जलन।
  • गुदा में फोड़ा।

लेजर एनल फिस्टुला (भगंदर) ऑपरेशन के लिए खुद को कैसे करें तैयार?

ऑपरेशन की तैयारी करते समय अपने डॉक्टर द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करना ज़रूरी है ताकि यह तय हो पाए की आपके ठीक होने की प्रक्रिया सही दिशा में है।

  • अगर आपको किसी दवा से एलर्जी है या फिर अगर आप कोई और बीमारी के कारण दवाइयां ले रहे है तो अपने डॉक्टर को पहले से बता दें।
  • ऑपरेशन से कुछ दिनों पहले शराब पीने और धूम्रपान करने से बचें।
  • ऑपरेशन के दिन हल्का भोजन करें। भारी खानपान से बचें जो फैट और कार्ब्स में अधिक होते हैं।

एनल फिस्टुला (भगंदर) लेजर सर्जरी के बाद

                                                                              

एनल फिस्टुला (भगंदर) लेजर सर्जरी से ठीक होने की एक सरल प्रक्रिया है। हालांकि, यह ज़रूरी है कि आप डॉक्टर द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करें। इसके अलावा, निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

  • भारी वजन उठाने से बचें क्योंकि इससे सर्जिकल जगह पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
  • अपने आपको हाइड्रेटेड बनाए रखने के लिए दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी अवश्य ही पिएं।
  • मल त्याग के दौरान अधिक ज़ोर न लगाएं।
  • इस दौरान ऐसा भोजन करें जो पौष्टिक हो और जो फाइबर से भरपूर हो। तेल और तली हुई चीजों को खाने से परहेज करें।
  • अगर आपको मल त्याग करने में कठिनाई आ रही है, तो मल सॉफ्टनर का उपयोग करें लेकिन इसका उपयोग केवल डॉक्टर से परामर्श करने के बाद।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।