कान में हो परेशानी तो भी आ सकते हैं चक्कर      Publish Date : 05/08/2025

         कान में हो परेशानी तो भी आ सकते हैं चक्कर

                                                                                                                                                                 डॉ0 दिव्यांशु सेंगर

मेरी आयु 52 साल है। बीते एक साल से मुझे चक्कर से महसूस होते है। काम करते मेरा समय सिर घूमता रहता है। ऐसा क्यों हो रहा है? क्या अब हमें जीवन भर चक्कर आने की दवा खानी पड़ेंगी?

आयु का चक्कर आने की समस्या से कोई सीधा संबंध नहीं होता है। चक्कर आने के विभिन्न कारण हो सकते है, ऐसा कमजोरी के कारण हो सकता है, इसके अलावा यदि आपके कान के अंदर से मीला कैनाल में कोई गड़बड़ी के कारण, जिसे वर्टियों कहते है, के कारण भी चवकर आ सकते हैं।

इसके लिए किसी अच्छे ईएनटी स्पेशलिस्ट हॉक्टर को दिखाएं। पीपीपीवी की समस्या में चक्कर आना एक आम बात है। इसके लिए कुछ मैन्युचर आते हैं, इनसे आपको काफी लाभ मिल सकता है और आपको जीवन भर दवा भी नहीं खानी पड़ती है। अगर सर्वाइकल स्पंडलाइसिस है तो किसी अच्छे फिजियोथेरेपिस्ट से मिलकर फिजियोथेरेपी कराने से काफी आराम मिलता है।

हाल ही में मुझे हृदय से जुड़ी समस्या के संबंध में डॉक्टर ने कैल्शियम स्कोर टेस्ट कराने की सलाह दी है। यह टेस्ट क्या होता है? और हदय रोगों से इसका क्या संबंध होता है?

यह टेस्ट, सीटी स्कैन के माध्यम से दिल की खून की नसों में कितना कैल्शियम जमा है या कितनी ब्लॉकिंग है, यह समझने के लिए किया जाता है। यह टेस्ट सटीक स्थिति नहीं बता पाता पर इससे स्थिति को समझने में मदद मिलती है। यह जांच खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी होती हैं, जिनमें हृदय की समस्या और लक्षण दिखाई देते हैं और जिनके पास विरासत में रोगों का इतिहास होता है। वीपी की समस्या इसमें सहायक होती है।

जो लोग धूम्रपान करते हैं या चलने पर हाथ में दर्द होत है, सांस फूलती है, उनमें भी इस टेस्ट को कराने में मदद मिलती है। अगर इसमें नसों में ब्लॉकेज आती है, गहन जांच की जरूरत पड़ती है। रिपोर्ट के आधार पर स्टेंट डाला जा सकता है। यह तरीका माना जा सकता है कि यह समस्या दिल से जुड़ी नहीं है। इस टेस्ट की कुछ सीमाएं भी हैं, जैसे यह बहुत छोटी धमनियों के ब्लॉकेज को नहीं पकड़ पाता। अगर आपके डॉक्टर की सलाह है, तो इस टेस्ट को अवश्य कराएं, कुछ लोगों में इसका अच्छा लाभ मिलता है।

मेरी उम्र 25 वर्ष है और मेरा वजन 45 से 50 के बीच ही बना रहता है। अभी मैं अविवाहित हूं। सेहत संबंधी कोई समस्या नहीं है। मेरे सीधे पैर के घुटने में बहुत दर्द रहता है। दवाएं खाती हूं तो दर्द ठीक रहता है। दाएं बंद करने के बाद वर्द फिर रहने लगता है। पेट के आसपास थोड़ा फैट है। मैं अक्सर वजन को बढ़ाने के बारे में ही सोचती रहती हूं। व्यायाम भी करती हूं। मुझे अपनी सेहत की चिंता राहती है? मुझे क्या करना चाहिए?

आपका वजन ज्यादा नहीं है, इसलिए घुटने में दर्द की समस्या का संबंध उससे नहीं है। कभी सीड़ी सहते-उतरते या किसी खेल के दौरान पैर मुह जाता है या घुटनों के लिगामेंट में चोट लग जाती है, तो उसके कारण भी दर्द हो सकता है। इसका वजन से कोई संबंध नहीं है। आप अभी से दर्द निवारक दवाओं निर्भर न हों, क्योंकि इससे किड़नी पर असर पड़ सकता है। बेहतर है कि आप किसी हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाएं और समस्या का सही कारण जाने और उसका उपचार करें। अपनी सेहत के बारे में चिंता करते रहने से बेहतर है कि आप कुछ जरूरी कदम उठाते हुए समस्या का उचित समाधान करें।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।