
घुटना बदलने की सर्जरी से जुड़े कुछ सामान्य प्रश्न एवं उनके उत्तर- Publish Date : 09/07/2025
घुटना बदलने की सर्जरी से जुड़े कुछ सामान्य प्रश्न एवं उनके उत्तर-
डॉ0 दिव्योंशु सेंगर
टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी (Total Knee Replacement Surgery) से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न और उनके उत्तरः-
1. टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी क्या होती है?
उत्तरः यह एक शल्य चिकित्सा प्रक्रिया है जिसमें घुटने के क्षतिग्रस्त जोड़ों को कृत्रिम जोड़ (आर्टिफिशियल इम्प्लांट्) से बदल दिया जाता है ताकि मरीज को दर्द से राहत मिले और चलने-फिरने में सुविधा हो।
2. किन मरीजों को नी रिप्लेसमेंट की आवश्यकता होती है?
उत्तरः जिनके घुटनों में गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस (गठिया) है, दर्द लगातार बना रहता है, चलने-फिरने, सीढ़ियाँ चढ़ने या बैठने-उठने में परेशानी होती है, दवाएं और फिजियोथेरेपी असर नहीं कर रही हैं, यह ऐसे मरीजों के लिए उपयोगी है।
3. सर्जरी की अवधि कितनी होती है?
उत्तरः सामान्यतः टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी लगभग 1 से 2 घंटे में पूरी हो जाती है।
4. सर्जरी के बाद अस्पताल में कितने दिन रहना पड़ता है?
उत्तरः अधिकतर मरीजों को 3 से 5 दिन तक अस्पताल में रखा जाता है।
5. क्या सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह से ठीक हो जाता है?
उत्तरः हां, सर्जरी के बाद सही फिजियोथेरेपी और देखभाल से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है और दर्द में काफी हद तक राहत मिलती है।
6. रिकवरी (ठीक होने) में कितना समय लगता है?
उत्तरः लगभग 6 से 12 सप्ताह में व्यक्ति सामान्य चलने-फिरने लगता है। पूरी तरह सामान्य गतिविधियों में लौटने में 3 से 6 महीने का समय लग सकता हैं।
7. क्या टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी सुरक्षित है?
उत्तरः हां, यह एक सुरक्षित और सफल प्रक्रिया है। लेकिन किसी भी सर्जरी की तरह इसमें भी कुछ जोखिम होते हैं जैसे इन्फेक्शन, ब्लड क्लॉट, या या इम्प्लांट से जुड़ी कुछ अन्य समस्याएं, जो डॉक्टर की देखरेख में कम की जा सकती हैं।
8. इम्प्लांट कितने साल चलता है?
उत्तरः आधुनिक नी इम्प्लांट आमतौर पर 15 से 20 साल या उससे भी अधिक समय तक चलतेहैं यदि उचित देखभाल की जाए।
9. क्या घुटने के दोनों जोड़ एक साथ बदले जा सकते हैं?
उत्तरः हाँ, यदि मरीज की सेहत अच्छी हो तो दोनों घुटनों की सर्जरी एक साथ की जा सकती है (बिलेट्रल नी रिप्लेसमेंट)। परंतु कुछ मामलों में इसे चरणबद्ध तरीके से किया जाता है।
10. सर्जरी के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तरः नियमित फिजियोथेरेपी करना, वजन नियंत्रित रखना, समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप, अधिक भार उठाने या अचानक झटके से बचना आदि।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
