जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में 'क्ले मॉडलिंग' प्रतियोगिता: माटी को मिला रचनात्मकता का आकार      Publish Date : 23/09/2026

जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में 'क्ले मॉडलिंग' प्रतियोगिता: माटी को मिला रचनात्मकता का आकार

​सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ के जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में आगामी 26वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित अंतर-महाविद्यालयीन कला व सांस्कृतिक महोत्सव के अंतर्गत प्रतियोगिताओं का दौर पूरे शबाब पर है। इसी कड़ी में कॉलेज परिसर में एक भव्य एवं अत्यंत आकर्षक 'क्ले मॉडलिंग' (मृण्मूर्ति निर्माण) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

इस प्रतियोगिता का मुख्य ध्येय विद्यार्थियों की हस्तकला, सूक्ष्म कलात्मकता, त्रिआयामी (3D) सोच और कल्पनाशीलता को एक जीवंत मंच प्रदान करना था।

​इस कलात्मक मुकाबले में विद्यार्थियों ने मिट्टी के प्रति अपनी गहरी समझ और शिल्पकला का अद्वितीय प्रदर्शन किया। साधारण मिट्टी को अपने हाथों की जादूगरी और संवेदनशीलता से ढालते हुए प्रतिभागियों ने समसामयिक, सामाजिक व पर्यावरण से जुड़े विभिन्न गंभीर विषयों पर अत्यंत सजीव और विचारोत्तेजक आकृतियां गढ़ीं।

​प्रतियोगिता में स्नेहा सिंह और मुस्कान कश्यप ने अपनी उत्कृष्ट कलाकृतियों और बारीक नक्काशी से निर्णायक मंडल एवं सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मिट्टी में उकेरी गई उनकी भावपूर्ण आकृतियां, विषय की गहराई और सूक्ष्म बारीकियों ने उनके अद्वितीय शिल्प-कौशल को बखूबी दर्शाया।

​कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर. एस. सेंगर ने विद्यार्थियों के हुनर, लगन और कलात्मक अभिव्यक्ति की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मिट्टी जैसी सहज वस्तु से अर्थपूर्ण कलाकृतियों का सृजन विद्यार्थियों की मानसिक एकाग्रता और उच्च स्तरीय रचनात्मकता का प्रतीक है।

​पूरे चयन कार्यक्रम का सफल एवं सुचारू संचालन अधिष्ठाता डॉ. आर. एस. सेंगर के दिशा निर्देशन में तथा सांस्कृतिक सचिव डॉ. पंकज चौहान एवं डॉ. नीलेश कपूर के कुशल मार्गदर्शन और देखरेख में संपन्न हुआ।

​इस अवसर पर अपने प्रेरणादायी संबोधन में अधिष्ठाता डॉ. आर. एस. सेंगर ने कहा कि ऐसी हस्तकला व सांस्कृतिक स्पर्धाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और नवोन्मेषी चिंतन (Out-of-the-box thinking) को निखारने में मील का पत्थर साबित होती हैं। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सांस्कृतिक सचिव डॉ. नीलेश कपूर ने अपने ओजस्वी वचनों से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

उन्होंने न केवल विद्यार्थियों के समर्पण और कलात्मक बोध की मुक्त कंठ से सराहना की, बल्कि पूरे आयोजन में अपने कुशल मार्गदर्शन और सूक्ष्म संयोजन से ऊर्जा का संचार किया। डॉ. कपूर ने गर्व के साथ घोषणा की कि कॉलेज स्तर पर चयनित ये बाल-कलाकार अब आगामी 2 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले मुख्य विश्वविद्यालय स्थापना दिवस समारोह के भव्य मंच पर जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय का गौरवशाली प्रतिनिधित्व करेंगे।