
कृषि विश्वविद्यालय में दीक्षा आरम्भ का हुआ समापन Publish Date : 20/09/2026
कृषि विश्वविद्यालय में दीक्षा आरम्भ का हुआ समापन
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नए छात्रों के लिए दीक्षा आरंभ कोर्स की शुरुआत 3 सितंबर से की गई थी इस कोर्स का आज समापन समारोह गांधी हाल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त ने कहा कि आज विश्व अनेक चुनौतियों और असंतुलनों से गुजर रहा है ऐसे समय में शांति, प्रेम और सद्भावना जैसे मानवीय मूल्य ही नई वैश्विक संस्कृति की सशक्त नींव बन सकते हैं।
कुलपति डॉ॰ त्रिवेणी दत्त ने कहा कि निर्णय शक्ति सई और गलत में अंतर समझकर उचित निर्णय लेने की क्षमता मजबूत निर्णय शक्ति जीवन को स्पष्ट दिशा देती है और सफलता की राह को सरल बनाती है। उन्होंने छात्रों से संयम में रहने और पढ़ाई में ध्यान लगाने की अपील की।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि कला, संस्कृति प्रभाग, प्रजापिता, ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मेरठ की सुनीता जी ने अपने संबोधन में कहा की कला और संस्कृति, मनुष्य आत्मा की सुंदर अभिव्यक्ति है।जब इनमें अध्यात्मिक मूल्यों का समावेश होता है, तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन जाती हैं।
ब्रह्मकुमारी वी के पीयूष, क्षेत्रीय समन्वयक, वैज्ञानिक एवं अभियंत्रण प्रभाग, नई दिल्ली ने संबोधित करते हुए कहा मन अशांति तब होता है जब वह बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर हो जाता है। इच्छाएं तुलना और चिंताएं अशांति को जन्म देती हैं।
शांति आत्मा का मूल स्वभाव है, मौन और ध्यान हमें अपने भीतर लौटने की शक्ति देते हैं। उन्होंने कहा कि अनुसंधान बताते हैं कि सकारात्मक विचार तनाव कम करते हैं, मस्तिष्क में संतुलन लाते हैं और सामूहिक चेतना पर प्रभाव डालते हैं। सुनील कुमार शुक्ला ने हार्डफुलनेस के बारे में विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की।
इस कार्यक्रम स्वागत भाषण कुलसचिव डॉ वी पी सिंह धन्यवाद प्रस्ताव एवं संचालन डॉक्टर शैलजा कटॉच ने दिया। इस दौरान हार्डफुल नेस की सौम्या शुक्ला, सुशील कुमार, निदेशक शोध कमल खिलाड़ी, निदेशक प्रसार डॉ॰ सतेन्द्र खारी, निदेशक ट्रेनिंग प्लेसमेंट डॉ॰ आर. एस, सेंगर, डॉ॰ पंकज कुमार, डॉ रामजी सिंह, डॉ बृजेंद्र सिंह डॉ जयवीर सिंह डॉक्टर हरिओम कटियार डॉक्टर अशोक यादव डाक्टर जनथा मैनुअल डॉ राजीव सिंह, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, हॉस्टल वार्डन तथा लगभग 435 छात्र छात्राएं उपस्थित रहीं।
