
कृषि विश्वविद्यालय में 19वें दीक्षांत समारोह का आयोजन Publish Date : 22/07/2026
कृषि विश्वविद्यालय में 19वें दीक्षांत समारोह का आयोजन
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सरकार की आशा के अनुरूप ही कार्य करें अधिकारीः राज्यपाल
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स्कूटी योजना के नियमों पर उठाए सवाल, अधिकारियों की कार्यशैली पर जताई चिंता।
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शोध, कृषि, छात्रावास, स्वास्थ्य और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर दिया जोर।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 19वां दीक्षा समारोह सोमवार को आयोजित किया गया। इसमें राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विश्वविद्यालयों संसाधनों के सदुपयोग, शोध की गुणवत्ता, कृषि नवाचार और छात्र कल्याण को लेकर स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये का बजट उपलब्ध करा रही है, लेकिन यदि उसका सही उपयोग नहीं होगा तो योजनाओं का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा। अधिकारियों को सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करने की नसीहत देते हुए उन्होनें कहा कि नीति और क्रियान्वयन में समानता का होना बहुत जरूरी है।
यूपी की कृषि क्षमता का बेहतर उपयोग करने की अपील
राज्यपाल ने कृषि क्षमता का बेहतर उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश के पास उपजाऊ भूमि, पर्याप्त जल संसाधन और गन्ना व आलू जैसी प्रमुख फसलें हैं। इसके बावजूद कृषि में नवाचार और अनुसंधान की गति अपेक्षित नहीं है। उन्होंने युवाओं, विज्ञानियों और कृषि विशेषज्ञों से प्रदेश की कृषि व्यवस्था को अधिक आधुनिक और उत्पादक बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। साथ ही श्रीअन्न (मिलेट्स) अभियान को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की जरूरत बताई । विद्यार्थियों से ‘देश प्रथम’ का मंत्र अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि दीक्षा समारोह डिग्री पाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज, गांव, किसान और महिलाओं के विकास के लिए संकल्प लेने का उत्सव होना चाहिए।

राज्यपाल ने छात्राओं के लिए प्रस्तावित स्कूटी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने इसके लिए 300 करोड़ रुपये का प्रविधान किया था, लेकिन समय पर नियम नहीं बनने से योजना लागू नहीं हो सकी। इस वर्ष भी योजना के लिए बजट का प्रविधान किया गया है। यदि केवल 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पाने वाली छात्राओं को ही लाभ दिया जाएगा तो इस योजना का लाभ अपेक्षाकृत परिवारों को ही मिल सकेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से बात कर योजना में आय सीमा जोड़ने का सुझाव भी दिया।
उन्होंने शिक्षकों और शोधकर्ताओं कहा कि शोध केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका समाज और किसानों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने ड्रोन दीदी, महिला कृषकों और ग्रामीण महिलाओं के लिए नवाचारों पर शोध करने का आह्वान किया। साथ ही विज्ञानियों और विशेषज्ञों से किसानों तक नई तकनीक, बेहतर बीज, मिट्टी सुधार और प्राकृतिक खेती से की जुड़ी जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया।
छात्रावास व विश्वविद्यालय व्यवस्था पर की चिंता व्यक्त: छात्रावासों और विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अधिकांश छात्रावासों में भोजन की व्यवस्था अच्छी है, लेकिन कुछ हास्टलों में अब भी ठेकेदारों के माध्यम से मेस संचालित हो रही हैं। उन्होंने इन्हें छात्र समितियों के माध्यम से संचालित करने का सुझाव दिया। छात्रावासों में वाशिंग मशीन, कपड़े सुखाने की पर्याप्त व्यवस्था, छात्राओं की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल की ऊंचाई बढ़ाने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही जर्जर पानी की टंकी, गोशाला की सफाई और खेल सुविधाओं के बेहतर उपयोग की आवश्यकता भी बताई।
करोड़ों की परिसंपत्तियां उपयोग के इंतजार में: राज्यपाल ने कहा कि पोस्ट हार्वेस्टिंग भवन पांच वर्षों से और मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट एक वर्ष से तैयार होने के बावजूद उपयोग में नहीं लाई गई है। उन्होंने शैक्षणिक भवनों में उपलब्ध कमरों के समुचित उपयोग पर सवाल उठाए व उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि लगभग 133 करोड़ रुपये की विभिन्न आधारभूत संरचना विकास परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर हैं। पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान हरिद्वार और कृषि विश्वविद्यालय के बीच कृषि, आयुर्वेद व अनुसंधान में सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव डा. वीर पाल सिंह और प्रमिला उमराव ने किया। कार्यक्रम के आरंभ में मल्हू सिंह आर्य कन्या इंटर कालेज की छात्राओं ने ‘अब तो जाग अरे इंसान...’ पर्यावरण गीत सुनाया।
समारोह में यह भी रहे मौजूद: समारोह में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. सोमेन्द्र तोमर, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, एमएलसी धर्मेन्द्र भारद्वाज, पूर्व सांसद राजेन्द्र, बालियान, जिलाधिकारी डा0 वी. के. अग्रवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री डा0 संजीव सिंह, एसएसपी अविनाश पांडे सहित, सीसीएसयू की कुलपति प्रो0 संगीता शुक्ला, मेजर ध्यानचंद स्पोर्टस विश्वविद्यालय, के कुलपति खेल जनरल दीप अहलावत उपस्थित रहे।
