गन्ना बचाव जागरूकता अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन      Publish Date : 14/06/2026

गन्ना बचाव जागरूकता अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन

  • “लाल सड़न रोग और कीट प्रबंधन के प्रति गन्ना किसानों को किया जागरूक गया”

सिंजेंटा कंपनी के तत्वावधान में बीते दिन 26 मई को एलएचएफएस पीलीभीत के गेट क्षेत्र में गन्ना बचाव जागरूकता अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भीषण गर्मी और बढ़ते पारे के बावजूद क्षेत्र के 400 से अधिक किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से गन्ने की फसल को तबाह करने वाले 'लाल सड़न रोग' (रेड रॉट) से बचाव पर विस्तृत चर्चा की गई।

इसके साथ ही उन्नत गन्ना प्रजातियों, चोटी बेधक (टॉप बोरर) कीट प्रबंधन, उर्वरकों के संतुलित प्रयोग, कृषि रसायनों के सही उपयोग और गन्ना बुवाई की आधुनिक एकल पंक्ति विधि जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार साझा किए गए। गोष्ठी में उपस्थित किसानों की कृषि से जुड़ी अनेक जिज्ञासाओं और समस्याओं का मौके पर ही समाधान भी किया गया।

विशेषज्ञों ने गन्ने की फसल को कीटों से बचाने के लिए किसानों को महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव दिए। सलाह दी गई कि किसान फिलहाल सीटीपीआर का प्रयोग टाल दें और इसका इस्तेमाल जून के आखिरी सप्ताह में करें, जिससे गन्ने में चौथी पीढ़ी के कीटों के प्रकोप से राहत मिलने की पूरी संभावना रहेगी।

                                 

इसके साथ ही, गोष्ठी के दौरान अनेक किसानों ने क्षेत्र में यूरिया की किल्लत को लेकर चिंता जताई और बताया कि इसके विकल्प के रूप में उन्हें महंगे उर्वरकों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इस पर विशेषज्ञों ने परामर्श दिया कि किसान कम से कम पहली बार यूरिया जमीन पर अवश्य डालें, और इसके बाद लागत कम करने के लिए 4 किलो यूरिया को 200 लीटर पानी में मिलाकर 15 से 20 दिनों के अंतराल पर फसल की पत्तियों पर छिड़काव (फॉलीयर स्प्रे) करें।

कार्यक्रम के माध्यम से इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि यूरिया किसानों की फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए सबसे सस्ता और उपयुक्त उर्वरक है, जिसका गन्ने की फसल में जून माह तक मुख्य रूप से इस्तेमाल होता है। यूरिया की कमी से जूझ रहे किसानों की परेशानी को देखते हुए मंच से सरकार और संबंधित प्रशासन से भी विशेष अपील की गई। सरकार से पुरजोर मांग की गई है कि गन्ने की फसल के इस महत्वपूर्ण दौर को देखते हुए क्षेत्र के किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में यूरिया की उपलब्धता तत्काल सुनिश्चित कराने की कृपा की जाए, ताकि फसल उत्पादन प्रभावित न हो।