
कृषि विश्वविद्यालय में 'कृषि 4.0 और क्लाउड इंटीग्रेशन' पर कार्यशाला का आयोजन Publish Date : 13/06/2026
कृषि विश्वविद्यालय में 'कृषि 4.0 और क्लाउड इंटीग्रेशन' पर कार्यशाला का आयोजन
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SVPUAT), मेरठ के कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी में आज 'कृषि 4.0 और क्लाउड इंटीग्रेशन' (Agriculture 4.0 & Cloud Integration) विषय पर एक दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। 'क्लाउड यात्रा' (CloudYatra) और कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्लाउड, डेटा और इंटेलिजेंट तकनीकों के माध्यम से पारंपरिक कृषि को आधुनिक रूप में बदलना था।
इस गरिमामयी कार्यक्रम का मार्गदर्शन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त व अध्यक्षता कुलसचिव डॉ. वी. पी. सिंह द्वारा किया गया। कार्यशाला पूरी तरह से नि:शुल्क थी, जिसमें छात्रों और शोधकर्ताओं ने भारी संख्या में भाग लिया।
आधुनिक तकनीकों और क्लाउड लैब पर रहा जोर तीन घंटे (सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे) तक चली इस कार्यशाला को विभिन्न तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, क्लाउड यात्रा के फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर देवराज शुक्ला ने 'इंडस्ट्री 4.0 और करियर पाथवेज' पर विस्तृत प्रकाश डाला। इसके बाद कृषि-तकनीकी टूलकिट जैसे कि Krishi-IDE, Apache Airflow और Nextflow के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यशाला के दौरान छात्रों के लिए एक विशेष 'हैंड्स-ऑन क्लाउड लैब' सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रिसिजन फार्मिंग (सटीक खेती), क्लाउड कंप्यूटिंग, जीनोमिक्स पाइपलाइन्स, डेटा एनालिटिक्स, एआई/एमएल (AI/ML) इनसाइट्स और आईओटी (IoT) व ऑटोमेशन जैसे विषयों पर व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। साथ ही AWS क्लाउड, माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर और गूगल क्लाउड जैसी प्रमुख क्लाउड सेवाओं के एकीकरण को भी समझाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य सूत्रधार
इस सफल आयोजन को सुचारू रूप से चलाने में कार्यक्रम निदेशकों की मुख्य भूमिका रही, जिनमें कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी के डीन डॉ. जयवीर सिंह और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुष्पेंद्र कुमार सिंह शामिल थे। कार्यक्रम का समन्वय कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उत्कर्ष पुंडीर द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में क्लाउड यात्रा के डिलीवरी हेड और इवेंट होस्ट सुमित सोम ने उपस्थित शोधकर्ताओं और छात्रों को रिसर्च क्रेडिट, ग्रांट्स और भविष्य की मेंटरशिप (मार्गदर्शन) के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव दिए और अंत में प्रश्न-उत्तर (Q&A) सत्र के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
