
विश्व पर्यावरण दिवस Publish Date : 07/06/2026
विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून, 2026)
संदेश: योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश):
मुझे यह जानकर प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है कि जन सामान्य को पर्यावरण स्वच्छ रखने तथा पर्यावरण प्रदूषणजनित चुनौतियों का सामना करने हेतु जागरूक, संवेदनशील एवं सक्षम बनाने के लिए'विश्व पर्यावरण दिवस' (5 जून, 2026) के अवसर पर प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
मानवीय गतिविधियों के कारण जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण, जैव विविधता में कमी तथा जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना आज विश्व कर रहा है। वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों, निलंबित कणों, संश्लेषित रसायनों तथा समय के साथ अपघटित न होने वाले पदार्थों की बढ़ती मात्रा ने पर्यावरण को सुरक्षित बनाए रखने हेतु नई चुनौतियां उत्पन्न की हैं। पर्यावरण प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न न होने देने तथा पर्यावरण प्रदूषण जनित इन चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने हेतु हजारों वर्ष पूर्व से हमारी महान ऋषि परंपरा ने प्रकृति मित्र जीवनशैली अपनाने, नदियों, वनों, वन्य प्राणियों एवं वृक्षों सहित समस्त प्राकृतिक संसाधनों को देव स्वरूप मानते हुए संरक्षित एवं संवर्धित करने तथा आवश्यकता सीमित रखने को परंपरा, संस्कृति एवं जीवन का अभिन्न तथा अनिवार्य अंग बनाया।

उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन पर स्थानीय कार्यवाही को प्रोत्साहित करने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रीन चौपाल का आयोजन एवं जलवायु परिवर्तन विशेषांक को ग्राम पंचायत विकास परियोजना का अंग बनाकर पंचायत को क्लाइमेट स्मार्ट पंचायत का रूप देने का कार्य किया जा रहा है। वृक्षारोपण को जन संवेदना, युवा ऊर्जा, नारी शक्ति, जन स्वास्थ्य, जल संरक्षण परंपरा व संस्कृति से जोड़कर जन अभियान का रूप देकर विगत 9 वर्षों में 242 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया गया है।
उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्वच्छ ईंधन आधारित कुक स्टोव का विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों और इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों को प्रोत्साहन, उद्योगों के लिए स्वच्छ उत्पादन प्रौद्योगिकियों और शहरी क्षेत्रों में सड़क की धूल और अपशिष्ट की निगरानी के लिए एक नई वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली विकसित किए जाने का कार्य किया जा रहा है। स्वच्छ वायु कार्यक्रम 2025 के अंतर्गत प्रदेश में पार्टिकुलेट मैटर 10 अर्थात पीएम10 की सांद्रता में कमी आई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के व्यापक प्रसार से स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में वृद्धि हुई है। जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए एवं बचाए रखने के लिए प्रदेश में 12 रामसर साइटों का प्रबंधन एवं प्रत्येक जनपद में वेटलैंड के चिह्नांकन तथा संरक्षण एवं विकास का कार्य किया जा रहा है। जलवायु परिवर्तन आधारित वित्तीय प्रबंधन को प्रोत्साहित करने हेतु प्रत्येक वर्ष ग्रीन बजट की प्रस्तुति की जा रही है।
मा. प्रधानमंत्री जी द्वारा घोषित मिशन लाइफ, जो कि विकास के साथ जलवायु रक्षा करने का मंत्र देता है, को अपनाकर प्रदेश 'विश्व पर्यावरण दिवस-2026' की विषयवस्तु" प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।" (Inspired by Nature. For Climate. For Our Future) भावना को मूर्त रूप दे रही है।

'विश्व पर्यावरण दिवस-2026' के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की सफलता हेतु मेरी हृदय से मंगलकामनाएं।
अरुण कुमार सक्सेना (राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), वन एवं पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन, उत्तर प्रदेश)।
