कृषि विवि में गुजरात दिवस पर पैदल यात्रा का आयोजन      Publish Date : 02/05/2026

कृषि विवि में गुजरात दिवस पर पैदल यात्रा का आयोजन

  • कृषि विश्वविद्यालय में गुजरात दिवस पर पैदल यात्रा में देखी गई देशभक्ति।

  • गुजरात दिवस पर कृषि विश्वविद्यालय सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन।

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के परिसर में गुजरात दिवस पर पैदल मार्च का आयोजन किया गया। इस पैदल यात्रा को कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त ने हरी झंडी दिखाकर प्रारंभ किया। कुलपति द्वारा हरी झंडी दिखाते ही यात्रा ने रफ्तार पकड़ी और पूरा माहौल प्रेरणादायक पहल का साक्षी बना।

हाथों में झंडा लिए चेहरे पर जोश लिए छात्र-छात्राएं, जब परिसर से सड़कों की ओर बड़े, तो हर मोड़ पर देशभक्ति और जागरूकता का संदेश गूंजता नजर आया।

इस अवसर पर कुलपति ने गुजरात की समृद्धि, सांस्कृतिक विरासत, उद्यमशीलता और विकास मॉडल के बारे में जानकारी भी दी गई। कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त ने अपने संबोधन में कहा की गुजरात अपनी उद्यमिता और विकास मॉडल के लिए जाना जाता है, गुजरात ने देश विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि गुजरात केवल आर्थिक प्रगति का प्रतीक नहीं बल्कि सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने आगे कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का गुजरात से होना राजकीय राज पशु चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में गुजरात दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक रंगों की अदभुत छटा बिखरी।

                      

इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गुजराती संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन की जीवंत झलक प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। विश्वविद्यालय में गुजराती रंग ने सभी को आकर्षित किया वहीं डांडिया नृत्य की धूम रही तो फैशन शो में भी प्रतिभागियों ने अपना जलवा बिखेरा।

छात्र-छात्राओं ने गुजराती प्रधानों में रैंप वॉक कर दर्शकों की वाहवाही बटोरी, रंगबिरंगी घाघरा-चोली, काटीदार कुर्ता, आकर्षक आभूषण और पारंपरिक साज सज्जा ने सभागार को गुजरात के रंग में रंग दिया।इसके बाद डांडिया नृत्य ने सभी को रोमांचित कर दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त ने संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को विभिन्न राज्यों की परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उसमें राष्ट्रीय एकता और आपसी सम्मान की भावना को भी मजबूत करते हैं। कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त ने कहा कि जिस सृजनात्मकता और समर्पण के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, वह सराहनीय है। कुलपति ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। गुजरात जैसे राज्य की परंपराएं हमें जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देती हैं। इस दौर में युवाओं को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।

                        

छात्र कल्याण अधिष्ठाता, डॉ डी के सिंह ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से छात्रों में जागरूकता बढ़ती है इस पैदल यात्रा में कुलसचिव डॉ वीरपाल सिंह, निदेशक शोध डॉ कमल खिलाड़ी, निदेशक प्रसार डॉक्टर सतेंद्र खारी, निदेशक ट्रेनिंग प्लेसमेंट, डॉ आर एस सेंगर

अधिष्ठाता, डॉ विवेक कुमार, डॉ रवींद्र कुमार, डॉ जयवीर यादव, डॉ बिजेंदर सिंह, डॉ टी आर सरकार, डॉ विजय कुमार, डॉ यूपी शाही, डॉक्टर लोकेश गंगवार, डॉ रश्मि चौधरी, डॉ जिनीथा, डॉ पंकज कुमार तथा भारी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे।