
एसवीपीयूएटी में अनुभव साझा कार्यक्रम आयोजित Publish Date : 17/03/2026
एसवीपीयूएटी में अनुभव साझा कार्यक्रम आयोजित
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गुजरात मॉडल से बदलेगा पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कृषि व डेयरी परिदृश्य:
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गुजरात में विगत दिनों हुए शैक्षणिक दौरा के अनुभवों को साझा किया गया। यह दौरा 15–16 फरवरी को माननीय कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था।
इस शैक्षणिक दौरा के अंतर्गत विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक दल ने बनास डेयरी तथा सरदार कृषि नगर दांतीवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय (SDAU) का दौरा किया, जहां आधुनिक कृषि एवं डेयरी प्रणालियों का अवलोकन किया गया। इस दौरान बनास डेयरी तथा सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीच शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) भी हस्ताक्षरित किया गया था।

विश्वविद्यालय की तरफ से वैज्ञानिकों की टीम में माननीय कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त के नेतृत्व में शोध निदेशक डॉ. कमल खिलाड़ी, विभागाध्यक्ष डॉ. वी. पी. सिंह, सहायक प्राध्यापक डॉ. अंकुर त्रिवेदी एवं शोध-छात्र सुखधाम सिंह ने अपने अनुभवों को विश्वविद्यालय के शिक्षकगणो और छात्रों के साथ विस्तार से साझा किये।
कार्यक्रम में गुजरात के “एकीकृत कृषि एवं डेयरी मॉडल” को अत्यंत प्रभावशाली एवं परिणामोन्मुख उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसमें सहकारी प्रणाली, आधुनिक डेयरी प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS), ऑर्गेनिक फार्मिंग तकनीक, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, एम्ब्रियोट्रांसफर तकनीक, तथा उन्नत प्रजनन सुधार प्रणाली शामिल हैं। साथ ही, हॉस्टल के खाद्य अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन और उससे जैव उर्वरक निर्माण एवं जल संरक्षण की तकनीक को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बताया कि यदि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी गुजरात जैसे मॉडल को अपनाया जाता है, तो इससे प्रदेश में किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी और कृषि एवं डेयरी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम के संबोधन में कुल सचिव रामजी सिंह ने कहा कि गुजरात मॉडल एक आदर्श मॉडल है, जिसे अपनाने से विश्वविद्यालय सहित क्षेत्रीय किसानों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार पी. के. सिंह एवं समस्त अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष तथा छात्र-छात्राएँ भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में माननीय कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एसवीपीयूएटी में गुजरात मॉडल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय किसानों एवं पशुपालको को सीधा लाभ मिल सके।
यह कार्यक्रम कृषि एवं डेयरी क्षेत्र में नवाचार और सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
