
कृषि विश्वविद्यालय में ‘पशुधन उत्पादों का मूल वर्धन उद्यमिता’ पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन Publish Date : 13/03/2026
कृषि विश्वविद्यालय में ‘पशुधन उत्पादों का मूल वर्धन उद्यमिता’ पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के पशुधन उत्पादन प्रौद्योगिकी विभाग ने 13 से 17 मार्च 2026 तक पशुधन उत्पादों का मूल वर्धन उद्यमिता और रोजगार के लिए वरदान विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त ने किया। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था के रूपांतरण और देश के युवाओं के लिए स्थाई अजीविका का सृजित करने में मूल वर्धित पशुधन उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने परिसर के भीतर समर्पित कृषि व्यापार इनक्यूबेशन केंद्र अभिक स्थापित करने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता व्यक्त की, जो विशेष रूप से कृषि पशुधन और संबद्ध क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्टार्टअप के विकास को गति देने के लिए डिजाइन किए जाएंगे।

कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त ने जोर देते हुए कहा कि इनक्यूबेशन केंद्र उभरते उद्यमियों के लिए मार्गदर्शन बुनियादी ढांचा बाजार संपर्क और वित्त पोषण के अवसरों तक पहुंच प्रदान करके एक लॉन्चिंग पैड के रूप में कार्य करेंगे। इस मौके पर प्रशिक्षण कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर वी. पी. सिंह ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित एससी-एसपी छात्र सशक्तिकरण कार्यक्रम, कृषि पशु चिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान में डिजिटल शिक्षा उद्यमिता और कैरियर विकास के अंतर्गत प्रायोजित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को मूल्य वर्धित पशुधन उत्पाद विकास में व्यवहारिक कौशल और ज्ञान को बढ़ाना है, जिससे पशुपालन के क्षेत्र में छात्र आत्म निर्भरता और रोजगार सृजन को बढ़ावा दे सके।
इस कार्यक्रम में कुल-सचिव डॉ रामजी सिंह, डॉक्टर पी के सिंह डॉक्टर कमल खिलाड़ी, डॉ विजय सिंह, डॉक्टर वी पी सिंह, डॉक्टर देवाशीष और डॉक्टर अखिलेश कुमार वर्मा आदि ने भाग लिया तथा कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर प्रमिला उमराव ने किया।
