कृषि विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन      Publish Date : 09/03/2026

कृषि विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ स्थित कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी के एग्रीटेक इनोवेशन हब में आज “Business Transformation Strategies for Improving Financial Health of RCBs and PACS” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 9 मार्च से 11 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय सहकारी बैंकों (RCBs) एवं प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाने हेतु आधुनिक प्रबंधन एवं व्यवसायिकरण नीतियों से अवगत कराना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत से हुआ, जिसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. रामजी सिंह के कर कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। इस अवसर पर प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. जयवीर सिंह ने स्वागत संबोधन देते हुए कहा कि सहकारी संस्थाओं की आर्थिक मजबूती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बैंकिंग प्रणाली में कार्यरत अधिकारियों को नवीनतम प्रबंधन तकनीकों और वित्तीय रणनीतियों से परिचित कराते हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए कार्यक्रम निदेशक डॉ. पी. के. सिंह ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति में सुधार, व्यवसायिक रूपांतरण, प्रबंधन दक्षता तथा डिजिटल बैंकिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में BIRD के फैकल्टी में डॉ. उदिता अग्रवाल एवं श्री अनुज कुमार सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए सहकारी संस्थाओं में नवाचार और प्रभावी वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया।

इसके अतिरिक्त कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक, निदेशक अनुसंधान डॉ. कमल खिलाडी, निदेशक प्रसार डॉ. पी. के. सिंह एवं वित्त-नियंत्रक श्री पंकज चतुर्वेदी ने भी अपने संबोधन में सहकारी बैंकिंग प्रणाली के सुदृढ़ीकरण में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि डॉ. रामजी सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि सहकारी बैंक एवं PACS ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्राप्त ज्ञान और अनुभव को अपने कार्यक्षेत्र में लागू कर सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता और वित्तीय स्वास्थ्य को मजबूत बनाएं।

कार्यक्रम का समापन आयोजक सचिव डॉ. नीलेश चौहान द्वारा सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए किया गया। इसके पश्चात प्रतिभागियों के लिए तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें विषय विशेषज्ञों द्वारा सहकारी बैंकिंग प्रणाली से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिए गये। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. हरिओम कटियार, डॉ. हर्ष पवार, डॉ. कृतिका सिंह, डॉ. प्रेरणा सिकरवार, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. विकास कुमार, डॉ. रविकांत, डॉ. अजय एवं डॉ. खुशबू का विशेष सहयोग रहा।