
कृषि विश्वविद्याय के नए कुलपति द्वारा अधिकारियों की बैठक ली गई Publish Date : 02/02/2026
कृषि विश्वविद्याय के नए कुलपति द्वारा अधिकारियों की बैठक ली गई
न्यू एजुकेशन पॉलिसी तथा विकसित उत्तर प्रदेश 2047 को ध्यान में रखकर शिक्षक शोध और प्रसार का कार्य करना होगा -डॉ त्रिवेणी दत्त
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आज नए कुलपति डॉक्टर त्रिवेणी दत्त ने विश्वविद्यालय के सभी निर्देशकों और अधिष्ठाताओं की बैठक ली गई, जिसमें उन्होंने सभी से अपने-अपने विभागों का रोड मैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक महाविद्यालय के अधिष्ठाता, नए कोर्स को प्रारंभ करें। इसके अलावा डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स को भी अति शीघ्र बनाकर प्रस्तुत किया जाए, जिससे आगामी सत्र से उनको विश्वविद्यालय में प्रारंभ किया जा सके।
डॉ त्रिवेणी दत्त कुलपति ने सभी शिक्षकों, निर्देशकों एवं अधिष्ठाताओं को निर्देश दिए कि वह विकसित भारत 2047 तथा विकसित उत्तर प्रदेश 2047 को पढ़ें और उसी के अनुसार विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं को चिन्हित करें, जिससे कि वह जल्द से जल्द उन पर कार्य प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने बताया कि उनका प्रयास है की विश्वविद्यालय से ऐसे शोध किए जाएं, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल सके, क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जलवायु एवं मृदा काफी अच्छे हैं और यह क्षेत्र दिल्ली के पास होने के कारण यहां पर कृषि विविधीकरण पर अधिक ध्यान दिया जाए तो किसानों को काफी हद तक इसका लाभ प्राप्त हो सकता है।

उन्होंने कहा कि हमें जल संरक्षण के साथ-साथ मृदा संरक्षण पर भी अनिवार्य रूप से कार्य करना होगा, जिससे हम प्रति यूनिट एरिया में अपने प्रदेश की उत्पादकता को बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर प्रदेश का उत्पादन अभी भी कई राज्यों से कम है।

इसलिए हमें किसानों को प्रशिक्षण देकर तथा नई तकनीक का समावेश करके प्रति यूनिट उत्पादकता को बढ़ाना होगा, तभी हम अपने प्रदेश के किसानों कि आय को और अधिक बढ़ा सकते हैं। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक पंकज चतुर्वेदी, कुलसचिव डॉ रामजी सिंह, निदेशक ट्रेंनिंग प्लेसमेंट डॉ आर. एस. सेंगर, निदेशक प्रसार डॉ पी. के. सिंह, निदेशक शोध डॉक्टर कमल खिलाड़ी, आइक्यूएसी निदेशक प्रोफेसर लोकेश गंगवार, लाइब्रेरी नोडल ऑफिसर डॉक्टर डॉ रविंद्र कुमार, डॉ विवेक धामा, डॉक्टर बृजेंद्र सिंह, डॉ जयवीर सिंह, डॉक्टर तरुण सरकार, डॉ विजय कुमार, डॉ डी. के. सिंह, डॉक्टर उदय प्रताप शाही, डॉ पंकज कुमार और डॉ रितुल सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
