
कृषि विश्वविद्यालय में शोध सलाहकार समिति की बैठक संपन्न Publish Date : 20/12/2025
कृषि विश्वविद्यालय में शोध सलाहकार समिति की बैठक संपन्न
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ में शोध निदेशालय के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय शोध सलाहकार समिति की बैठक का शुभारंभ कुलपति डॉ के. के. सिंह की अध्यक्षता में किया गया। शोध सलाहकार समिति की बैठक में डॉक्टर के पी सिंह, सहायक महानिदेशक कृषि अभियंत्रिकीय, आईसीएआर नई दिल्ली, डॉक्टर सुनील कुमार निर्देशक आईसीएआर आईआईएफएसआर मेरठ, डॉक्टर एन के सिंह पूर्व राष्ट्रीय प्राध्यापक आईसीएआर नई दिल्ली, डॉक्टर राजीव रंजन नामित सदस्य प्रधान वैज्ञानिक सर्क मेरठ, डॉक्टर आर के सिंह अध्यक्ष केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम मेरठ, आमंत्रित आवश्यक विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए। निदेशक शोध डॉक्टर कमल खिलाड़ी ने अतिथियों एवं वैज्ञानिकों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों को गेहूं धान दलहन सरसों एवं सब्जियों के गुणवत्ता युक्त बीज, जैविक प्रतिनिधि आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं, तथा शोध कार्यक्रमों के संबंध में अवगत कराया गया। बैठक में रबी 2024-25 एवं खरीफ 2025 में आयोजित परीक्षणों के परिणाम का प्रस्तुतीकरण एवं रबी 2025 और 26 हेतु परीक्षकों को आयोजित करने की रूपरेखा तय की गई।

शोध सलाहकार समिति ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय के शोध कार्यक्रम किसानों से वार्ताकार किसानों की समस्याओं पर आधारित एवं तकनीकी आर्थिक विश्लेषण के आधार पर किया जाना चाहिए। तुरंत फसल सुधार कार्यक्रम हेतु महत्वपूर्ण फसलों एवं सब्जियों के जनन द्रव को एकीकृत किया जाए तथा फसल सुधार कार्यक्रम में जिनोम एडिटिंग जैसी नई पादप प्रजनन तकनीक को अपनाया जाना चाहिए। एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एकीकृत की प्रबंध, एकीकृत जल प्रबंधन, कृषि विविधीकरण, पशुधन प्रबंधन एवं प्राकृतिक खेती पर किसान हितों में दीर्घकालिक प्रशिक्षण आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर भी सुझाव दिया गया। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित प्रजातियां एवं तकनीक के प्रभाव का विश्लेषण भी विश्वविद्यालय के भावी शोध कार्यक्रमों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कुपोषण से निपटने के लिए कम उपयोग वाली फसलों पर भी शोध एवं मूल संवर्धन कार्यक्रमों को और अधिक बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

शोध सलाहकार समिति की दो दिवसीय बैठक में आयोजित कार्यक्रमों में यह संदेश दिया गया कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण की आवश्यकता है ताकि पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों को बेहतर कृषि उत्पादकता प्राप्त हो सके। विश्वविद्यालय ने अपने आगामी वर्ष के कारकों के तहत इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में निदेशक शोध कमल खिलाड़ी द्वारा बताया गया कि इस तरह की बैठक विश्वविद्यालय में दो बार आयोजित की जाती रहेगी। समस्त अतिथियों का जॉइंट डायरेक्टर शोध प्रोफेसर गोपाल सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ रामजी सिंह विभिन्न महाविद्यालयों अधिष्ठाता, निदेशक गण, समस्त विभागाध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक गण उपस्थित रहे।
