कृषि विश्वविद्यालय में उत्तरप्रदेश/2047- संगोष्ठी/परिचर्चा का आयोजन      Publish Date : 14/11/2025

कृषि विश्वविद्यालय में उत्तरप्रदेश/2047- संगोष्ठी/परिचर्चा का आयोजन

आज दिनांक 14.11.2025 सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ द्वारा विकसित उत्तरप्रदेश/2047 -संगोष्ठी/परिचर्चा का आयोजन डॉ0 के. के. सिंह, कुलपति जी की अध्यक्षता में नैदानिक सभागार, पशु-चिकित्सा महाविद्यालय में किया गया। कार्यक्रम में पद्मश्री सेठपाल सिंह, जनपद सहारनपुर, विशिष्ट अथिति रहें। इस अवसर पर प्रगतिशील मत्स्य कृषक श्री रजनीश कुमार चौधरी, श्रीमती नीलम त्यागी, श्री शरद चौहान एवं  एफ0पी0ओ0 के निदेशक, श्री हर्षवर्धन त्यागी ने विकसित उत्तर प्रदेश के लिए अपने विचारों से अवगत कराया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रत्येक महाविद्यालय के सर्वोत्तम व्याख्यान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए तथा विकसित उत्तर प्रदेश से सम्बन्धित पोस्टर भी प्रदर्शित किए गए। व्याख्यान प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अनुष्का, जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, द्वितीय स्थान आदित्य गुप्ता, कटाई उपरान्त प्रौद्योगिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महाविद्यालय तथा तृतीय स्थान सचिन यादव, तकनीकी महाविद्यालय ने प्राप्त किया, इसी के साथ पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आरूशी, अमरजीत गुप्ता, तकनीकी महाविद्यालय, द्वितीय स्थान प्रीती कुमारी, पशु-चिकित्सा महाविद्यालय तथा तृतीय स्थान वंश, जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय ने प्राप्त किया। साथ ही पोस्टर एवं व्याख्यान प्रतियोगिता में प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को क्रमशः रू0 5100/-, रू0 3100/- एवं रू0 2100/- की नगद धनराशि से सम्मानित किया गया। डॉ0 रविन्द्र कुमार, अधिष्ठाता जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय ने विश्वविद्यालय के परिदृश्य पर विस्तृत विचार रखे।

                                                            

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 के. के. सिंह ने विकसित उत्तरप्रदेश/2047 की परिकल्पना हेतु आवश्यक सुझाव देते हुए अवगत कराया कि आने वाले 20 वर्षो में खेती की भूमि घटेगी। अतः हमें मृदा स्वास्थ को बढ़ाना होगा ताकि अधिक उत्पादकता ली जा सके। उत्पादों का अधिक से अधिक प्रसंस्करण की आवश्यकता है ताकि नुकसान से बचा जा सके। शिक्षा, शोध एवं प्रसार में नई तकनीकीयों के समावेश से विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह केवल एक सरकारी मिशन नहीं, बल्कि 25 करोड़ उत्तर प्रदेश वासियों का साझा सपना है- ऐसा सपना जिसमें हमारा प्रदेश वर्ष 2047 में भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा का अग्रदूत हो। साल 2047 भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने का समय होगा। यह वर्ष केवल इतिहास का पड़ाव नहीं, बल्कि भविष्य का वह क्षण होगा जब हम यह तय करेंगे कि हमारे राज्य ने प्रगति के पथ पर कितना आगे कदम बढ़ाया।

कार्यक्रम संयोजक निदेशक प्रसार, डॉ0 पी. के. सिंह द्वारा समस्त अतिथियों एवं प्रगतिशील कृषकों के स्वागत सम्बोधन के साथ-साथ कार्यकम के विस्तृत प्रारूप एवं इसकी महत्ता से अवगत कराया। इस अवसर पर प्रसार निदेशालय के डॉ0 पी. के. सिंह, डॉ0 एस. के. लोधी, डॉ0 एस. के. त्रिपाठी, डॉ0 हरिओम कटियार एवं अन्य स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में समस्त अधिष्ठाता गण, कुलसचिव, कृषि विज्ञान केन्द्रों के अध्यक्ष/प्रभारी अधिकारी के साथ-साथ विभिन्न जनपदों के कृषकों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के अन्त में कुलसचिव, डॉ0 रामजी सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।