
आम प्रसंस्करणः किसान की आय का एक महत्वपूर्ण साधन Publish Date : 28/06/2026
आम प्रसंस्करणः किसान की आय का एक महत्वपूर्ण साधन
प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं अन्य
आम के प्रसंस्कृत उत्पादन - किसान के लिए आय का एक महत्वपूर्ण साधन है।
कच्चा आम सस्ता, जिसे प्रोसेस करके 5 गुना अधिक दाम मिलता है:
1. आम पन्ना: कैरी लू, गर्मी में डिमांड रेस्टोरेंट/ठेले पर ₹20-30 प्रति ग्लास और 2-3 दिन तक फ्रेश रहता है।
2. आम का अचार: कैरी + मसाला हर घर की जरूरत, देसी + तेल वाला दोनों ही रूपों में बिकता है और 1 साल तक सेवन करने के योग्या बना रहता है।
3. आम का मुरब्बा: पका/कच्चा आम बच्चों-बुजुर्गों को पसंद होता है। आयुर्वेदिक टॉनिक 8-12 महीने तक आसानी से सेवन किया जा सकता है।
4. अमचूर पाउडर: कैरी स्लाइस सुखा कर खट्टे के लिए नींबू का विकल्प होता है जो ₹400-600/kg के भाव से बिकता है और 1 साल तक प्रयोग किया जा सकता है।

5. मैंगो जूस/नेक्टर: पका आम पल्प फैंसी + लोकल दोनों ब्रांड, टेट्रा पैक में मिलता है जिसका उपयोग 6 महीने तक आसानी प्रयोग से किया जा सकता है।
6. मैंगो पल्प: पका आम आइसक्रीम, जूस कंपनी खरीदती हैं। इसकी डिमांड बल्क में रहती है और फ्रीज में रखकर इसे 1 साल उपयोग किया जा सकता है।
7. टूटी-फ्रूटी: कच्चा आम क्यूब बेकरी, आइसक्रीम आदि में उपयोग किया जाता है और कलर डालकर इसे 6 महीने तक उपयोग में लाया जा सकता है।
8. आम बर्फी/सोंठ:
पल्प + चीनी + खोया दिवाली आदि अन्य त्यौहारों पर हाई डिमांड रहती है और इसे 15 से 20 दिन उपयोग किया जा सकता है।
9. आम चटनी: पका आम रेस्टोरेंट + घर दोनों में शीशी में बिकती है और इसका उपयोग 6 महीने तक आसानी से किया जा सकता है।
10. आम वडी/पापड़: पका आम पल्प सुखाकर महाराष्ट्र/गुजरात में यह बहुत फेमस है। यह एक स्नैक आइटम 8 महीने उपयोग करने लायक बनी रहती है।
छोटे किसान के लिए बेस्ट बिजनेस आइडिया:
1. सोलर ड्रायर से अमचूर: ₹25/kg कैरी → सुखाकर ₹500/kg अमचूर बनाकर बेचा जा सकता है।
2. घर का अचार ब्रांड: मां के हाथ का अचार- लोकल दुकान पर बेचकर 200% तक का मार्जिन कमाया जा सकता है।
3. फ्रोजन पल्प: पके आम का पल्प निकालकर -18°C में पैक करके आइसक्रीम वाले बेचा जा सकता है।
सरकारी मदद: FSSAI रजिस्ट्रेशन + PMFME स्कीम से मशीन सब्सिडी पर मिल जाती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
