मिठास से भरा स्वर्णिम स्वरोजगार      Publish Date : 13/11/2025

                  मिठास से भरा स्वर्णिम स्वरोजगार

                                                                                                                                                प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं अन्य

  • किसान भाई शहद उत्पादन प्रारंभ कर बढ़ाएं अपनी आय

भारत सरकार ने राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन को 2025-26 तक बढ़ा दिया है। इस योजना का उद्देश्य वैज्ञानिक विधि से मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन देने के साथ गुणवत्ता वाला शहर, मोम, रॉयल जेली, ट्रोफिलिंस और विष समस्त जैसे उत्पादों का उत्पादन बढ़ाना है। यह योजना किसानों, भूमिहीन मजदूरों और ग्रामीण महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसरों का सृजन कर रही है।

इसके साथ ही मधुमक्खियां परागन की क्रिया में भी मदद करती हैं, जिससे फसलों की उपज में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है। इसलिए कहा जाता है कि जिन खेतों के आसपास मधुमक्खियां ज्यादा दिखाई देती हैं वहां पर परागण की क्रिया अच्छी तरह से सम्पन्न होती है और उत्पादन भी अच्छा प्राप्त होता है।

                                                            

महिलाओं सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठनों और सरकारी समितियों के माध्यम से प्रशिक्षण व उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं। शहद की गुणवत्ता की जांच, ब्लॉकचेन और आईटी आधारित पंजीकरण से प्रतिशतता भी बढ़ी है। किसान स्थानीय कृषि कार्यालय या जिला कृषि अधिकारी या राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड की वेबसाइट पर पंजीकरण कर 50 प्रतिशत तक के अनुदान के साथ अपने मधुमक्खी पालन व्यवसाय को प्रारंभ कर सकते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।