फ्लू को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी      Publish Date : 27/10/2026

      फ्लू को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी

                                                                                                 डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

  • शरीर को जरूरत है सर्दी के लिए आराम, पानी और अच्छे खाने की जरूरत।
  • खांसी, जुकाम, सिरदर्द जैसे लक्षणों के साथ थका और हारा महसूस करें तो नई सीजन वाली बीमारी।

फ्लू के मौसम में ज्यादातर लोग सर्दी-जुकाम से परेशान रहते हैं। एक बार में पूरे परिवार में लोग बीमार पड़ जाते हैं। ऐसा कई बार होता है कि कई बार इसे सामान्य फ्लू समझा जाता है। कई बार इसे मामूली सर्दी-जुकाम समझ लेते हैं और अपनी दिनचर्या में लगे रहते हैं। वहीं छोटी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।

                             

फ्लू होने पर शरीर को आराम से लड़ने के लिए आराम, पानी और अच्छे खाने की जरूरत होती है। ऐसे में कुछ दिनों तक घर पर आराम करने और पानी की कमी को पूरा करने पर ध्यान देना जरूरी है।

पानी का महत्व बहुत बढ़ जाता है। फ्लू का असर बहुत ज्यादा होता है। इसके साथ खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, बदन में दर्द और थोड़ा बहुत बुखार भी हो सकता है। कुछ लोगों को भूख कम लगती है और कई बार जी मिचलाने जैसा महसूस होता है। अगर बुखार बहुत ज्यादा हो, सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार चल रहे लोगों में फ्लू ज्यादा गंभीर हो सकता है।

जुकाम, बुखार और शरीर में थकान जैसे फ्लू के लक्षण दिखने पर शरीर को पानी की कमी से बचाना जरूरी है। शरीर को आराम देने और पानी की कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त पानी पीना, जूस, सूप, घरेलू पानी और फलों का सेवन करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। घर का खाना पौष्टिक होता है और ऐसा भोजन जो आसानी से पच सके।

फ्लू हो सकता है। अगर ज्यादा देर तक बुखार बना रहे और आराम न मिले तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ऐसी स्थिति में घबराने की बजाय सावधानी बरतनी चाहिए। पानी की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। खाने में हल्की आहार जैसे खिचड़ी, दलिया, फल और सब्जियां खानी चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर दवाएं लेनी चाहिए। नमक के पानी से गरारे करने से गले को आराम मिल सकता है।

  • ज्यादा काम करने से बचाव करना जरूरी है। ज्यादा आराम करने से शरीर जल्दी ठीक होता है। दोपहर में थोड़ी देर सोने से शरीर को खूब सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
  • संक्रमण के दौरान दूसरों को भी पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि फ्लू एक संक्रामक बीमारी है। संक्रमित व्यक्ति को मास्क पहनना चाहिए और दूसरों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
  • हाथ को बार-बार धोने से संक्रमण फैलने से बचाव होता है। इसलिए हाथों को साबुन से बार-बार धोना चाहिए। खांसते या छींकते समय रूमाल या टिश्यू का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर खांसते हुए बहुत ज्यादा थकान महसूस हो तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
  • बुखार होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए और खुद से दवाएं नहीं लेनी चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों या कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में फ्लू का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे लोगों को फ्लू से बचाव के लिए वैक्सीन लगवानी चाहिए। हर साल फ्लू का टीका लगवाने से बीमारी से बचाव हो सकता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए संतुलित आहार लेना चाहिए। रोजाना व्यायाम करना चाहिए और पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। धूम्रपान और शराब से बचना चाहिए।

                              

फ्लू को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सही समय पर इलाज और सावधानी बरतने से फ्लू को आसानी से ठीक किया जा सकता है। अगर फ्लू के लक्षण लंबे समय तक बने रहें या बिगड़ते जाएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

फ्लू से बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। हाथों को बार-बार धोना, खांसते या छींकते समय मुंह को ढकना और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना चाहिए। अगर फ्लू के लक्षण दिखें तो घर पर आराम करना चाहिए और दूसरों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

फ्लू होने पर शरीर को आराम की जरूरत होती है। पर्याप्त नींद लेने से शरीर जल्दी ठीक होता है। पानी और तरल पदार्थों का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती। हल्का और पौष्टिक भोजन करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। इसलिए फ्लू होने पर आराम, पानी और अच्छे खाने का ध्यान रखना चाहिए।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।