
कोरोना की नई वैक्सीन से कई वायरसों से सुरक्षा Publish Date : 17/10/2026
कोरोना की नई वैक्सीन से कई वायरसों से सुरक्षा
डॉ0 दिव्यंशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
भारत के वैज्ञानिकों के द्वारा भावी पीढ़ी के लिए एक ऐसी स्वदेशी वैक्सीन का विकास किया गया है, जो कि कोरोना के कई वायरसों से उन्हें सुरक्षा प्रदान कर सकेगी। अभी हाल ही में किए गए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं के द्वारा उक्त दावा किया गया है। इस वैक्सीन का परीक्षण चूहों पर चार वर्षों तक किया जो कि सफल रहा है।
अन्तर्राष्ट्रीय संस्था कोएलिशन फॉर एपिडेमिक प्रिपेईनेस इनोवेशंस (सीईपीआई) के द्वारा भी इसकी पुष्टि की जा चुकी है। अब इस वैक्सीन का परीक्षण मानव पर किया जाएगा। फरीदाबाद में स्थित सरकार के बीआरआईसी-ट्रांसलेशनल हेत्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीटयूट् एवं पैनासिया बायोटैक ने मिलकर नई पीढ़ी की इस कोरोना वैक्सीन का विकास किया है। यह नई वैक्सीन केवल कोविड-19 से बचाव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका विकास बीटा कोरोना वायरस परिवार के विभिन्न वायरसों के विरूद्व सुरक्षा प्रदान करने के लक्ष्य के साथ किया जा रहा है। बीटा कोरोना वायरस परिवार में श्वसन से सम्बन्धित गम्भीर रोग शामिल होते हैं, जिनमेंकोविड-19, मर्स और सार्स आदि प्रमुख हैं।

चार वर्षों के परीक्षण के बाद मिली सफलता
इस शोध में भूमिका निभाने वाली टीएचएसटीआई की वैज्ञानिक डॉ0 स्वीटी सामल ने बताया कि टीम को चारा वर्षों के परीक्षणों के उपरांत यह सफलता प्राप्त हुई है। इसमें टीएचएसटीआई के द्वारा नई वैक्सीन के डिजाइन तैयार करने, प्री-क्लीनिकल अध्ययन और वैज्ञानिक परीक्षणों की जिम्मेदारी का निर्वहन किया गया, जबकि पैनासिया बायोटेक ने उत्पादन तकनीक और आगे की क्लीनिकल प्रक्रिया के लिए आव/यक विशेषज्ञता उपलब्ध कराई है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, कोरोना परिवार के वायरस समय-समय पर नए रूपों में सामने आते रहे हैं। अतः एक ऐसी वैक्सीन की आवश्यकता है, जो कि नए संक्रमणों के विरूद्व भी मानव की प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ता प्रदान करने में सक्षम हो। विशेषज्ञ इस उपलब्धि को भारत के वैक्सीन अनुसंधान क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।