स्वाद के चक्कर में फैटी लिवर के शिकार हो रहे हैं बच्चे और युवा      Publish Date : 22/08/2026

स्वाद के चक्कर में फैटी लिवर के शिकार हो रहे हैं बच्चे और युवा

                                                                                                   डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा  

वर्तमान समय में बढ़ता बर्गर, पिज्जा और तले-भुने भोजन का सेवन, केवल मोटापा ही नहीं बढ़ रहा है, बल्कि कम उम्र में बच्चो और युवाओं लीवर भी बीमार हो रहा है। जंक फूड की आदतें और युवाओं में शराब का गढ़ता चलन लिवर के रोगी होने का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान साल हर साल लगभग 43 हजार से अधिक लोग लिवर की समस्यों से ग्रस्त हो रहे हैं। इन मरीजों में अब बच्चों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है और उनके लिवर भी खराब हो रहे हैं।

मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन आ रहे 100 से अधिक मरीजः लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज मेरठ में केवल मेरठ जिले से ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लिवर के मरीज आते हैं। वरिष्ठ फ़िजीशियन डॉ. नावल के अनुसार मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 100 से अधिक लिवर की विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे मरीज आ रहे हैं, जबकि काला पीलिया के लिए तो अलग से ही एक ओपीडी संचालित की जा रही है।

इसके अलावा पेट में वायरल संक्रमण, लिवर टॉक्सिक जैसे अन्य कई रोगों के मरीज भी इनमें शामिल होते हैं।

पिछले दस वर्षों में लिवर के मरीजों की संख्या दोगुनी से भी अधिक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अब केवल व्यस्कों और युवाओं में ही नहीं, बल्कि बच्चों में भी लिवर की समस्याएं सामने आने लगी हैं। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपमा वर्मा का कहना है कि सामान्य दिनों में 100-120 के बीच बच्चे आते थे लेकिन अब यह आंकड़ा 200 की संख्या को भी पार कर चुका है।

शराब और ताल-भुना खाने से परहेज़, वजन को भी रखें नियंत्रित

लिवर के होने वाले हिस्से पर आपके बढ़ते वजन का प्रभाव पड़ता है इसलिए आपको अपने वजन को नियंत्रित रखना जरूरी हो जाता है। अधिक तला-भुना फॉस्ट फूड का सेवन करना, वसायुक्त अनुपयोगी भोजन और शराब का सेवन बंद करें। साथ ही धूम्रपान तुरंत छोड़ देना चाहिए। ट्राइग्लिसराइड को भी नियंत्रित करें। इसके लिए फलों के साथ हरी पत्ती वाली सब्जियों का अधिक से अधिक प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि बच्चों में फास्ट फूड का निरंतर बढ़ता चलन इसका मुख्य कारण सामने आ रहा है।

थोड़ी सी भी परेशानी हो तो तुरंत कराएं जांच

जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ0 दिव्यांशु सेंगर के अनुसार खानपान की गलत आदतों के चलते लिवर पर चर्बी जमा होने लगती है। इस फालत चर्बी पर नियंत्रण न कर पाने से लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी बीमारियां होती हैं। ऐसे में कोई भी परेशानी उत्पन्न होने पर लिवर की अविलम्ब जांच करान बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि लिवर सिरोसिस रोग से ग्रस्त लोगों के लिए विशेष रूप से लिवर का ट्राँसप्लांट कराना करना ही एकमात्र विकल्प होता हैं।

डॉ0 सेंगर ने बताया कि लिवर सिरोसिस की बीमारी से पीड़ित रोगियों की संख्या सामान्यतः 15 से 20 रहती है, लेकिन जिला अस्ताल में पिछले दो दिनों में ही 200 से अधिक मरीज आ चुके हैं। लिवर से सम्बन्धित बीमारियों के लिए जिला अस्पताल मेरठ में जांच के साथ ही मरीज़ों को भी मुफ़्त दी जाती है। इसलिए लिवर की बीमारियों के प्रति सचेत रहें और समय पर अपने लिवर की जांचें करकर उचित उपचार प्राप्त करने में ही समझदारी है

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।