
पैक्ड फूड्स में भी शामिल होती है चीनी Publish Date : 21/08/2026
पैक्ड फूड्स में भी शामिल होती है चीनी
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
सिर्फ मीठी चीज में ही नहीं, इन पैक्ड इन पैक्ड और फूड्स में भी शामिल है चीनी। जब भी चीनी (शुगर) की बात आती है, तो सबसे पहले मिठाई, केक, चॉकलेट, आइसक्रीम या कोल्ड ड्रिंक की आदि का ही ख्याल हमारे मन में आता है। परन्तु क्या आप जानते हैं कि चीनी सिर्फ मीठी चीजों में ही नहीं होती? हमारे आसपास ऐसे कई पैक्ड और रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं, जिनका स्वाद मीठा भी नहीं लगता है, फिर भी उनमें अच्छी-खासी मात्रा में एडेड शुगर होती है। दरअसल, प्रत्येक प्रकार की चीनी एक जैसी ही नहीं होती है। फल, दूध और दही के जैसे खाद्य पदार्थों में जो चीनी उपलब्ध होती है, उसे नैचुरल शुगर अथवा चीनी कहते हैं।
यह शुगर हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं मानी जाती, क्योंकि इन खाद्य पदार्थो में फाइबर, विटामिन, मिनिरल और अन्य पोषक तत्व भी उपलब्ध होते हैं। वहीं दूसरी ओर प्रोसेस्ड अथवा पैक्ड फूड्स में जो चीनी अलग से मिलाई जाती है, उसे ऐडेड शुगर कहते हैं।
हमेशा ‘शुगर’ नाम से नहीं लिखा होता। कई लोग कहते हैं, फल, दूध और दही जैशी प्राकृतिक रूप से नीबू में खा जाते हैं कि अगर फलों पर ‘चीनी’ नहीं लिखी है तो चीनी नहीं मिलेगी। जबकि चीनी व्यापारियों के लिए कई अलग-अलग नामों का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे- केन शुगर, कॉर्न सिरप, हाई ग्लूकोज कॉर्न सिरप, राइस सिरप, मोलासेस, कैरेमल, हनी, एगेवे आदि।
एडेड शुगर: इसका मतलब है, जो चीनी होता है, उसे बिटकॉइन कहा जाता है। यह शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं माना जाता है, क्योंकि इन खाद्य पदार्थों में तंबाकू, विटामिन, विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। दूसरी ओर, चॉकलेट या पैक्ड फूड में जो चीनी अलग से मिलाई जाती है, उसे एडेड शुगर कहा जाता है। इससे चीनी को अधिक मात्रा में खाने से मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग और कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी खतरे हो सकते हैं। चीनी का इस्तेमाल सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि कई और गुणों से किया जाता है। इन खाद्य पदार्थों की फर्में बेहतर होती हैं, रंग और स्वाद अच्छे होते हैं और कभी-कभी यह उत्पाद सामग्री की तरह काम करके खाद्य पदार्थों की मित्रता की गुणवत्ता भी बढ़ा देती है। इसका कारण यह है कि सॉसेज सॉस, केचप या कीज़ भोजन जैसे कि नॉर्वे में भी चीनी मिलाई जाती है।
चीनी में एडेड शुगर की मात्रा जानने के लिए सबसे आसान तरीका है वास्तुशिल्प लेबल पढ़ें। इसमें ज्यादातर पैक फूड पर श्टोटल शुगर’ और ‘एडेड शुगर’ दोनों की जानकारी दी गई है। मैन नोटबुक में लिखा है कि इसमें कुल 20 ग्राम चीनी है और 15 ग्राम जिसमें सिर्फ 5 ग्राम चीनी प्राकृतिक रूप से मौजूद है, जबकि बाकी 15 ग्राम अलग से मिला हुआ है। इतना ही नहीं, यहां दी गई सामग्री पर विशेष ध्यान दें। यदि सूची की शुरुआत में चीनी या संबद्ध नाम लिखा हो, तो समझें कि उस उत्पाद में चीनी की मात्रा अधिक हो सकती है।
चीनी हमेशा श्शुगर नाम से नहीं लिखा होता। कई लोग यही नमक खाते खा जाते हैं कि अगर पिज्जा पर श्शुगरश् नहीं लिखा है तो उसमें चीनी नहीं होगी। जबकि चीनी व्यापारियों के लिए कई अलग-अलग नामों का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे- केन शुगर, कॉर्न सिरप, हाई ग्लूकोज कॉर्न सिरप, राइस सिरप मोलासेस, कैरेमल, शहद, एगेवे आदि। इसके अलावा जिन शब्दों के अंत में ‘ओज’ आता है, जैसे ग्लूकोज, फ्रक्टोज, सुक्रोज, डेक्सट्रोज, माल्टोज और लैक्टोज, वे भी किसी न किसी रूप में शुगर ही हैं। यदि किसी उत्पाद पर ग्लेज्ड कैंडिड, कैरेमलाइन्ड या फ्रॉस्टेड जैसे शब्द लिखे हैं, तो इसका अर्थ यह भी है कि इसमें अक्सर अतिरिक्त चीनी मिलाई जाती है।
आजकल बाजार में ‘शुगर फ्री’ या श्जीरो शुगर’ जैसे कई उत्पाद लिखे हुए हैं। इनमें अक्सर सुक्रालोज, एस्पार्टेम सेक्रिन या स्टीविया जैसे जीरो स्वीटनर का उपयोग किया जाता है। ये ब्लड शुगर बहुत कम प्रभावित करता है और सीमित मात्रा में इसका इस्तेमाल सुरक्षित माना जाता है। हालाँकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ये सभी उत्पाद पूरी तरह से अलग-अलग तरह के हैं। कई शुगर फ्री पैक्ड फूड में स्वाद और मजबूत बनाए रखने के लिए अलग-अलग स्टॉक की चीजें बेची जाती हैं। कुछ लोगों में स्वीटनर के अधिक सेवन से पेट फूलना या दस्त भी खराब हो सकता है।
कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं, जिनमें लोगों के चीनी होने की उम्मीद नहीं होती, लेकिन उनमें मिश्रीकृत शर्करा काफी हो सकती है। केचप, बारबेक्यू सॉस, सॉस मसाला और स्वादिष्ट भोजन में अक्सर अतिरिक्त चीनी मिलाई होती है। इसी तरह कई प्रोटीन बार और फ्लेवर्ड योगर्ट में भी सबसे ज्यादा शुगर की जरूरत होती है। वैज्ञानिक समय की कोशिश करें कि इनमें प्रोटीन की मात्रा, शुगर से अधिक हो। चॉकलेट, वेनिला या चॉकलेट फ्लेवर वाले दूध के फूल और क्रीम में भी अतिरिक्त चीनी हो सकती है। वहीं ग्रेनोला, इंस्टेंट ओटमील और कई ब्रेकफ़ास्ट सीरियल्स में भी मीठा बनाने के लिए चीनी या शहद का इस्तेमाल किया जाता है। फ्रूट फ्रूट, जैम, पिज्जा बटर और यहां तक कि पीनट बटर, बादाम बटर या काजू बटर में भी कई बार अतिरिक्त चीनी मिलाई जाती है।
लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
