पीसीओएस के शुरुआती संकेत हैं, जिन्हें अक्सर महिलाएं इग्नोर कर देती हैं?      Publish Date : 14/08/2026

पीसीओएस के शुरुआती संकेत हैं, जिन्हें अक्सर महिलाएं इग्नोर कर देती हैं?

                                                                                                डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

पीसीओएस महिलाओं में होने वाली एक काफी परेशान कर देने वाली स्वास्थ्य समस्या है, जिससे जुड़े कई ऐसे लक्षण हैं जिन्हें ज्यादातर महिलाएं शुरुआत में ही इग्नोर कर देती हैं और बाद में गंभीर समस्याएं होने लगती हैं।

महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कई ऐसी बीमारियां हैं, जिन्हें आज के समय में भी इतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता है जितना कि उन्हें लिया जाना चाहिए। पीसीओएस भी एक ऐसी ही एक समस्या है, जिसे आमतौर पर पीरियड्स से संबंधी गड़बड़ी समझ कर लंबे समय तक इग्नोर कर दिया जाता है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि पीसीओएस से सिर्फ पीरियड्स से जुड़ी कोई समस्या नहीं है बल्कि महिलाओं में होने वाली एक गंभीर बीमारी है। ऐसा नहीं है कि पीसीओएस के दौरान सिर्फ पीरियड्स से जुड़े ही लक्षण देखने को मिलते हैं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़े कई ऐसे लक्षण हो देखे जा सकते हैं जो पीसीओएस का संकेत हो सकता है।

लेकिन ज्यादातर महिलाओं को अभी तक भी इन लक्षणों की पहचान नहीं है और इस कारण से लंबे समय तक पीसीओएस रहने से स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएं होने लगती हैं। डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, मेडिकल ऑफिसर, प्यारे लाल शर्मा, जिला अस्ताल मेरठ, ने पीसीओएस से जुड़ी ऐसी ही कुछ समस्याओं के बारे में जानकारी दी है।

क्या है पीसीओएस

पीसीओएस जिसका पूरा नाम पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम होता है जिसे आजकल ओवली मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम के नाम से जाना जाता है। पीसीओएसके शुरुआती लक्षण आमतौर पर अनियमित पीरियड्स से जुड़े होते हैं और इस कारण से लोग इस लक्षण से अंदरूनी बीमारी का पता ही नहीं लगा पाते हैं। इसके साथ-साथ कम उम्र में ही लड़कियों में वजन बढ़ना शुरू हो जाता है और 11-12 साल की उम्र में ही पीरियड्स आने शुरु हो जाते हैं।

पीरियड्स इरेगुलर होना कब तक नॉर्मल?

डॉ0 सेंगर ने बताया कि अगर पहले दो साल तक पीरियड्स इरेगुलर रहते हैं, तो यह नॉर्मल है। हालांकि, पहले दो साल तक पीरियड्स इरेगुलर होना नॉर्मल है पर उसके बाद उनके धीरे-धीरे पीरियड के बीच में समय है वो जो दो से महीने से ज्यादा होने को लगता है। अगर ब्लीडिंग शुरू हो जाता है काफी देर के लिए ब्लीडिंग रहती है। इसके अलावा कुछ अन्य पीसीओएस लक्षण हो सकते हैं, जैसे -

  • इरेगुलर पीरियड।
  • हैवी ब्लीडिंग।
  • स्लो ब्लीडिंग।
  • शरीर का वजन बढ़ना।
  • गर्दन पर काले धब्बे होना।
  • चेहरे पर ज्यादा पिगमेंट्स बनना।
  • हेयर फॉल होना।
  • चेहरे पर बाल उगने लगना आदि।

अगर शुरुआत में इस तरह के लक्षण दिखने को मिलते हैं, तो ये सब पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिजीज का संकेत हो सकता है। इसलिए अगर उपरोक्त लक्षण दिख रहे हैं, तो हम यह संकेत है कि ये हॉर्मोन इंबैलेंस की समस्या हो सकती है।

लंबे समय से हॉर्मोन इंबैलेंस रहना

अगर किसी महिला को लंबे समय से हॉर्मोन इंबैलेंस रहता है, तो सिर्फ पीसीओएस ही नहीं बल्कि कई अन्य समस्याएं होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इस समस्या के कारण कम उम्र में डायबिटीज का खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है। इसलिए अगर किसी महिला को लंबे समय से अनियमित मासिक धर्म की समस्या हो ही है या फिर ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण दिख रहे हैं तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।

पीसीओएस के लिए उपचार

पीसीओएस को जितने समय तक इग्नोर किया जाए यह स्थिति उतनी ही गंभीर होती रहती है और इसलिए जल्द से जल्द इसे मैनेज करना जरूरी होता है। सेंगर ने बताया कि सही समय पर और एक्सरसाइज करना, अपने रोजाना के कार्य करना, लाइफस्टाइल में अच्छे बदलाव करना और अगर वजन बढ़ा हुआ है तो उसे कम करना आदि पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम को रिवर्स करने में काफी मदद कर सकता है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।