बचपन में अधिक जूस और कोल्ड ड्रिंक्स पीने से ब्लड प्रेशर का खतरा      Publish Date : 05/08/2026

बचपन में अधिक जूस और कोल्ड ड्रिंक्स पीने से ब्लड प्रेशर का खतरा

                                                                                                    डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

बचपन में ज्यादा जूस कोल्ड ड्रिंक पीना जवानी में देता है हाई ब्लड प्रेशर के असंयमित होने की समस्या बढ़ जाता है। ऐसे में जो व्यक्ति 350 लीटर से अधिक मीठे पेय पदार्थों का सेवन करता है। वह व्यक्ति आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से ग्रसित हो जाता है। हर अमेरिकी एक साल में 350 लीटर से अधिक मीठे पेय पदार्थों का सेवन कर लेता है।

ज्यादा पानी पीने से नौ प्रतिशत कम होता है खतरा

शोधकर्ताओं ने शोध में पाया है कि मीठे पेय की दैनिक सेवन करने से पानी से बदलने से उच्च रक्तचाप का जोखिम नौ प्रतिशत तक कम हो सकता है। इसके अलावा मीठे पेय पदार्थों की जगह दूध 13 प्रतिशत या साबुत फल 22 प्रतिशत का सेवन से भी जोखिम कम होने के एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष माना जा रहा है।

जूस की तुलना में साबुत फल है ज्यादा फायदेमंद

शोध के अनुसार, हर दिन सोडा के एक अतिरिक्त गिलास के साथ जोखिम 23 प्रतिशत अधिक था, सॉफ्ट ड्रिंक का हर एक अतिरिक्त गिलास जोखिम 36 प्रतिशत बढ़ा देता है। ज्यादा फ्रूट जूस पीने वाले दिन में 1.5 या उससे अधिक गिलास में 35 प्रतिशत अधिक जोखिम पाया गया। शोधकर्ताओं का कहना है कि साबुत फल के अधिक का अधिक सेवन करने से ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ने का कोई संबंध नहीं पाया गया है। इसकी वजह संभवतः यह है कि शरीर फलों के रस की तुलना में साबुत फलों को अलग तरह से बचाता है और इससे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में काफी हद तक मदद मिल जाती है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।