विटामिन डी की कमी से होने वाली परेशानियाँ      Publish Date : 01/08/2026

विटामिन डी की कमी से होने वाली परेशानियाँ

                                                                                             डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

शरीर के कई जरूरी कार्यों के लिए विटामिन डी अहम भूमिका निभाता है। इसलिए शरीर में इसकी कमी से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसे हड्डियों, मांसपेशियों और इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी माना जाता है।

"मेरी हड्डियां कमजोर हो गई हैं... मुझे कमर, पीठ, हाथ और पैरों में अक्सर ही दर्द रहता है..." जब भी कोई ऐसी शिकायत करता है, तो उसे विटामिन डी की जांच कराने की सलाह दी जाती है। क्योंकि, हमारी हड्डियों, मांसपेशियों, नसों और इम्यून सिस्टम के लिए विटामिन डी बहुत जरूरी होता है। जब शरीर में इस विटामिन की कमी होती है, तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं। आमतौर पर सूरज की रोशनी से विटामिन डी लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन, कुछ खाद्य पदार्थों जैसे- सैल्मन मछली, टूना फिश, अंडे की जर्दी, मशरूम, फोर्टिफाइड दूध और फोर्टिफाइड प्लांट बेस्ड मिल्क आदि से विटामिन डी प्राप्त किया जा सकता है। वैसे तो सूरज की किरणों और खाद्य पदार्थों से विटामिन डी मिल जाता है, लेकिन जब शरीर में विटामिन डी की मात्रा काफी कम हो जाती है तो डॉक्टर इसका सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं। लेकिन, विटामिन डी की जरूरत क्या और कितनी होती है, आइए इस लेख में जानते हैं-

                                   

शरीर के कई जरूरी कार्यों को करने के लिए विटामिन डी की जरूरत होती है। यह हड्डियों, मांसपेशियों और इम्यून सिस्टम को स्वस्थ रखने में भूमिका निभाता है। अगर बार-बार थकान होती है और लंबे समय से मांसपेशियों-हड्डियों में दर्द बना हुआ है, तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन डी की जांच जरूर कराएं। विटामिन डी की पूर्ति के लिए नियमित धूप लें और संतुलित-पौष्टिक आहार लें। अगर शरीर में विटामिन डी की कमी ज्यादा हो जाती है तो डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट लिया जा सकता है। NIH के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन डी का सप्लीमेंट बिल्कुल नहीं लेना चाहिए। इससे शरीर में कैल्शियम का स्तर बढ़ सकता है और किडनी प्रभावित हो सकती है। 

विटामिन डी शरीर में क्या काम करता है?

National Institute of Health के अनुसार, विटामिन डी एक ऐसा पोषक तत्व है, जो शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। फिर विटामिन डी और कैल्शियम मिलकर हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करते हैं, ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करने में मदद करता हैं। हालांकि, विटामिन डी शरीर में इसके अलावा भी कई अन्य काम करता है। जैसे-

  • विटामिन डी हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
  • विटामिन डी मांसपेशियों के लिए भी बहुत जरूरी होता है।
  • विटामिन डी को नसों के लिए भी जरूरी माना जाता है। यह नसों और मांसपेशियों के कार्यों को सामान्य तरीके से चलाने में अहम भूमिका निभाता है।
  • विटामिन डी शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है।

रोज कितनी मात्रा में विटामिन डी लेना चाहिए?

NIH के अनुसार, विटामिन डी जरूरत उम्र के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।

  • 0–12 महीने के बच्चे को 10 mcg (400 IU) विटामिन डी की जरूरत होती है।
  • 1–70 वर्ष के लोगों को 15 mcg (600 IU) विटामिन डी की जरूरत होती है।
  • 71 वर्ष या अधिक उम्र के लोगों को 20 mcg (800 IU) विटामिन डी चाहिए होता है।
  • अगर गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं की बात करें, तो 15 mcg (600 IU) विटामिन डी की जरूरत पड़ती है।

शरीर में विटामिन डी की कमी से क्या होता है?

जब शरीर में लंबे समय तक विटामिन डी की कमी रहती है, तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं विकसित हो सकती हैं। जैसे-

  • विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। इससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है।
  • मांसपेशियों के लिए भी विटामिन डी की जरूरत होती है। इसकी कमी से शरीर में दर्द और कमजोरी बनी रह सकती है।
  • इम्यून सिस्टम के सामान्य कार्य प्रभावित हो सकते हैं। शरीर को संक्रमणों से लड़ने में मदद नहीं मिल पाती है।
  • विटामिन डी की कमी से बार-बार हड्डी टूटने का खतरा बढ़ सकता है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।