तम्बाकू मुक्त जीवन ही है स्वास्थ्य का समाधान      Publish Date : 25/07/2026

तम्बाकू मुक्त जीवन ही है स्वास्थ्य का समाधान

                                                                                               डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

शरीर में कोशिकाओं की असामान्य और अनियंत्रित वृद्धि के कारण कैंसर होता है। यह विकार शरीर के किसी भी हिस्से में उत्पन्न हो सकता है। यह इतना घातक होता है कि यदि उपचार न किया जाए तो शरीर के आसपास के दूसरे ऊतकों पर आक्रमण कर उन्हें भी प्रभावित कर देता है। यहां तक कि यह रक्तप्रवाह या लसीका प्रणाली के माध्यम से शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकता है।

कैंसर के लक्षण

                                      

कैंसर का समय रहते इलाज कराना बेहद अहम है। लक्षणों की पहचान कर समय से इलाज कराएं।

कैंसर के लक्षण:

  • थकावट महसूस होना।
  • स्किन के अंदर गांठ जैसा महसूस होना।
  • अचानक वजन कम होना।
  • मुंह में छाले होना जो काफी समय से ठीक नही हो रहे हो।
  • सांस लेने में तकलीफ होना।
  • बोलने या निगलने में तकलीफ होना।
  • रात में बुखार आना।

कैसे कर सकते हैं बचाव?

स्मोकिंग न करें

                                             

स्मोकिंग के कारण सिर्फ फेफड़ो का ही नही बल्कि और भी कई प्रकार के कैंसर हो सकते हैं।

एक्सरसाइज करें

एक्सरसाइज करने से कैंसर की संभावना कम होती है। इससे आपका इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। इसलिए रोज कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें।

हेल्दी भोजन करें

प्रोसेस्ड फूड्स, ज्यादा तेल और मसाले से युक्त भोजन न लें। हरी सब्जियां, फल, दूध, दही को अपनी डाइट में शामिल करें।

  • कैंसर की रोकथाम एवं स्क्रीनिंग।
  • दूरबीन द्वारा कैंसर की जांच व सर्जरी।

सभी प्रकार की कैंसर सर्जरी उपलब्ध:

  • स्तन कैंसर।
  • मुख व गले का कैंसर।
  • थायराइड, पैराथायराइड व एड्रीनल ग्रंथि का आपरेशन।
  • अंडाशय, बच्चेदानी व बच्चेदानी के मुंह का कैंसर।
  • पेट का कैंसर।
  • गुर्दे, गदूद एवं पेशाब की थैली का कैंसर।
  • चमड़ी, हड्डी एवं हाथ पैर का कैंसर।

तम्बाकू के दुष्परिणाम

तम्बाकू के कारण हर 6 सेकंड में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों का अनुमान है कि हर दो में से एक युवा जो किशोरावस्था में धूम्रपान शुरू करता है और जीवन भर धूम्रपान जारी रखता है, वह तंबाकू संबंधी कैंसर (टीआरसी) से का शिकार हो सकता है। 35-70 वर्ष के आयु वर्ग में तंबाकू से संबंधित कैंसर विकसित होने की आशंका अधिक देखी गई है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।