स्किन इंफेक्शन के लिए पारंपरिक उपचार      Publish Date : 23/07/2026

  स्किन इंफेक्शन के लिए पारंपरिक उपचार

                                                                                                  डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

त्वचा संक्रमण होने पर लाल चकत्ते या खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सेल्युलाइटिस एक सबसे सामान्य प्रकार का त्वचा संक्रमण है, इसका समय पर इलाज कराना बहुत जरूरी है।

मानसून में स्किन इंफेक्शन की समस्या अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि इस मौसम में नमी बढ़ने के चलते बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। इस मौसम में कई तरह के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिसमें त्वचा संक्रमण भी एक है। यह तब होता है, जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या परजीवी जैसे रोगाणु त्वचा में प्रवेश करके स्किन सेल या टिशू को संक्रमित कर देते हैं। इसके कारण त्वचा पर रेडनेस, सूजन, खुजली और दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। स्किन इंफेक्शन की वजह से त्वचा पर लाल छोटे दानों से लेकर गंभीर दाने तक हो सकते हैं। आपको बता दें कि सेल्युलाइटिस बैक्टरिया के कारण होने वाला त्वचा का एक सबसे सामान्य संक्रमण है। जब त्वचा इसके संपर्क में आती है, तो त्वचा के संक्रमित हिस्से में लालिमा, सूजन और दर्द हो सकता है।

स्किन इंफेक्शन के लक्षणः

                                  

हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ0 दिव्यांशु सेंगर के अनुसार, स्किन इंफेक्शन के लक्षण अचानक शुरू हो सकते हैं या फिर यह धीरे-धीरे भी बढ़ सकते हैं। इनमें शामिल हैं-

  • त्वचा पर लाल दाने होना।

  • त्वचा पर रेडनेस नजर आना।

  • त्वचा पर रैशेज होना।

  • खुजली या जलन महसूस होना।

  • कुछ गंभीर मामलों में त्वचा के नीचे मवाद जमा भर सकता है।

स्किन इंफेक्शन का उपचार

स्किन इंफेक्शन का उपचार मुख्य रूप से इसके कारण पर निर्भर करता है।

  • स्किन इंफेक्शन या सेल्युलाइटिस (Cellulitis) के उपचार के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाइयां लिख सकते हैं।

  • जब स्किन एब्सेस (Skin Abscess) यानी त्वचा में मवाद भरी गांठ बन जाती है, तो इस स्थिति में गांठ में मौजूद मवाद निकालना (ड्रेनेज करना) पड़ सकता है। मवाद निकालने के बाद भी एंटीबायोटिक दवाएं दी जा सकती हैं।

  • जब फंगल इंफेक्शन होता है, एंटीफंगल दवाइयां दी जाती हैं। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा नहीं लेनी चाहिए।

कुछ लोगों को एंटीबायोटिक दवाइयां लेने के बाद सामान्य दुष्प्रभाव जैसे- डायरिया या त्वचा पर लाल चकत्ते नजर आ सकते हैं। हालांकि, कुछ लोगों को गंभीर लक्षण महसूस हो सकते हैं। अगर दवा लेने के बाद आपको कुछ असामान्य लगे, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

स्किन इंफेक्शन से बचावः

  • स्किन इंफेक्शन से बचने के लिए अपने हाथों को हमेशा साफ रखें और नियमित रूप से साबुन-पानी से अच्छी तरह धोएं।

  • स्किन इंफेक्शन से बचाव के लिए त्वचा पर लगे कट या घाव को नियमित रूप से साफ करते रहें।

  • अगर आपको डायबिटीज है तो स्किन इंफेक्शन का खतरा ज्यादा हो सकता है। इसलिए अगर घाव न भरे तो समय-समय पर जांच कराते रहें।

  • मानसून के दौरान त्वचा को सूखा रखें। गीले कपड़ों को तुरंत बदलना बहुत जरूरी है।

  • किसी की निजी वस्तुओं जैसे तौलिया, रेजर और कपड़ों को शेयर बिल्कुल न करें।

  • पैरों की उंगलियों को पूरी तरह से साफ और सूखा रखें।

यदि आपको भी कभी स्किन इंफेक्शन होता है, तो इसके लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। स्किन इंफेक्शन के लक्षण नजर आने पर आपको डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए और घरेलू नुस्खों को आजमाने से यथासम्भव बचा जाना चाहिए।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।