गलत खानपान से बढ़ती फैटी लिवर की समस्या      Publish Date : 20/07/2026

गलत खानपान से बढ़ती फैटी लिवर की समस्या

                                                                                                 डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

प्यारे लाल शर्मा, जिला अस्पताल मेरठ के मेडिकल ऑफिसर डॉ॰ दिव्यांशु सेंगर ने बताया कि केवल मेरठ में ही नहीं बल्कि आस-पास के जिलों में भी बड़ी संख्या में फैटी लिवर की समस्या से ग्रस्त मरीज लगातार आ रहे हैं।

डॉ0 सेंगर ने बताया कि पेट में वायरल इन्फेक्शन, लीवर टॉक्सिंस जैसे कई रोग हैं जो कि अब बहुत बढ़ रहे हैं। इस परिप्रेक्ष्य अगर हम आंकड़ों की माने तो पिछले 10 साल में ऐसे मरीजों की संख्या दोगुनी से भी अधिक रिकॉर्ड की गई है। उन्होंने बताया कि अब युवा ही नहीं बच्चों में भी लीवर की दिक्कतें सामने आती जा रही हैं। काफी संख्या में बच्चे भी फैटी लिवर की समस्या से ग्रसित होते जा रहे हैं। इनमें से ज्यादातर बच्चे पेट की समस्याओं से ग्रसित होते हैं।

पेट में परेशानी होने पर कराएं जांच

डॉ॰ दिव्यांशु सेंगर ने बताया कि गलत खानपान सहित अन्य कारणों से लीवर पर्चर भी जमने लगा है। इस पर नियंत्रण न होने पर लीवर, रोसेज और लिवर कैंसर जैसी बीमारियाँ घेर लेती हैं। ऐसे में थोड़ी परेशानी होते ही जांच कराना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस संबंधी रोग से ग्रस्त लोगों के लिए विशेष ओपीडी भी हॉस्पिटल में चलायी जा रही है। साथ ही ऑनलाइन भी जो क्वेरीज आ रही हैं उनका भी जवाब डॉक्टरों द्वारा नियत समय में दे दिया जाता है जिससे मरीजों को काफी सहायता मिलती है। रोगियों को जांच के उपरांत दवाएं दी जाती हैं, जिससे धीरे धीरे इन रोगों पर नियंत्रण किया जा सकता है और मरीज ठीक हो जाते हैं।

शराब और तला-भुना खाने से करें परहेज और शरीर के वजन को भी करें कम

लिवर के फैटी होने पर अपने वजन को नियंत्रित रखें। ज्यादा तला भुना न खाएं, वसा रहित भोजन का सेवन करें। शराब का सेवन करना तुरंत बंद कर दें और इसके साथ ही धूम्रपान तुरंत छोड़ देना चाहिए। कोलेस्ट्रॉल और ट्राई-ग्लिसराइड् को भी नियंत्रित बनाए रखें। इसके लिए फलों के साथ हरी सब्जियों का अधिक से अधिक प्रयोग करें। जिला अस्पताल मेरठ के वरिष्ठ मेडिकल ऑफिसर डॉ॰ दिव्यांशु सेंगर ने बताया कि अब केवल युवाओं में ही नहीं, बल्कि बच्चों में भी लीवर की समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में फास्ट फूड का बढ़ता चलन इसकी मुख्य कारण है।

                                  

इसके बारे में डॉ0 सेंगर ने बताया कि बच्चों को घर में बनी हुई हरी सब्जियों के खाने की आदत डाली जानी चाहिए एवं दालों के सेवन करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बाज़ार से मिलने वाला बर्गर पीजा और तले भुने भोजन आदि से यथासम्भव दूर ही रखना चाहिए।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।