
दिल के मरीज 7 साल में तीन गुना बढ़े, आठ में से एक दिल का बीमार Publish Date : 03/07/2026
दिल के मरीज 7 साल में तीन गुना बढ़े, आठ में से एक दिल का बीमार
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की रिपोर्ट ने किया खुलासा, कि अब 15 से 29 साल के युवा भी आ रहे इसकी चपेट में।
यदि देखा जाए तो वर्तमान समय में देश में हर आठ में से एक व्यक्ति दिल का बीमार है, यानी 100 में से 13 लोग किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं। इनमें भी बच्चों व बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है। देश में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां पहले से कहीं अधिक बढ़ी हैं और देश की आबादी का करीब आधा हिस्सा इससे प्रभावित है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) से जारी पारिवारिक सामाजिक उपभोग पर आधारित स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार, देश में संक्रामक बीमारियों में तो कमी आई है, लेकिन दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों में बेहताशा वृद्धि भी हुई है। पिछले सात साल में देश में हृदय रोग से पीड़ितों की संख्या में करीब तीन गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालात यह है कि अब 15 से 29 साल के युवा भी दिल की बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
एनएसओ की यह रिपोर्ट 80वें दौर, जनवरी-दिसंबर 2025 के स्वास्थ्य सर्वेक्षण पर आधारित है। यह देश में बीमारियों, इलाज के तरीकों और स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च की तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में पिछले 15 दिनों के दौरान करीब 13.1 प्रतिशत लोग बीमार पड़े हैं। प्रति एक लाख आबादी पर कुल 15,217 बीमारियों के मामले दर्ज किए गए हैं। इससे यह संकेत मिलता है, कि कई लोगों को एक से अधिक स्वास्थ्य समस्याएं थीं।

महिलाओं में यह संख्या 17,006 रही, जो पुरुषों के 13,504 मामलों के मुकाबले अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, शहरी इलाकों में बीमारी की दर ग्रामीण इलाकों की तुलना में अधिक है। शहरों में लगभग 14.9 प्रतिशत लोग बीमार पड़े, तो ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा लगभग 12.2 प्रतिशत था। लिंग के आधार पर भी इसमें अंतर देखने को मिला। महिलाओं में बीमारी की दर 14.4 प्रतिशत थी, जबकि पुरुषों में यह 11.8 प्रतिशत थी।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
