
मधुमेह की समस्या और इसके सम्बन्ध में व्याप्त भ्राँतियाँ Publish Date : 29/06/2026
मधुमेह की समस्या और इसके सम्बन्ध में व्याप्त भ्राँतियाँ
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
हमारे रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर) का एक सामान्य स्तर होता है। ब्लड शुगर, मुख्य रूप से हमारे रक्त में मौजूद ग्लूकोज की बढ़ी मात्रा को कहा जाता है। हालांकि, इसके अतिरिक्त भी हमारे शरीर में कुछ अन्य प्रकार की शुगर भी मौजूद रहती है जैसे फ्रैक्टोज और ग्लेक्टोज आदि। रक्त में उपलब्ध ग्लूकोज, ही हमारे शरीर में ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत होता है। इस प्रकार से देखा जाए तो ग्लूकोज की अनुपस्थिति में शरीर के अंगों को काफी हानि पहुँच सकती है।

उदाहरण के लिए, जब किसी कारणवश हमारे दिल की ओर प्रवाहित होने वाले रक्त के प्रवाह में कोई रूकावट या बाधा आती है तो ऊर्जा की कमी के चलते हमारे दिल धड़कनें भी बन्द हो सकती हैं, इसलिए शरीर के समस्त अंगों और उनके कोशिकाओं (Cells) में ग्लूकोज की सही सप्लाई का बने रहना हमारे जीवन के लिए बहुत आवश्यक है। मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों के मन में इस बीमारी को लेकर विभिन्न प्रकार के भ्रम पैदा हो जाते हैं और इस चक्कर में वह अपने स्वास्थ्य को अधिक हानि पहुँचाते हैं। आज के अपने इस लेख में कुछ इसी प्रकार की भ्राँतियों के सम्बन्ध में बात करेंगे-
डायबिटीज के मरीज अधिक व्यायाम नहीं कर सकते
डायबिटीज से पीड़ित लोग आमतौर पर यह सोचते हैं कि वह अधिक एक्सरसाइज नहीं कर सकते, क्योंकि यदि वह ऐसा करते हैं तो उनके ब्लड शुगर का लेवल कम हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञ इसके सम्बन्ध में कहते हैं कि डायबिटीज के मरीजों को एक्सरसाइज, इंसुलिन और अपने आहार में एक संतुलन स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए। इसके बाद सही तरीके से दवा लेने से डायबिटीज के मरीज की ब्लड शुगर कम नहीं होती है। डायबिटीज के नियंत्रण में भी एक्सरसाइज एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसके साथ ही एक्सरसाइज वजन को नियंत्रित करने में भी सहायता प्रदान करती है।
नियमित व्यायाम ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने का सबसे प्रभावी प्राकृतिक तरीका है मात्र 30 मिनट की हल्की कसरत से रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) में काफी कमी आती है और शरीर की ऊर्जा बढ़ती है
व्यायाम करने से ब्लड शुगर में होने वाले मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:-
इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता में सुधारः व्यायाम के दौरान मांसपेशियां रक्त में मौजूद अतिरिक्त ग्लूकोज को ऊर्जा के रूप में उपयोग करती हैं, जिससे इंसुलिन की कार्यक्षमता (इंसुलिन संवेदनशीलता) बढ़ती है।
ब्लड शुगर का स्तर कम होनाः भोजन के बाद की गई 30 मिनट की तेज वॉक से रक्त में ग्लूकोज का स्तर कम हो जाता है।
वजन का नियंत्रणः सक्रिय रहने से अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है जो कि मधुमेह प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी कुंजी होती है।
हृदय की कार्यप्रणाली और रक्तचाप में सुधारः नियमित शारीरिक गतिविधि से न केवल रक्त संचार बेहतर होता है बल्कि इससे डायबिटीज के कारण होने वाले हृदय रोगों का खतरा भी काफी कम हो जाता है।
एक्सरसाइज की शुरुआत कैसे करें?
अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (ADA) के अनुसार, स्वस्थ जीवन के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम-तीव्रता वाले व्यायाम (एरोबिक) करने से लाभ प्राप्त होता है। आप अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम के लिए निम्न विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं:-
पैदल चलना (Waking): खाने के बाद टहलने से ब्लड शुगर स्पाइक्स (अचानक वृद्धि) को रोका जा सकता है।
योगाभ्यास (Yoga): नियमित योग से फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल कम करने में बहुत मदद मिलती है।
तैरना और साइकिलिंग करनाः यह बेहतरीन कार्डियोवस्कुलर व्यायाम हैं जो पूरे शरीर को सक्रिय बनाए रखते हैं।
नोटः उपरोक्त में से किसी भी नए व्यायाम रूटीन को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह आवश्यक रूप से लेनी चाहिए।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
