
थायराइड की दवा अधिक मात्रा लेने से ट्रेमर आते हैं? Publish Date : 06/06/2026
थायराइड की दवा अधिक मात्रा लेने से ट्रेमर आते हैं?
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
दवा की कितनी डोज है सेफः क्या आप रोजाना थायराइड की दवा ले रहे हैं? यदि हाँ, तो गलती से भी इसकी डोज अधिक आपको नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि इससे आपको ट्रेमर आ सकते हैं। हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ़क्टर दिव्यांशु सेंगर बता रहे हैं कि क्यों आते हैं ट्रेमर और कैसे करें इसकी पहचान?
वर्तमान समय में थायराइड की बीमारी काफी हद तक एक आम बीमारी हो चुकी है। हर दिन लाखों लोग रोजाना इसकी दवा लेते हैं। लेकिन कई बार दवा की गलत मात्रा या आवश्यकता से अधिक डोज लेने से शरीर में कुछ ऐसे लक्षण दिखने लगते हैं, जिन्हें लोग अक्सर सामान्य कमजोरी या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इन्हीं में से एक समस्या है ट्रेमर यानी हाथों का कांपने की परेशानी होना। अक्सर लोग अपने इस लक्षण पर ध्यान नहीं देते हैं। लेकिन समय पर इसकी पहचान बहुत ही जरूरी हो जाती है।

प्यारे लाल शर्मा, जिला अस्पताल, मेरठ के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर दिव्यांशु सेंगर का कहना है कि यदि थायराइड की दवा अधिक मात्रा में ले ली जाए, तो इससे शरीर में थायराइड हॉर्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिससे कई तरह की परेशानियां सामने शुरू हो सकती हैं।
थायराइड की दवा का डोज अधिक लेने पर क्यों आते हैं ट्रेमर?
थायराइड की दवा, विशेष रूप से हाइपोथायरायडिज्म में दी जाने वाली लेवोथायरोक्सिन, शरीर में हॉर्मोन की कमी को पूरा करती है। लेकिन अगर इसकी मात्रा ले ली जाए, तो शरीर ओवरएक्टिव मोड में पहुंच सकता है। इस स्थिति में मरीज को हाथ कांपना, दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट, अधिक पसीना, बेचैनी, नींद की दिक्कत और वजन का तेजी से कम होना, आदि के जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
डॉक्टर सेंगर बताते हैं कि ट्रेमर अक्सर हाथों में हल्के कंपन के रूप में शुरू होता है, जो धीरे-धीरे बढ़ सकता है। इससे कई लोगों को कप पकड़ने, लिखने या छोटी चीजें उठाने में भी परेशानी होने लगती है।
किन लोगों में ट्रेमर आने का रहता है अधिक खतरा?
डॉक्टर सेंगर बताते हैं कि कुछ लोगों में ट्रेमर आने का खतरा अधिक रहता है, जैसे-
1. जो बिना डॉक्टर की सलाह के दवा की डोज बदल लेते हैं।
2. ऐसे लोग जो लंबे समय से थायराइड की दवा ले रहे हैं।
3. बुजुर्गों को भी ट्रेमर का खतरा अधिक रहता है।
4. हार्ट डिजीज वाले मरीजों में इस परेशानी का खतरा रहता है।
5. वे लोग जिनकी नियमित थायराइड टेस्ट मॉनिटरिंग नहीं होती, उन्हें भी इस समस्या का खतरा रहता है।
कैसे करें इस समस्या की पहचान?
अगर थायराइड की दवा लेने के बाद आपको बार-बार हाथ कांपने, दिल तेज धड़कन बढ़ने या अचानक घबराहट जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। साथ ही तुरंत TCH, T3 और T4 टेस्ट करवाना चाहिए। इससे पता चलता है कि शरीर में थायराइड हॉर्मोन का स्तर सामान्य है अथवा नहीं।
क्या करें अगर ट्रेमर शुरू हो जाए?
- बहुत से लोग डरकर दवा लेना बंद कर देते हैं, जो खतरनाक हो सकता है। इसलिए हमेशा डॉक्टर से सलाह से ही दवा का सेवन करना चाहिए।
- थायराइड के मरीजों को समय-समय पर थायराइड फंक्शन टेस्ट करवाते रहना चाहिए, ताकि दवा की सही मात्रा निर्धारित की जा सके।
- दवा खाली पेट और डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक के अनुसार ही लेना चाहिए।
- अगर ट्रेमर के साथ सांस फूलना, सीने में दर्द या बहुत अधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें।
कितनी मात्रा में दवा लेना है सुरक्षित?
इसके सम्बन्ध में डॉक्टर सेंगर कहते हैं कि थायराइड की दवा की सुरक्षित मात्रा प्रत्येक मरीज के लिए अलग-अलग निर्धारित की जाती है। यह मरीज की उम्र, वजन, टीएसएच लेवल, बीमारी की गंभीरता और दूसरी हेल्थ कंडीशन पर निर्भर करती है। इसलिए इसकी सही डोज केवल डॉक्टर ही तय कर सकते हैं।
आमतौर पर हाइपोथायरायडिज्म में दी जाने वाली लेवोथायरोक्सिन की शुरुआत 25 mcg से 100 mcg तक हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों को इससे ज्यादा या कम मात्रा की जरूरत भी पड़ सकती है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
