गर्मी से फूल सकता है दिमागः कारण और लक्षण      Publish Date : 04/06/2026

गर्मी से फूल सकता है दिमागः कारण और लक्षण

                                                                           डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

अधिक गर्मी के चलते विभिन्न प्रकार की परेशानियां होने का खतरा बना रहता है, जिसमें दिमाग की नसों का फूलना भी शामिल होता है। ऐसे में आज हम अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर दिव्यांशु सेंगर से जानते हैं दिमाग की नसें क्यों फूलती हैं और कैसे करें इस समस्या से बचाव?

आजकल दिल्ली-एनसीआर में गर्मी अपने चरम पर है। ऐसे में हीट स्ट्रोक के मामले भी तेजी से बढ़ना काफी कॉमन है। हम में से कई लोग हीट स्ट्रोक को सिर्फ डिहाइड्रेशन या चक्कर आने की समस्या समझते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अत्यधिक गर्मी केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि आपके दिमाग को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। कई मामलों में तेज गर्मी की के कारण ब्रेन स्वेलिंग यानी दिमाग में सूजन तक हो सकती है, जो कि जानलेवा भी साबित हो सकती है।

                       

इसके सम्बन्ध में प्यारे लाल शर्मा, जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ0 दिव्यांशु सेंगर का कहना है कि जब हमारे शरीर का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है। यानि शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या 104 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर पहुंच जाता है, तो हीट स्ट्रोक की स्थिति बन सकती है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें तुरंत ही उपचार कराने की आवश्यकता होती है।

गर्मी में कैसे बढ़ती है दिमाग में सूजन?

डॉक्टर सेंगर कहते हैं कि बढ़ती गर्मी के दौरान शरीर खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है। इसके लिए दिमाग के ब्लड वेसेल्स फैलने लगती हैं, जिससे ब्लड फ्लो बढ़ जाता है। लेकिन कई बार इस वजह से ब्लड वेसेल्स से तरल पदार्थ आसपास के ब्रेन टिश्यू में लीक होने लगता है, जिससे दिमाग में सूजन पैदा हो सकती है।

इसके अलावा, शरीर का तापमान बहुत अधिक बढ़ने पर ब्लड ब्रेन बैरियर भी कमजोर होने लगता है। यह दिमाग की एक सुरक्षा परत होती है, जो दिमाग को हानिकारक तत्वों से बचाती है। जब यह परत प्रभावित होती है, तो प्रोटीन और अन्य तत्व दिमाग में पहुंचकर सूजन और इंफ्लेमेशन बढ़ा सकते हैं।

डॉक्टर सेंगर कहते हैं कि काफी ज्यादा गर्मी सेंसटिव ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती है। खासकर सेरिबैलम में मौजूद पुरकिंजे सेल्स गर्मी के प्रति बेहद सेंसटिव मानी जाती हैं। इनके डैमेज होने पर शरीर के संतुलन और मूवमेंट पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

गर्मी में दिमाग की नसें फूलने के लक्षणः

हीट स्ट्रोक की वजह से होने वाली ब्रेन स्वेलिंग के कुछ गंभीर संकेत हो सकते हैं, जैसे-

  • तेज सिर दर्द होना।
  • चक्कर आना।
  • भ्रम या कंफ्यूजन होना।
  • डायरेक्शन समझने में परेशानी होना।
  • बेहोशी होना।
  • बोलने या चलने में दिक्कत, इत्यादि लक्षण हो सकते हैं।

अगर समय रहते इस समस्या का उपचार न किया जाए, तो दिमाग पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे ब्रेन फंक्शन प्रभावित होने का खतरा रहता है। गंभीर मामलों में यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

हीट स्ट्रोक होने पर, क्या करें?

डॉक्टर सेंगर कहते हैं कि हीट स्ट्रोक होने पर तुरंत डॉक्टर मदद लेना बेहद जरूरी है। वहीं, जब तक आप डॉक्टर के पास न पहुंचे, तो कुछ चीजों को फॉलो करना जरूरी है, जैसे-

  • हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीज को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं।
  • मरीज के बदन से अतिरिक्त कपड़े हटा देने चाहिए।
  • मरीज के शरीर पर ठंडा पानी डालें।
  • आवश्यक हो तो आइस पैक का उपयोग भी कर सकते हैं।
  • शरीर को तेजी से ठंडा करने की कोशिश करें, इत्यादि।

हीट स्ट्रोक से बचाव कैसे करें?

डॉक्टर का कहना है कि हीट स्ट्रोक से बचाव ही सबसे बेहतर तरीका है। इसके लिए आप कुछ टिप्स को फॉलो कर सकते हैं, जैसे-

1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

2. हल्के और ढीले कपड़े पहनें, जिससे हवा का संचार बना रहे।

3. दोपहर की तेज धूप में बाहर जाने से बचें।

4. अधिक शारीरिक मेहनत से बचें।

5. बीच-बीच में आराम करते रहें।

विशेषः तेज गर्मी को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। हीट स्ट्रोक सिर्फ थकान या डिहाइड्रेशन ही नहीं होता, बल्कि दिमाग में सूजन जैसी गंभीर स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए गर्मी के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना, धूप से बचना और गर्मी के लक्षण दिखने पर इसका तुरंत उपचार करवाना बेहद जरूरी है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।