भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक और सेहत के लिए खतरे      Publish Date : 03/06/2026

भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक और सेहत के लिए खतरे

                                                                         डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

  • नौतपा की गर्मी में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा, रखें सेहत का विशेष ख्याल-

इन दिनों नौतपा के कारण अत्यधिक तापमान और आद्रता के चलते हीट-वेव के कारण स्वास्थ्य और सेहत को खतरा होने की संभावना अधिक होगी। डॉ दिव्यांशु सेंगर मेडिकल, ऑफिसर प्यारे लाल शर्मा, जिला अस्पताल मेरठ, ने बातचीत के दौरान बताया अत्यधिक पसीना निकलने से थकान महसूस होती है, जिससे चक्कर आने, भ्रमित होने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

ऐसे में जरूरी है कि दिन में 11 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए। खुले में काम करने से हीट स्ट्रोक की परेशानी हो सकती है। इसमें शरीर का तापमान अचानक एक से 40 डिग्री से अधिक हो जाता है। इससे बेहोशी की नौबत भी आ सकती है। ऐसी दशा में, पसीना आना बंद हो जाता है और त्वचा में रूखापन बढ़ जाता है। पसीना बाहरी तापमान के साथ शरीर का तालमेल बनाकर रखता है। हीट स्ट्रोक प्रभावित व्यक्ति को तुरंत ठंडे स्थान पर ले जाकर, लिटा देना चाहिए। इससे उल्टी होने पर रेस्पिरेटरी सिस्टम में समस्या नहीं आती है। इसके बाद पानी और पंखे की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि शरीर का तापमान कम किया जा सकें।

                     

डॉ॰ दिव्यांशु सेंगर ने बताया कि ऐसे व्यक्ति को मी से पानी पिलाने से बचना चाहिए क्योंकि बेहोश व्यक्ति के मुंह में पानी डालने से वह फेफड़ों में जा सकता है। उसके पूरे शरीर का पानी डालना चाहिए।

डीहाइड्रेशन से बचाव के उपाय

हीट स्ट्रोक से पीड़ित व्यक्ति को़ हर 1:30 घंटे में पानी पीते रहना चाहिए। इससे डिहाइड्रेशन नहीं होगा। पानी की कमी से पसीना और यूरीन कम हो जाता है। इससे किडनी पर असर पड़ता है। खुले में व्यायाम न करें, हल्के फुल्के, व्यायाम एसी युक्त या ठंडे स्थान पर यह कार्य करें।

  • सिंथेटिक कपड़े के बजाय हल्के रंग वाले और सूती कपड़े पहने।
  • अगर धूप में जा रहे हैं तो थोड़ी देर से ठंडी जगह पर चले जाएं।
  • बच्चों और बुजुर्गों को लेकर विशेष सावधानी जरूरी है।

गर्मी के चलते इन दिनों घमोरियां चकते पड़ने, मांसपेशियों में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि गर्मी से बचाव करें। धूप में जाने से बचें और खूब पानी पिएं। आवश्यकता होने पर चिकित्सक से सलाह लें डॉ दिव्यांशु सेंगर ने बताया कि नौतपा में गर्मी से सिर दर्द के मामले बढ़े हैं। आजकल मरीज हीट स्ट्रोक सिरदर्द के कारण बहुत अधिक आ रहे हैं। शरीर में पानी की कमी, उल्टी, चक्कर आने, कमजोरी महसूस होने मसल्स में हमेशा दर्द और ऐंठन रहने यूरीन। खून गाढ़ा होने जैसे लक्षण हृदय रोग बढ़ने के संकेत हैं। इसके चलते ही नौतपा में अचानक मृत्यु का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए सावधान और सचेत रहने की आवश्यकता है।

डॉ॰ दिव्यांशु सेंगर ने बताया, गर्मी में वातारण का अधिक तापमान शरीर को सामान्य नहीं होने देता, इससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है। रक्त कोशिकाएं फैल जाती हैं जो हार्ट की कूलिंग क्षमता पर असर डालती हैं। लंबे समय तक डिहाइड्रेशन के कारण ब्लड गाढ़ा होने लगता है और हृदय की पंपिंग क्षमता प्रभावित होती है। अगर किसी को दिनभर पसीना आ रहा है तो उसके शरीर में तरल और मिनरल्स की कमी हो जाती है। ऐसे में  खून गाड़ा होने से हार्ट की पंपिंग, बीपी लोप और इलेक्ट्रोराइट असंतुलन से अनियंत्रित हृदय गति की गंभीर मामले औसतन दो गुना बढ़ गए हैं।

इनके सेवन से गर्मी में बचें

  • धूप में लौटकर तुरंत ठंडा पानी ना पिए।
  • खाली पेट लंबे समय तक न रहें। ज्यादा चाय कॉफी का सेवन न करें।
  • ज्यादा तला भुना, रेडमी, मसालेदार भोजन, फास्ट फूड का सेवन न करें।
  • गर्मी महसूस होने पर कोल्ड ड्रिंक ज्यादा मीठे पेय पदार्थ, शराब और धूम्रपान से बचें।

गर्मी में हृदय रोगी इन बातों का ध्यान रखें

  • सुबह ग्यारह से दोपहर चार बजे तक बाहर निकलने से बचें। तेज गर्मी महसूस हो तो ठंडे स्थान पर जाकर, सीधे लेट जाएं।
  • लगातार काम करने से बचें।
  • शरीर को कुछ देर आराम देने की कोशिश करें।
  • बीपी शुगर मोटापा नियंत्रण के लिए डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें।
  • गर्मी के चलते तनाव एंग्जाइटी और असुविधा महसूस होती है तो सतर्क हो जाएं।

रात में तापमान अधिक होने से नींद चक्र बाधित होता है, जिससे दिन में थकान, चिचिड़ापन और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए नींद खूब लें।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।