लू कब जानलेवा बनता है? और लू से बचने के उपाय      Publish Date : 02/06/2026

लू कब जानलेवा बनता है? और लू से बचने के उपाय

                                                                          डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

तेज बुखार, चक्कर आना, बेहोशी, सिरदर्द, उल्टी या मतली आदि लू लगने के लक्षण माने जाते हैं। गर्मियों में ये समस्याएं हीटस्ट्रोक का संकेत हो सकती हैं। लेकिन, कुछ मामलों में लू को जानलेवा भी माना जाता है। इसलिए इन लक्षणों की अनदेखी बिल्कुल न करें।

गर्मी का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां और स्वास्थ्य के लिए परेशानियां भी लेकर आता है। इस मौसम में कोई स्किन, तो कोई पेट की समस्याओं से परेशान रहता है। लेकिन, गर्मी में सबसे आम समस्या है लू लगना यानी हीटस्ट्रोक। ज्यादातर लोग हीटस्ट्रोक को सिर्फ गर्मी से जुड़ी एक आम समस्या मानते हैं, जबकि यह एक बेहद गंभीर और जानलेवा समस्या भी हो सकती है। यानी लू की वजह से किसी व्यक्ति की जान तक जा सकती है। बच्चों, बुजुर्गों, हृदय रोगियों और गर्भवती महिलाओं में लू का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा, जो लोग फील्ड वर्क करते हैं, उनमें हीटस्ट्रोक का रिस्क ज्यादा होता है।

                         

इसलिए हीटस्ट्रोक का समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि कुछ मामलों में इसे जानलेवा भी माना जाता है। आज के अपने इस लेख के माध्यम से हम अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ और प्यारे लाल शर्मा, जिला अस्पताल, मेरठ के मेडिकल ऑफिसर डॉ0 दिव्यांशु सेंगर से जानते हैं कि लू क्या है और यह स्थिति गंभीर कब बनती है?

लू कब बन जाती है जानलेवा?

डॉ0 सेंगर बताते हैं कि ‘शरीर का सामान्य तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस होता है। शरीर पसीने के के द्वारा अपने आपको को कूल बनाए रखता है। लेकिन, जब गर्मी ज्यादा बढ़ जाती है तो शरीर का तापमान भी तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसे में अगर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाता है और तापमान कंट्रोल में नहीं आता है, तो हीट स्ट्रोक यानी लू लगने की स्थिति विकसित हो सकती है।’

डॉ0 सेंगर आगे बताते हैं, ‘लू की स्थिति जानलेवा तब बनती है, जब लू से प्रभावित व्यक्ति को तेज बुखार हो जाता है और उसके शरी का तापमान कम नहीं हो पाता है। या जब त्वचा गर्म या ड्राई हो जाए, चक्कर आने लगे या बेहोशी आ जाए। दरअसल, ऐसे मामलों में मस्तिष्क, हृदय, लिवर और किडनी जैसे अहम अंग प्रभावित हो जाते हैं। ऐसे में अगर इलाज में देरी होती है, तो ये अंग काम करना बंद कर सकते हैं और गंभीर मामलों में व्यक्ति की जान तक भी जा सकती है। इसलिए लू की समस्या को कभी भी सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।’

लू से बचने के उपाय:

                          

लू से बचने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है-

  • लू से बचाव के लिए आपको दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी पीना बहुत जरूरी होता है। यानी शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखना बहुत जरूरी होता है।
  • शरीर को हाइड्रेट बनाए रखने और लू से बचने के लिए नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी आदि पेय पदार्थों का सेवन किया जा सकता है।
  • हालांकि लू से बचाव के लिए आप इलेक्ट्रोलाइट्स ड्रिंक्स का सेवन भी कर सकते हैं, इससे शरीर में मिनरल्स की कमी नहीं होती है और आप अपने आपको हेल्दी महसूस करते हैं।
  • अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन करने से भी बचें, क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
  • दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर खुली धूप में निकलने से बचें। इस समय तेज धूप होती है और गर्म हवा चलती है, इससे आपको लू लग सकती है।
  • अगर बाहर जाना बहुत जरूरी है, तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनकर बाहर जा सकते हैं।
  • सिर को टोपी या छाते से ढककर रखें। आंखों को सुरक्षा देने के लिए चश्मा भी जरूर लगाएं।
  • लू से बचाव के लिए अपनी डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा और संतरा आदि शामिल करें। इन फलों में पानी की मात्रा अधिक होती है, इससे पानी की कमी दूर होती है।
  • लू से बचाव के लिए शरीर को पर्याप्त आराम दें, ताकि शरीर का तापमान नियंत्रण में बना रहे।

लू लगना एक आम समस्या है, लेकिन यह गंभीर और जानलेवा समस्या भी हो सकती है। इसलिए अगर लू के शुरुआती लक्षण नजर आए, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें, क्योंकि, कुछ मामलों में लू लगना या हीटस्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।